—Advertisement—

ICC इवेंट्स पर संकट: T20 World Cup 2026 से पहले विवाद, बांग्लादेश का भारत आने से इनकार

Author Picture
Published On: 12 January 2026
ICC
— बांग्लादेश के फैसले से बढ़ा बवाल, ICC और BCB आमने-सामने

—Advertisement—

सुरक्षा या सियासत? जब ICC टूर्नामेंट में खेलने से पीछे हटीं दिग्गज टीमें

T20 World Cup 2026 से पहले एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सुरक्षा और कूटनीति का मुद्दा चर्चा में है। हाल ही में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया है। बोर्ड ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है और अपने मुकाबलों को किसी तटस्थ स्थान, खासतौर पर श्रीलंका में कराने की मांग की है। हालांकि यह मामला नया जरूर है, लेकिन क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी टीम ने ICC टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना किया हो। इससे पहले भी कई बार राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक अस्थिरता और सुरक्षा चिंताओं ने खेल को पीछे धकेला है। ऐसे फैसलों का असर सिर्फ अंक तालिका तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मेजबान देश की अंतरराष्ट्रीय छवि और आईसीसी की साख पर भी सवाल खड़े करता है।

क्रिकेट और राजनीति का पुराना रिश्ता

क्रिकेट को अक्सर जेंटलमैन गेम कहा जाता है, लेकिन इतिहास गवाह है कि यह खेल कई बार राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं का शिकार रहा है। जब किसी देश में आतंरिक अशांति, आतंकवादी घटनाएं या राजनीतिक संकट होता है, तो विदेशी टीमें वहां खेलने से कतराने लगती हैं। ICC टूर्नामेंट्स जैसे बड़े इवेंट्स में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि यहां हर मैच का सीधा असर टूर्नामेंट के संतुलन पर पड़ता है।

ICC
      बांग्लादेश के फैसले ने याद दिलाए पुराने ICC विवाद

ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज (1996 वर्ल्ड कप)

1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका कर रहे थे। टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले कोलंबो में हुए बम धमाके ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका में अपना लीग मैच खेलने से साफ इनकार कर दिया। ICC ने ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड को मनाने की काफी कोशिश की, लेकिन टीम अपने फैसले पर अडिग रही। नतीजतन श्रीलंका को बिना खेले ‘वॉकओवर’ मिल गया। यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले से प्रेरित होकर वेस्टइंडीज ने भी श्रीलंका जाकर मैच खेलने से इनकार कर दिया। दिलचस्प बात यह रही कि इन्हीं वॉकओवर मैचों ने श्रीलंका की सेमीफाइनल तक की राह आसान कर दी और अंततः टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की।

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड (2003 वर्ल्ड कप)

2003 वर्ल्ड कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने संयुक्त रूप से की थी। उस समय जिम्बाब्वे राजनीतिक संकट, मानवाधिकार उल्लंघन और आंतरिक अशांति से जूझ रहा था। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इन परिस्थितियों को देखते हुए हरारे में अपना मैच खेलने से मना कर दिया। इंग्लैंड के इस फैसले की काफी आलोचना हुई, लेकिन बोर्ड ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी। इसका खामियाजा टीम को टूर्नामेंट से बाहर होकर भुगतना पड़ा, क्योंकि उन्हें उस मैच के अंक नहीं मिले। इसी वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने भी केन्या की राजधानी नैरोबी में सुरक्षा कारणों से खेलने से इनकार कर दिया था, जिससे केन्या को वॉकओवर मिला और वह सेमीफाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहा।

2008 चैंपियंस ट्रॉफी और पाकिस्तान

2008 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान को सौंपी गई थी। लेकिन देश में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और आतंकी घटनाओं के चलते ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया।स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि ICC को टूर्नामेंट स्थगित करना पड़ा। अंततः यह टूर्नामेंट 2009 में पाकिस्तान से हटाकर दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया। इस घटना के बाद पाकिस्तान को लंबे समय तक अपने घरेलू मैदानों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से वंचित रहना पड़ा।

बांग्लादेश और T20 वर्ल्ड कप 2026

ताजा मामला T20 वर्ल्ड कप 2026 का है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार कर दिया है। BCB ने ICC से मांग की है कि उनके मुकाबलों को किसी तटस्थ स्थान, खासकर श्रीलंका में शिफ्ट किया जाए। हालांकि ICC ने शुरुआती स्तर पर इस मांग को खारिज कर दिया है और भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा जताया है, लेकिन बांग्लादेशी बोर्ड अब भी अपने फैसले पर अड़ा हुआ है। इस मुद्दे ने क्रिकेट कूटनीति में नई बहस छेड़ दी है और दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

ICC के सामने बड़ी चुनौती

इस तरह के बहिष्कार ICC के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं। एक ओर खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, तो दूसरी ओर टूर्नामेंट की निष्पक्षता और व्यावसायिक हित भी जुड़े होते हैं। किसी टीम के मैच न खेलने से ग्रुप समीकरण बिगड़ जाते हैं और अन्य टीमों को अप्रत्यक्ष लाभ या नुकसान होता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp