Jabalpur: स्व. प्रदीप कुमार कासलीवाल की 78वीं जयंती पर अमृत सेवा सप्ताह” सेवा समर्पण और मानव कल्याण का संदेश
Jabalpur : दिगम्बर जैन समाज के महान विचारक और प्रेरक, स्व. जैनरत्न श्री प्रदीप कुमार सिंह कासलीवाल की 78वीं जन्म-जयंती के पावन अवसर पर दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन द्वारा 11 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक “अमृत सेवा सप्ताह” का आयोजन किया जाएगा। यह सेवा सप्ताह हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी मानव सेवा, सामाजिक कल्याण और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाएगा।
स्व. कासलीवाल साहब का जीवन हमेशा सेवा और समाजोपयोगी कार्यों से प्रेरित रहा। उनका उद्देश्य था कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा और मानव कल्याण के माध्यम से जोड़कर सकारात्मक बदलाव लाया जाए। उनके जीवन दर्शन और आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष उनका जन्मदिन विशेष रूप से सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
सेवा सप्ताह की रूपरेखा
राष्ट्रीय मीडिया संयोजक नितिन जैन ने बताया कि इस वर्ष सेवा सप्ताह 11 जनवरी से 18 जनवरी तक आयोजित होगा, और 13 जनवरी को विशेष रूप से सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान देशभर में फेडरेशन से जुड़े विभिन्न ग्रुप अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, बाल आश्रमों और अस्पतालों में सेवा और मानव कल्याण की गतिविधियाँ करेंगे।
“अमृत सेवा सप्ताह” के तहत आयोजित गतिविधियों में शामिल हैं:
- अनाथालयों और बाल आश्रमों में सेवा: बच्चों के लिए भोजन वितरण, शिक्षा सामग्री, खेल सामग्री और वस्त्र प्रदान करना।
- वृद्धाश्रमों में सेवा: वृद्ध व्यक्तियों को आवश्यक वस्तुएँ, स्वास्थ्य संबंधी सहायता और मानसिक सहयोग प्रदान करना।
- रुग्ण व्यक्तियों के लिए भोजन वितरण: गरीब और असहाय रोगियों को पोषक भोजन उपलब्ध कराना।
- अस्पतालों में सहायता: मरीजों को अस्पताल में सुविधा प्रदान करना, जरूरतमंदों की मदद करना और उनकी देखभाल में सहयोग करना।
- सामाजिक कल्याण से जुड़े अन्य कार्यक्रम: पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, रक्तदान शिविर और अन्य सेवा संबंधी गतिविधियाँ।
फेडरेशन ने सभी ग्रुपों से आग्रह किया है कि वे कम से कम एक सेवा गतिविधि अवश्य आयोजित करें, ताकि इस सेवा सप्ताह का प्रभाव व्यापक और समाज पर सकारात्मक रूप से पड़ सके।
सेवा सप्ताह का नेतृत्व
इस आयोजन में फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने रीजन अध्यक्षों, सचिवों और प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हर ग्रुप को सेवा गतिविधियाँ आयोजित करने के लिए प्रेरित करें। प्रमुख पदाधिकारी हैं:
- श्रीमती पुष्पा–प्रदीप कुमार जी कासलीवाल – शिरोमणि संरक्षक
- मनोहर–मोहिनी झांझरी – राष्ट्रीय अध्यक्ष
- विनय–अनीता जैन – राष्ट्रीय महासचिव
- अश्विन–रुचि कासलीवाल – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
इन पदाधिकारियों का मानना है कि सेवा सप्ताह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि स्व. कासलीवाल साहब के विचारों और मूल्यों को समाज में जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम है।
सेवा सप्ताह का सामाजिक महत्व
स्व. कासलीवाल साहब ने हमेशा समाज को “मैं से हम की यात्रा” की प्रेरणा दी। उनका मानना था कि व्यक्तिगत जीवन में सेवा और समर्पण ही समाज में स्थायी बदलाव ला सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए “अमृत सेवा सप्ताह” के दौरान देशभर में सेवा गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
सेवा सप्ताह न केवल गरीब, असहाय और रोगियों को लाभ पहुंचाता है, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य में सहानुभूति, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। यह सप्ताह समाज में सहयोग, करुणा और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।
देशभर में सक्रियता
11 जनवरी से 18 जनवरी तक यह सेवा सप्ताह पूरे देश में मनाया जाएगा। फेडरेशन के विभिन्न ग्रुपों द्वारा अनाथालयों, बाल आश्रमों, वृद्धाश्रमों और अस्पतालों में सकारात्मक और प्रभावशाली सेवा गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाएँ और सामाजिक कार्यकर्ता भी इन गतिविधियों में भाग लेंगे।
फेडरेशन ने सभी ग्रुप अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने सेवा कार्यक्रमों की सचित्र और विस्तृत जानकारी क्षेत्रीय अध्यक्षों के माध्यम से व्हाट्सऐप पर साझा करें, ताकि गतिविधियों का समुचित संकलन किया जा सके। इससे पूरे देश में सेवा सप्ताह की व्यापकता और प्रभाव को दर्ज किया जा सकेगा।
सेवा सप्ताह का संदेश
“अमृत सेवा सप्ताह” का सबसे बड़ा संदेश यह है कि सेवा और समाजोपयोगी कार्य केवल एक अवसर या दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारे जीवन का स्थायी आदर्श होना चाहिए। स्व. कासलीवाल साहब ने अपने जीवन में यह संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है यदि वह सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना अपनाए।
फेडरेशन के पदाधिकारी और सदस्य इस संदेश को आगे बढ़ाते हुए समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने का प्रयास कर रहे हैं। सेवा सप्ताह के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर व्यक्ति में सहानुभूति, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव पैदा हो।
निष्कर्ष
स्व. प्रदीप कुमार कासलीवाल की 78वीं जयंती पर आयोजित “अमृत सेवा सप्ताह” केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं है। यह सेवा, समर्पण और मानव कल्याण का प्रतीक है। फेडरेशन के सदस्यों और ग्रुपों के प्रयासों से अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, अस्पतालों और अन्य सामाजिक संस्थानों में सेवा कार्य होंगे।
इस सेवा सप्ताह के माध्यम से समाज में सेवा, करुणा और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलेगा। यह आयोजन स्व. कासलीवाल साहब के आदर्शों और विचारों को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम है। देशभर में आयोजित गतिविधियाँ यह संदेश देंगी कि सेवा और मानव कल्याण केवल किसी व्यक्ति या संगठन का काम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस प्रकार “अमृत सेवा सप्ताह” हर नागरिक को मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है और स्व. कासलीवाल साहब के जीवन और योगदान को यादगार बनाता है।
