Bhopal में गौमांस बवाल: कांग्रेस का बड़ा हमला, मेयर के नार्को टेस्ट की उठी मांग
मध्यप्रदेश की राजधानी Bhopal में गौमांस को लेकर सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। स्लॉटर हाउस से जुड़े कथित गौमांस मामले में कांग्रेस लगातार Bhopal नगर निगम और शहर सरकार पर हमलावर है। पुलिस की एफआईआर और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जहां हिंदू संगठनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, वहीं कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा और नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन करते हुए Bhopal पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मेयर समेत अन्य जिम्मेदारों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की। कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए गौमांस मामले में निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि कांग्रेस डेलिगेशन ने पीले चावल के साथ ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने इसे हिंदुत्व की पहचान बताते हुए कहा कि यह भाजपा के “दिखावटी हिंदुत्व” का जवाब है।
एफआईआर और जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पुलिस की एफआईआर में यह बात साफ तौर पर दर्ज है कि जिन हिंदू संगठनों ने मांस से भरे ट्रक को पकड़ा था, उसमें गौमांस की सप्लाई की जा रही थी। ट्रक को जब्त करने के बाद मांस के सैंपल उत्तर प्रदेश की लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से लिखा है कि मांस में गौमांस पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद Bhopal में इस मामले को लेकर माहौल और ज्यादा गरमा गया है। लगातार हिंदू संगठन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
नार्को टेस्ट की मांग, सियासत तेज
कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस से मांग की कि इस पूरे मामले में स्लॉटर हाउस के संचालक असलम चमड़ा, Bhopal की मेयर मालती राय और उदित गर्ग का नार्को टेस्ट कराया जाए। कांग्रेस का आरोप है कि बिना शीर्ष स्तर की जानकारी और सहमति के इस तरह की घटना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जांच रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि हो चुकी है, तो अब जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गोवंश हिंदू समाज की आस्था का केंद्र है और गाय को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अगर राजधानी में ही गौमांस की सप्लाई हो रही है, तो यह प्रशासन की गंभीर विफलता है और इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्लॉटर हाउस खोलने के प्रस्ताव पर सवाल
कांग्रेस ने अपने ज्ञापन के साथ Bhopal नगर निगम की एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) का संकल्प पत्र भी सौंपा। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इसी संकल्प पत्र के जरिए स्लॉटर हाउस खोलने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस प्रस्ताव पर मेयर मालती राय और उदित गर्ग के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस का कहना है कि इससे साफ होता है कि नगर निगम ने ही स्लॉटर हाउस को संचालन की अनुमति दी और अब वहां गौमांस काटे जाने की घटना की जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदुत्व के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। एक तरफ गाय की राजनीति की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के अधीन संचालित स्लॉटर हाउस में ऐसी गंभीर घटना सामने आ रही है। कांग्रेस ने मांग की कि तत्कालीन आयुक्त, Bhopal महापौर और उस समय की एमआईसी के सभी सदस्यों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई से नहीं चलेगा काम
कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर इस मामले को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारी इस मामले में झूठ बोल रहे हैं और सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय कर बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न्याय नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि इस मामले के सामने आने के बाद Bhopal नगर निगम की परिषद बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। बैठक में भारी हंगामे के बाद मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का फैसला लिया गया।
अब तक हुई कार्रवाई
Bhopal प्रशासन की ओर से अब तक स्लॉटर हाउस में काम करने वाले 8 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इससे पहले एक वेटरनरी डॉक्टर को भी सस्पेंड किया गया था, जिसने मांस को भैंस का बताकर एक्सपोर्ट की अनुमति दी थी। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दिखावटी है और असली दोषियों तक पहुंचने से बचा जा रहा है।
हिंदू संगठनों का आक्रोश जारी
जांच रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि होने के बाद भोपाल में हिंदू संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। कई संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि राजधानी में इस तरह की घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत करती है। कुल मिलाकर, Bhopal में गौमांस का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। कांग्रेस इस मामले में आक्रामक रुख अपनाए हुए है, जबकि भाजपा पर दबाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
