MP के ‘माउंटेन मैन’ Ankit Sen का ऐतिहासिक कारनामा, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर जब पूरा देश युवा दिवस मना रहा है, तब मध्य प्रदेश से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के छोटे से गांव से निकलकर दुनिया के तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने वाले पर्वतारोही Ankit Sen ने एक नया इतिहास रच दिया है। अपनी इस असाधारण उपलब्धि के साथ अंकित सेन का नाम अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। ‘माउंटेन मैन’ के नाम से मशहूर Ankit Senआज युवाओं के लिए संघर्ष, समर्पण और देशभक्ति की जीवंत मिसाल बन चुके हैं।
छोटे गांव से वैश्विक पहचान तक का सफर
Ankit Sen मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र के एक बेहद छोटे और साधारण गांव के निवासी हैं। सीमित संसाधन, ग्रामीण परिवेश और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद अंकित ने बड़े सपने देखने का साहस किया। जहां अधिकतर युवा परिस्थितियों से समझौता कर लेते हैं, वहीं अंकित ने कठिन रास्ता चुनते हुए पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपना भविष्य तलाशा। Ankit का कहना है कि पहाड़ों के प्रति उनका लगाव बचपन से ही रहा, लेकिन पर्वतारोही बनने का सपना देखना और उसे साकार करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। आर्थिक कठिनाइयों, प्रशिक्षण की कमी और संसाधनों के अभाव के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

2014 से शुरू हुआ संघर्ष और उपलब्धियों का सफर
Ankit Sen ने वर्ष 2014 से पर्वतारोहण के क्षेत्र में कदम रखा। उन्होंने पहले बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स और फिर एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। लगातार प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और मानसिक दृढ़ता के बल पर अंकित ने एक-एक कर ऊंची चोटियों को फतह करना शुरू किया। Ankit बताते हैं कि पर्वतारोहण सिर्फ ताकत का नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास का खेल है। हर चढ़ाई उन्हें खुद से लड़ना सिखाती गई और हर सफलता ने उनके हौसलों को और मजबूत किया।
2017 में पहली बार फहराया तिरंगा
Ankit Sen के जीवन का एक अहम मोड़ वर्ष 2017 में आया, जब उन्होंने उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय स्थित माउंट जोगिन पर पहली बार भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। यह पल उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य बन गया। इसी क्षण उन्होंने तय कर लिया कि वह केवल पर्वतारोहण नहीं करेंगे, बल्कि दुनिया के सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराएंगे।
तीन महाद्वीपों की ऊंची चोटियों पर तिरंगे की शान
अपने इसी संकल्प को पूरा करते हुए Ankit Sen ने अब तक दुनिया के तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया है।
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अफ्रीका महाद्वीप: 26 जनवरी 2023 को अंकित ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर वहां तिरंगा लहराया। यह दिन उनके लिए देशभक्ति और गर्व का प्रतीक बन गया।
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यूरोप महाद्वीप: इसके बाद उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर चढ़ाई कर भारतीय ध्वज फहराया।
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ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप: अंकित ने ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट कोसियस्जको पर भी तिरंगे को शान से लहराया।
इन तीनों महाद्वीपों में तिरंगा फहराकर अंकित सेन ने न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया।
एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज
Ankit Sen की इन ऐतिहासिक उपलब्धियों को देखते हुए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह सम्मान उनके वर्षों के संघर्ष, मेहनत और अटूट संकल्प का प्रमाण है।
इस उपलब्धि के बाद जबलपुर की संस्कारधानी ही नहीं, बल्कि पूरा मध्य प्रदेश खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
अब लक्ष्य: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट
तीन महाद्वीपों की चोटियों पर विजय के बाद Ankit Sen अब अपने सबसे बड़े सपने की ओर बढ़ रहे हैं। उनका अगला लक्ष्य है दुनिया और चौथे महाद्वीप एशिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना।
इस चुनौतीपूर्ण अभियान की तैयारी के लिए Ankit Sen हिमाचल प्रदेश में विशेष प्रशिक्षण लेने जा रहे हैं। ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक ठंड और जानलेवा परिस्थितियों से निपटने के लिए वह खुद को पूरी तरह तैयार कर रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने Ankit Sen
Ankit Sen का मानना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों, तो कोई भी राह कठिन नहीं होती। वे कहते हैं, सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए इंसान लगातार मेहनत करता है। असफलताएं आती हैं, लेकिन उनसे डरने के बजाय उनसे सीखना जरूरी है। युवा दिवस के अवसर पर Ankit Sen की यह कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं।
