Indore , मध्य प्रदेश। परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक प.पू. आचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा. की 57वीं मासिक पुण्यतिथि के पावन अवसर पर किला मैदान स्थित मध्य प्रदेश दृष्टिहीन कल्याण आश्रम में दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) जनों के लिए वस्त्र वितरण एवं सेवा कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह पुण्य कार्यक्रम गुरुदेवश्री की करुणा, अहिंसा और परोपकार की प्रेरणाओं को आत्मसात करते हुए आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य
इस सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि दृष्टिबाधित जनों के प्रति समाज में करुणा, सेवा और सहानुभूति का भाव जागृत किया जाए। संस्था का प्रयास रहा कि आश्रम के निवासियों के जीवन में आत्मबल, संवेदना और आशा का संचार किया जाए।
श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट, इंदौर द्वारा यह कार्यक्रम गुरुदेवश्री के शिष्यों, 7वें वर्षीतप तपस्वी प.पू. मुनिराज पीयूषचंद्र विजयजी म.सा. और ओजस्वी वक्ता प.पू. मुनिराज रजतचंद्र विजयजी म.सा. के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में आयोजित किया गया। संस्था द्वारा ऐसे सेवा कार्य निरंतर समय-समय पर किए जाते रहे हैं, जिससे दृष्टिहीन जनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
कार्यक्रम की रूपरेखा
कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम में निवासरत दृष्टिबाधित बच्चों और वयस्कों से संवाद और स्नेहपूर्ण परिचय से हुई। उपस्थित व्यक्तियों ने उनके साथ आत्मीय संवाद, सहयोग और स्नेह के माध्यम से सेवा भाव का साकार रूप देखा।
वस्त्र वितरण के दौरान आश्रम के निवासियों को सर्दी से सुरक्षा और आधारभूत वस्त्र सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर आश्रमवासियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए।
कार्यक्रम के दौरान यह भी ध्यान रखा गया कि प्रत्येक दृष्टिबाधित व्यक्ति को व्यक्तिगत सम्मान और गरिमा के साथ सेवा प्रदान की जाए। इस सेवा कार्य के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज की हर सेवा गतिविधि में संवेदनशीलता और सहानुभूति का होना आवश्यक है।
प्रमुख अतिथि और योगदान
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी श्री सुभाष जी कांग्रेसा उपस्थित रहे। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की और आश्रमवासियों के जीवन में इस प्रकार की गतिविधियों की महत्ता और प्रभावशीलता पर प्रकाश डाला।
साथ ही उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्य नियमित रूप से किए जाने चाहिए, ताकि दृष्टिबाधित और अन्य जरूरतमंद जनों तक सकारात्मक और सहायक प्रयास पहुंच सकें।
संस्था और पावन प्रेरणा
श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट, इंदौर का उद्देश्य है कि गुरुदेवश्री की करुणा, अहिंसा और परोपकार की शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाए। संस्था की सेवाओं में न केवल वस्त्र वितरण, बल्कि शैक्षणिक सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता और मानसिक सशक्तिकरण जैसे कार्य भी शामिल हैं।
पवित्र पुण्यतिथि के अवसर पर यह सेवा कार्य समाज में संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की भावना को जागृत करने में सहायक रहा। संस्था ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे सेवा कार्य सतत् रूप से किए जाएंगे।
विशेष उल्लेखनीय बिंदु
- इस पुण्यकार्यक्रम के लाभार्थी के रूप में श्रीमती प्रतिभा जी प्रवीण जी जैन पूर्णिमा परिवार कुक्षी वाले, इंदौर रहे। संस्था द्वारा उनका स्वागत और अनुमोदन हर्षपूर्वक किया गया।
- कार्यक्रम में बच्चों और वृद्ध दृष्टिबाधित लोगों के साथ स्नेहपूर्ण संवाद और सामूहिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया।
- यह पहल गुरुदेवश्री की शिक्षा और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई, जिसमें सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश है।
निष्कर्ष
57वीं मासिक पुण्यतिथि पर आयोजित यह सेवा कार्यक्रम नेत्रहीन जनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और सहयोग का प्रतीक बनकर सामने आया। संस्था ने यह स्पष्ट किया कि सेवा कार्य केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक सहायता को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम ने समाज में यह संदेश दिया कि सहानुभूति, संवेदनशीलता और सेवा भावना किसी भी समाज को सशक्त बनाने की कुंजी हैं। इस प्रकार के सतत् सेवा प्रयास नेत्रहीन और अन्य जरूरतमंद जनों के जीवन में आशा और आत्मबल का संचार करते हैं।
श्री राजेन्द्र ऋषभ फाउंडेशन ट्रस्ट और उनके मार्गदर्शकों द्वारा यह सेवा कार्य गुरुदेवश्री की शिक्षाओं को वास्तविक रूप में सामने लाने का प्रयास है। आगामी समय में ऐसे कार्यक्रम समाज में सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करेंगे।
