Iran संकट में भारत का बड़ा कदम: फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारी, पहला विमान कल संभव
Iran में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने Iran में मौजूद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए आपातकालीन निकासी अभियान (Emergency Evacuation Operation) शुरू करने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो पहला विशेष विमान 24 घंटे के भीतर भारत के लिए रवाना हो सकता है, जिससे सैकड़ों भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकेगी।
Iran में क्यों पैदा हुए संकट जैसे हालात?
बीते कुछ दिनों से Iran में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। क्षेत्रीय संघर्ष, सुरक्षा चिंताएं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते कई शहरों में अनिश्चितता का माहौल है। हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया है या उनके मार्ग बदल दिए गए हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक Iran में फंस गए हैं। Iran में फंसे भारतीयों में छात्र, व्यवसायी, तकनीकी पेशेवर, धार्मिक तीर्थयात्री और पर्यटक शामिल हैं। कई लोग इलाज, पढ़ाई या काम के सिलसिले में वहां गए थे, लेकिन अचानक बदले हालात के कारण वे लौट नहीं पा रहे हैं।
भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई
हालात की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। विदेश मंत्रालय ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को निर्देश दिया है कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर निकासी प्रक्रिया को तेज करे। इसके साथ ही आसपास के देशों में मौजूद भारतीय मिशनों को भी सतर्क किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल किया जा सके।
पहला विमान कब उड़ान भरेगा?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मौसम और सुरक्षा हालात अनुकूल रहे तो पहला विशेष विमान कल Iran से उड़ान भर सकता है। इस विमान में प्राथमिकता के आधार पर नागरिकों को शामिल किया जाएगा। पहले चरण में
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महिलाएं और बच्चे
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बुजुर्ग नागरिक
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छात्र
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बीमार और विशेष जरूरतों वाले लोग
को स्वदेश लाया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य नागरिकों को भी भारत वापस लाया जाएगा।
कितने भारतीय नागरिक हैं Iran में?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, Iran में लगभग 10,000 से 12,000 भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या मेडिकल और धार्मिक शिक्षा से जुड़े छात्रों की है, जबकि कुछ लोग व्यापार और रोजगार के सिलसिले में वहां लंबे समय से रह रहे हैं। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी लोकेशन, पासपोर्ट डिटेल और संपर्क जानकारी दूतावास के साथ साझा करें, ताकि निकासी प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।
भारतीय दूतावास की सक्रिय भूमिका
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास 24 घंटे सक्रिय मोड में काम कर रहा है। दूतावास की ओर से कई एडवाइजरी जारी की गई हैं, जिनमें भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि वे:
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भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें
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किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें
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स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
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केवल आधिकारिक चैनलों से मिली जानकारी पर भरोसा करें
दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की हैं, जिनके जरिए नागरिक किसी भी आपात स्थिति में संपर्क कर सकते हैं।
परिजनों में बढ़ी उम्मीद
भारत में मौजूद परिजनों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है। कई परिवार पिछले कुछ दिनों से अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे। सोशल मीडिया पर मदद की अपीलें और भावुक संदेश लगातार सामने आ रहे थे। सरकार के इस फैसले के बाद परिजनों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके प्रियजन सुरक्षित भारत लौट आएंगे। कई लोगों ने सरकार और विदेश मंत्रालय का आभार भी जताया है।
पहले भी कर चुका है भारत ऐसे सफल ऑपरेशन
यह पहली बार नहीं है जब भारत सरकार ने संकट के समय अपने नागरिकों को विदेशी धरती से सुरक्षित निकाला हो। इससे पहले:
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ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से हजारों भारतीय छात्रों को निकाला गया
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अफगानिस्तान में तालिबान संकट के दौरान नागरिकों को सुरक्षित लाया गया
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सूडान और इजराइल जैसे संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से भी भारतीयों को वापस लाया गया
इन अभियानों में भारतीय वायुसेना और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की अहम भूमिका रही है। सरकार का दावा है कि Iran में भी निकासी अभियान पूरी तरह सुरक्षित और सुनियोजित तरीके से किया जाएगा।
