Jain समाज गौरव भैया सुंदरलाल जी बीड़ी वालों की पंचम पुण्यतिथि पर भक्तांबर विधान श्रद्धा से संपन्न
इंदौर। नगर के गौरवशाली दिगंबर Jain समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, महादानी और निरभिमानी व्यक्तित्व स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी जैन (बीड़ी वाले) की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर आज उदासीन आश्रम, पलासिया स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आत्मिक शांति से परिपूर्ण धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजजनों ने स्वर्गीय भैया जी के पुण्य कार्यों को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
भक्तांबर विधान एवं धार्मिक अनुष्ठान
पुण्यतिथि के अवसर पर स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी के परिवार द्वारा ब्रह्मचारी सुनील भैया के पावन निर्देशन में भक्तांबर विधान, अभिषेक पूजन एवं शांति धारा का आयोजन किया गया। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन प्रारंभ हो गया था। संपूर्ण वातावरण भक्ति, मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक का स्मरण
इस पावन अवसर पर आदिनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष में प्रभु प्रतिमा के समक्ष निर्माण लाडू भी समर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु से विश्व कल्याण, समाज की उन्नति और आत्मिक शांति की कामना की। जैन धर्म के सिद्धांतों के अनुरूप अहिंसा, सत्य और संयम का संदेश दिया गया।
भैया सुंदरलाल जी का समाज के प्रति योगदान
स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी Jain को जैन समाज में एक महादानी, सादगीपूर्ण और सेवा-भाव से ओतप्रोत व्यक्तित्व के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने जीवनभर समाजसेवा, धार्मिक कार्यों और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता दी। उनका जीवन जैन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने कभी भी अपने दान और सेवाओं का प्रचार नहीं किया, बल्कि निस्वार्थ भाव से धर्म और समाज के लिए कार्य करते रहे।
परिवारजनों की भावनात्मक सहभागिता
इस धार्मिक आयोजन में भैया जी की धर्मपत्नी श्रीमती शांति देवी, पुत्र राजीव जैन (बंटी भैया) सहित समस्त बीड़ी वाला परिवार विशेष रूप से उपस्थित रहा। परिवारजनों ने विधिपूर्वक पूजन-अर्चन कर स्वर्गीय भैया जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार की सहभागिता ने आयोजन को और भी भावनात्मक बना दिया।
समाज के वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति
धर्म समाज प्रचारक राजेश Jain दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें श्री नरेंद्र पप्पाजी, आजाद जैन, डॉ. अशोक जैन, डॉ. दीपक जैन, सम्यक जैन, श्रेष्ठ जैन, एन. के. जैन रोडवेज, हेमंत पाटनी, सुरेश कासलीवाल, मनोज बाकलीवाल, श्रीमती रवि देवी, ऋतु जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में व्यक्त किए गए विचार
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी के जीवन, उनके आदर्शों और समाजसेवा को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि भैया जी का जीवन सादगी, त्याग और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण था। उन्होंने समाज को जोड़ने का कार्य किया और धार्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज के युवाओं को भैया सुंदरलाल जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। भौतिकता के इस युग में उनके द्वारा अपनाए गए सादगीपूर्ण जीवन और सेवा भाव को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है। समाज के विकास में युवाओं की भूमिका अहम है और भैया जी का जीवन उन्हें सही दिशा दिखाता है।
मंदिर परिसर में भक्ति और अनुशासन
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में अनुशासन और शांति का विशेष ध्यान रखा गया। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर दर्शन किए और विधि-विधान से पूजन में सहभागिता की। आयोजन समिति द्वारा उत्तम व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
समाज में एकता और समरसता का संदेश
इस आयोजन ने समाज में एकता और समरसता का संदेश दिया। सभी समाजजन एकजुट होकर स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब वह अपने महापुरुषों के आदर्शों को अपनाए और आपसी सहयोग को बढ़ावा दे।
निष्कर्ष
स्वर्गीय भैया सुंदरलाल जी Jain Jain Jain (बीड़ी वाले) की पंचम पुण्यतिथि पर आयोजित भक्तांबर विधान एवं धार्मिक आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम था, बल्कि यह जैन समाज की धार्मिक आस्था, एकता और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण भी रहा। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
