—Advertisement—

23 मौतों के बाद बड़ा फैसला: Indore में बदलेगा पूरा वाटर सिस्टम

Author Picture
Published On: 16 January 2026
Indore
— अब नहीं होगी लापरवाही: इंदौर में पानी की सप्लाई पर सख्त निगरानी

—Advertisement—

Indore भागीरथपुरा त्रासदी से जागा निगम: अब हर पानी की टंकी पर अनिवार्य टेस्टिंग

Indore भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल आपूर्ति के कारण 23 लोगों की मौत की हृदयविदारक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर हादसे के बाद Indore नगर निगम ने अपनी जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर आत्ममंथन करते हुए बड़े और सख्त फैसले लेने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। Indore नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भागीरथपुरा जैसी कोई घटना दोबारा न हो, इसके लिए शहर की पूरी जल आपूर्ति प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसी कड़ी में अब इंदौर की हर पानी की टंकी पर नियमित रूप से पानी की जांच की जाएगी और इसके लिए केमिस्ट की नियुक्ति की जाएगी। Indore नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला भागीरथपुरा हादसे से सबक लेते हुए लिया गया है। दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों ने न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी को उजागर किया, बल्कि जल प्रबंधन प्रणाली की कमियों को भी सामने लाया। Indore नगर निगम अब ऐसी कोई भी चूक दोबारा न हो, इसके लिए जल गुणवत्ता जांच को रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा बनाने जा रहा है।

हर पानी की टंकी पर होगी नियमित जांच

Indore नगर निगम द्वारा तैयार की जा रही नई व्यवस्था के तहत शहर में मौजूद हर पानी की टंकी से सप्लाई होने वाले पानी की नियमित जांच की जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षित केमिस्ट नियुक्त किए जाएंगे, जो तय अंतराल पर पानी के नमूने लेकर उनकी जांच करेंगे। पानी की गुणवत्ता में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल संबंधित क्षेत्र में जल आपूर्ति रोकी जाएगी और सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में आज आयोजित की जा रही Indore महापौर परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखा गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में नगर निगम इस प्रस्ताव पर निर्णय लेकर इसे जल्द लागू करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था स्थायी होगी और केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहेगी।

वाटर ऑडिट की भी तैयारी, IIT Indore को भेजा प्रस्ताव

Indore नगर निगम केवल पानी की टंकियों की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पूरे जल वितरण तंत्र की गहन समीक्षा करने की योजना बना रहा है। इसके तहत शहर का वाटर ऑडिट कराने की तैयारी की जा रही है। इस कार्य के लिए आईआईटी Indore को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि तकनीकी विशेषज्ञता के साथ जल आपूर्ति नेटवर्क का विश्लेषण किया जा सके। वाटर ऑडिट के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि पानी की सप्लाई किन-किन चरणों में दूषित होने की आशंका रहती है, पाइपलाइन और ड्रेनेज सिस्टम में कहां खामियां हैं और किन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत है। इस अध्ययन के आधार पर नगर निगम दीर्घकालिक सुधार योजना तैयार करेगा।

भागीरथपुरा जैसी घटना दोबारा न हो, यही लक्ष्य

Indore नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि भागीरथपुरा की घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि Indore के किसी भी हिस्से में पेयजल और सीवेज लाइन के आपस में मिलने जैसी स्थिति न बने। जहां-जहां पुरानी और जर्जर पाइपलाइन हैं, वहां उन्हें बदलने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। इसके अलावा जल आपूर्ति से जुड़े कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटे।

Indore निगम नहीं देगा अलग से मुआवजा

भागीरथपुरा हादसे में मृतकों के परिजनों को मुआवजे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। कुछ पार्षदों द्वारा महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इस संबंध में चर्चा की गई थी कि Indore नगर निगम को भी मृतकों के परिवारों को मुआवजा देना चाहिए। इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि इंदौर नगर निगम में इस तरह से मुआवजा देने की कोई परंपरा नहीं रही है और ऐसे में निगम की ओर से अलग से मुआवजा देना संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पहले ही प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की जा चुकी है। अधिकांश प्रभावित परिवारों को यह राशि मिल भी चुकी है। ऐसे में अब नगर निगम की ओर से अलग से मुआवजा देने की पहल करना उचित नहीं होगा।

जनस्वास्थ्य सर्वोपरि, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

Indore नगर निगम का कहना है कि इस पूरी घटना के बाद जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पानी जैसी बुनियादी जरूरत में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल आपूर्ति, जांच, निगरानी और शिकायत निवारण—हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। Indore नगर निगम की इस नई पहल से उम्मीद की जा रही है कि Indore में पेयजल व्यवस्था अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। भागीरथपुरा की त्रासदी ने भले ही शहर को गहरे जख्म दिए हों, लेकिन अब प्रशासन का दावा है कि इसी घटना को आधार बनाकर जल प्रबंधन प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को ऐसी कीमत न चुकानी पड़े।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp