MP Weather Today: बर्फीली हवाओं का असर, मध्यप्रदेश में पारा गिरकर 4.6 डिग्री तक पहुंचा, कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
MP Weather
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं का असर मध्यप्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आई है और ठंड का आलम सामान्य से कहीं अधिक है। इस बीच, प्रदेश के उत्तरी जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह दृश्यता घट गई है और रेल एवं सड़क यातायात प्रभावित हो रहे हैं।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, बीती रात शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ ही, शाजापुर, कटनी और मंदसौर में भी तापमान 4.7 से 4.8 डिग्री के बीच रहा। राजधानी भोपाल में रात का तापमान भी सामान्य से कम होकर लगभग 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया। इंदौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा 6.8 डिग्री तक गिर गया।
MP के शहरों में न्यूनतम तापमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:
- शहडोल (कल्याणपुर): 4.6 डिग्री
- शाजापुर: 4.7 डिग्री
- कटनी (करौंदी): 4.8 डिग्री
- मंदसौर: 4.7 डिग्री
- राजगढ़, रीवा, दतिया, पचमढ़ी: लगभग 7 डिग्री
- उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड, रतलाम: 10 डिग्री से नीचे
- भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर: 10 डिग्री से नीचे
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे और ग्रामीण शहरों में तापमान अधिक तेजी से गिरा, जबकि बड़े शहरों में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा अधिक बना रहा।

कोहरे और शीतलहर का असर
MP के उत्तरी जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया हुआ है। ग्वालियर-चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है, जिससे सुबह-सुबह रेल यातायात पर असर पड़ा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इनमें मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित रही।
शीतलहर के कारण ठंड का अहसास और भी तीखा हो गया है। शाजापुर में शीतलहर के चलते ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं मध्यप्रदेश के अन्य उत्तरी हिस्सों में भी लोगों को सुबह-सुबह घर से निकलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
हवाओं और मौसम प्रणाली का वैज्ञानिक कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। यही हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंचकर ठंड और न्यूनतम तापमान में गिरावट का कारण बनी हैं।
इसके अलावा, 16 जनवरी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी प्रदेश में ठंड और कोहरे को बढ़ाया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि यह विक्षोभ मजबूत होता है, तो 20 जनवरी के बाद मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बादल और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।
उत्तर भारत से आने वाली यह बर्फीली हवाएं हर साल जनवरी माह में सबसे ज्यादा असर डालती हैं। पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि जनवरी मध्यप्रदेश के लिए सबसे ठंडा महीना साबित होता है।
छोटे शहरों में अधिक ठंड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, छोटे और मध्यवर्ती शहरों में तापमान तेजी से गिरा है। शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा शहर रहा। इसके अलावा शाजापुर, कटनी और मंदसौर में न्यूनतम तापमान लगभग 4.7–4.8 डिग्री दर्ज किया गया।
राजगढ़, रीवा, दतिया, पचमढ़ी समेत कई शहरों में तापमान लगभग 7 डिग्री के आसपास रहा। उमरिया, नौगांव, मंडला, खजुराहो, सतना, दमोह, सीधी, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मलाजखंड और रतलाम जैसे जिलों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ था।
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में तापमान अपेक्षाकृत थोड़ा अधिक रहा, लेकिन यह भी सामान्य से कम था। इंदौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया।
रेल यातायात पर कोहरे का असर
कोहरे और शीतलहर का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। ग्वालियर-चंबल अंचल सहित उत्तरी जिलों में सुबह दृश्यता कम होने के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली प्रमुख ट्रेनें प्रभावित हैं।
- मालवा एक्सप्रेस
- झेलम एक्सप्रेस
- सचखंड एक्सप्रेस
इन ट्रेनों को भी देर से चलना पड़ा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा और समय का ध्यान रखें।
जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड
मध्यप्रदेश में इस साल की सर्दी ने नवंबर और दिसंबर में ही कई रिकॉर्ड तोड़े थे। जनवरी माह की शुरुआत में भी ठंड का रुख जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिसंबर और जनवरी के दौरान उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाएं सबसे ज्यादा असर डालती हैं।
इस अवधि में अक्सर शीतलहर, घना कोहरा और कभी-कभी हल्की बारिश या मावठा देखने को मिलता है। पिछली कई जनवरी रिपोर्ट्स के आंकड़े भी यही संकेत देते हैं कि जनवरी माह प्रदेश के लिए सबसे ठंडा महीना होता है।
भविष्य का मौसम अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 जनवरी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत तक प्रभावित होगा। यदि यह विक्षोभ मजबूत होता है, तो 20 जनवरी के बाद प्रदेश में हल्की बारिश और बादल आने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान सड़कों और रेल मार्गों पर कोहरे और ठंड से अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। सुबह-सुबह या शाम के समय यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना चाहिए।
सावधानियाँ और सुझाव
- सुबह और रात में घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें।
- कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए समय से पहले यात्रा की योजना बनाएं।
- बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म पेय और कंबल का उपयोग करें।
- गाड़ियों और मोटरसाइकिल का उपयोग करते समय सावधानी बरतें, विशेषकर सुबह-सुबह दृश्यता कम होने पर।
- मौसम विभाग की वेबसाइट या स्थानीय समाचार चैनलों के माध्यम से अपडेटेड मौसम रिपोर्ट देखते रहें।
निष्कर्ष
उत्तर भारत से आती बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्यप्रदेश में ठंड का प्रभाव सामान्य से कई गुना अधिक है। छोटे और बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिरा है। उत्तरी जिलों में घना कोहरा और शीतलहर का असर जारी है।
जनवरी के इस महीने में ठंड के साथ ही कोहरे और कभी-कभी हल्की बारिश या मावठा देखने को मिल सकता है। यात्रियों और आम लोगों को सावधानी और गर्म कपड़ों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
