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MP पुलिस अफसरों के लिए राहत, CAT ने कैडर रिव्यू में देरी पर लगाई फटकार

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Published On: 13 January 2026
MP Police Officers Get Relief: CAT Orders Completion of Delayed Cadre Review
— MP Police Officers Get Relief: CAT Orders Completion of Delayed Cadre Review

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MP के पुलिस अफसरों के लिए खुशखबरी: CAT ने प्रमोशन में देरी को लेकर सरकार को सख्त चेतावनी दी

जबलपुर: MP के पुलिस अफसरों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), जबलपुर ने केंद्र और राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वे लंबित पुलिस कैडर रिव्यू प्रक्रिया को तुरंत पूरा करें। इस आदेश के साथ ही सालों से लंबित प्रमोशन और इंडक्शन के रास्ते अब साफ हो गए हैं। CAT ने स्पष्ट किया कि पुलिस कैडर रिव्यू हर पांच साल में होना कोई औपचारिकता या वैकल्पिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सरकार की कानूनी और संवैधानिक जिम्मेदारी है।

यह आदेश मध्य प्रदेश पुलिस एसोसिएशन की याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने बताया था कि पिछले 20 वर्षों से कैडर रिव्यू में लगातार देरी हो रही है। इस देरी की वजह से राज्य के योग्य अधिकारी समय पर प्रमोशन और इंडक्शन से वंचित हो रहे हैं। पुलिस एसोसिएशन ने यह भी बताया कि अन्य राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश के अधिकारी पीछे रह गए हैं, जिससे कैरियर में असमानता पैदा हुई है।

CAT की बेंच, जिसमें श्रीमती मालिनी अय्यर और श्री अखिल कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं, ने अपने आदेश में कहा कि इस लंबित प्रक्रिया के कारण अधिकारियों के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत मिलने वाले समानता और प्रमोशन के अधिकार प्रभावित होते हैं। बेंच ने इसे अधिकारियों के भविष्य से खिलवाड़ बताया और केंद्र व राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी।

पुलिस अधिकारियों के करियर पर असर

MP के पुलिस अधिकारियों के लिए पिछले कई सालों से कैरियर की अनिश्चितता बनी हुई थी। भारतीय पुलिस सेवा (कैडर) नियम, 1954 के अनुसार, प्रत्येक पांच साल में पुलिस कैडर रिव्यू करना अनिवार्य है, ताकि योग्य अधिकारियों को समय पर प्रमोशन और कैरियर की प्रगति मिल सके।

लेकिन मध्य प्रदेश में इस नियम का पालन नहीं किया गया, जिससे कई अधिकारी वर्षों तक अपनी स्थिति में स्थिर रहे और उच्च पदों पर प्रोन्नति से वंचित रहे। CAT ने कहा कि इस देरी का सबसे बड़ा नुकसान उन अधिकारियों को हुआ है जो 56 वर्ष की उम्र के करीब हैं। यदि रिव्यू प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं होती, तो उनके लिए उच्च पदों में इंडक्शन का मौका हमेशा के लिए समाप्त हो सकता था।

सरकार को CAT का आदेश

CAT ने केंद्र और राज्य सरकार को 120 दिनों के भीतर सभी लंबित कैडर रिव्यू पूरी करने का आदेश दिया। बेंच ने कहा कि यह प्रक्रिया किसी भी हाल में विलंबित नहीं हो सकती और इसे औपचारिकता के तौर पर नहीं टाला जा सकता।

अधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि कैडर रिव्यू एक कानूनी और संवैधानिक दायित्व है और इसमें कोई सुस्ती या लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। अगर सरकार आदेश का पालन नहीं करती है तो इसे अधिकारियों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।

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CAT के कानूनी दृष्टिकोण

CAT ने कहा कि कैडर रिव्यू में देरी केवल प्रमोशन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि वरिष्ठता और अधिकारों में असमानता भी पैदा करती है। अन्य राज्यों में समय पर रिव्यू होने से अधिकारी आगे बढ़ गए, जबकि मध्य प्रदेश के योग्य अधिकारी पिछड़ गए।

बेंच ने कहा कि हर रिव्यू में सेवा रिकॉर्ड, प्रदर्शन और वरिष्ठता का पूरा मूल्यांकन होना चाहिए और सभी अधिकारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। किसी भी तरह की देरी या पक्षपात, अधिकारियों के अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा।

अधिकारियों के लिए राहत

मध्य प्रदेश पुलिस एसोसिएशन ने CAT के आदेश का स्वागत किया और इसे ऐतिहासिक राहत बताया। वकील पंकज दुबे और आदित्य खंडेलवाल ने कहा कि अब अधिकारियों को अपने प्रमोशन और कैरियर प्रगति में न्याय मिलेगा।

इस आदेश से यह भी सुनिश्चित होता है कि योग्य अधिकारियों को अब किसी प्रशासनिक सुस्ती के कारण अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

मामले का पृष्ठभूमि

बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश में कैडर रिव्यू लगातार विलंबित रहा है। नियम होने के बावजूद, कई सरकारें इसे समय पर नहीं कर पाईं। इसका असर यह हुआ कि योग्य अधिकारी अपनी सेवा अवधि पूरी करने के बाद भी पदोन्नति और इंडक्शन से वंचित रहे।

मध्य प्रदेश पुलिस एसोसिएशन ने इस समस्या को अदालत में उठाया और कहा कि यह अधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। CAT ने इस याचिका को न्यायसंगत ठहराया और आदेश जारी किया।

CAT आदेश का महत्व

इस आदेश के जरिए यह स्पष्ट हो गया कि सरकारी दायित्वों में सुस्ती स्वीकार्य नहीं है। यदि किसी सरकारी प्रक्रिया में लंबितियां हों और यह अधिकारियों के अधिकारों को प्रभावित करे, तो यह संविधान और कानून के खिलाफ है।

120 दिनों की समयसीमा निर्धारित करके CAT ने यह सुनिश्चित किया कि लंबित प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए। अब अधिकारी अपनी सेवा अवधि और योग्यताओं के आधार पर प्रमोशन और इंडक्शन के हकदार होंगे।

निष्कर्ष

CAT, जबलपुर का यह आदेश मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के लिए ऐतिहासिक और राहत देने वाला है। इससे न केवल लंबे समय से लंबित कैडर रिव्यू प्रक्रिया पूरी होगी, बल्कि अधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा भी होगी।

इस आदेश के बाद अधिकारी अब प्रशासनिक सुस्ती के कारण अपने प्रमोशन से वंचित नहीं रहेंगे और न्यायसंगत प्रक्रिया के तहत उनकी करियर प्रगति सुनिश्चित होगी। यह आदेश अन्य राज्यों और सरकारी संस्थाओं के लिए भी उदाहरण है कि कानूनी दायित्वों को समय पर पूरा करना अनिवार्य है।

इस फैसले से मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को उम्मीद की नई किरण मिली है और उनकी मेहनत और सेवा को न्याय मिलेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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