Indore । MP के आर्थिक केंद्र इंदौर में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल आकार लेती नजर आ रही है। शहर की प्रतिष्ठित और वर्षों से बंद पड़ी Hukumchand Mil की लगभग 17.52 हेक्टेयर (करीब 43 एकड़) भूमि पर एक आधुनिक ‘Mini City’ विकसित करने की योजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर देश के पांच नामी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स ने अपनी रुचि दिखाई है और विस्तृत विकास प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।
अब इन प्रस्तावों के आधार पर राज्य सरकार यह तय करेगी कि हुकमचंद मिल की ऐतिहासिक जमीन पर भविष्य का यह नया शहरी मॉडल किस डेवलपर के जरिए साकार होगा।
गृह निर्माण मंडल और नगर निगम की साझेदारी से मिली जमीन
Hukumchand Mil की जमीन मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल (MP Housing Board) ने इंदौर नगर निगम के साथ साझेदारी में अपने अधीन ली है। यह जमीन लंबे समय तक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझी रही थी, जिसका सबसे बड़ा कारण मिल के श्रमिकों की लंबित देनदारियां थीं।
सरकार और गृह निर्माण मंडल ने इस जटिल समस्या का समाधान करते हुए मिल मजदूरों की करीब 465 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान किया। इसके बाद नगर निगम से इस जमीन की विधिवत रजिस्ट्री गृह निर्माण मंडल के नाम कराई गई। इसके साथ ही दशकों पुराना विवाद समाप्त हुआ और जमीन के विकास का रास्ता साफ हुआ।
जमीन उपयोग को लेकर सरकार का स्पष्ट रोडमैप
राज्य सरकार ने हुकमचंद मिल की जमीन के उपयोग को लेकर पहले ही नीतिगत फैसला ले लिया है। इसके तहत—
- 60 प्रतिशत भूमि का उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) गतिविधियों के लिए किया जाएगा
- 40 प्रतिशत भूमि का उपयोग आवासीय (रेजिडेंशियल) परियोजनाओं के लिए होगा
इस संतुलन का उद्देश्य केवल व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि आवास, रोजगार और शहरी सुविधाओं का एकीकृत मॉडल तैयार करना है।
EOI जारी कर देशभर के डेवलपर्स से मांगे गए प्रस्ताव
इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए गृह निर्माण मंडल ने हाल ही में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया था। इसके माध्यम से देशभर के अनुभवी और सक्षम डेवलपर्स से यह पूछा गया कि वे—
- कमर्शियल भूमि पर किस तरह के प्रोजेक्ट (मॉल, होटल, ऑफिस स्पेस, मल्टीप्लेक्स आदि) विकसित करना चाहते हैं
- आवासीय भूमि पर किस प्रकार की हाउसिंग स्कीम (हाईराइज, मिड-इनकम, अफोर्डेबल हाउसिंग आदि) प्रस्तावित है
सोमवार को प्राप्त सभी प्रस्तावों को औपचारिक रूप से खोला गया।
इन 5 बड़े डेवलपर्स ने दिखाई दिलचस्पी
गृह निर्माण मंडल को कुल पांच डेवलपर्स के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो देश और प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स का अनुभव रखते हैं। इनमें शामिल हैं—
- श्री गोविंद कंस्ट्रक्शन एंड कंसल्टेंसी कंपनी – Pune
- डिलिजेंट होटल कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड – Bhopal
- विशाल रिजॉर्ट एंड होटल प्राइवेट लिमिटेड – Indore
- रियल एस्टेट डेवलपर महेश परिमानी – Ujjain
- कल्याण टोल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड – Indore
इन सभी प्रस्तावों का तकनीकी, वित्तीय और शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार यह तय करेगी कि किस डेवलपर का विजन सरकार की शहरी विकास नीति के अनुरूप है।
शॉपिंग मॉल, होटल और हाईराइज इमारतों का प्रस्ताव
जब इस जमीन के विकास पर प्रारंभिक चर्चा शुरू हुई थी, तब जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठकों में कई सुझाव सामने आए थे। इनमें प्रमुख रूप से कहा गया था कि—
- कमर्शियल हिस्से में बड़े शॉपिंग मॉल, होटल, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएं
- आवासीय हिस्से में हाईराइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स बनाकर अधिक से अधिक लोगों को आधुनिक आवास उपलब्ध कराया जाए
इससे न केवल शहर को एक नया व्यावसायिक केंद्र मिलेगा, बल्कि ट्रैफिक, रोजगार और आवास की समस्याओं का भी समाधान होगा।
निजी भागीदारी से होगा पूरा विकास
गृह निर्माण मंडल पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वह इस जमीन पर खुद निर्माण कार्य नहीं करेगा। इसके बजाय पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मॉडल) के तहत निजी डेवलपर्स को भागीदार बनाया जाएगा। इससे—
- सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा
- आधुनिक तकनीक और बेहतर डिजाइन को बढ़ावा मिलेगा
- परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी
EOI इसी उद्देश्य से जारी किया गया था ताकि सबसे बेहतर और व्यवहारिक प्रस्ताव का चयन किया जा सके।
Indore के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है परियोजना
Hukumchand Mil की जमीन पर बनने वाली यह ‘मिनी सिटी’ इंदौर के शहरी परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकती है। यह इलाका भविष्य में—
- नया कमर्शियल हब
- रोजगार का बड़ा केंद्र
- आधुनिक आवासीय क्षेत्र
- और स्मार्ट सिटी मॉडल का उदाहरण
बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से इंदौर की रियल एस्टेट वैल्यू और निवेश क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा।
अब सबकी नजरें सरकार के फैसले पर
फिलहाल सभी प्रस्तावों पर राज्य सरकार स्तर पर मंथन किया जा रहा है। सरकार जिस डेवलपर के विजन, निवेश क्षमता और शहरी नियोजन को सबसे उपयुक्त मानेगी, उसी को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
Hukumchand Mil की वर्षों से उपेक्षित जमीन अब इंदौर के भविष्य की पहचान बनने की ओर बढ़ रही है। आने वाले समय में यह परियोजना शहर के विकास की नई कहानी लिख सकती है।

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