स्वच्छता में ही नहीं, शराब पीने में भी Indore बना नंबर वन, राज्य सरकार ने कमाए 3,700 करोड़ रुपए
Indore ।
स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में देशभर में मिसाल कायम करने वाला शहर Indore अब शराब खपत के मामले में भी मध्यप्रदेश में पहले स्थान पर पहुँच गया है। वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इंदौरवासियों ने शराब खरीदने के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
आबकारी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में शहर में कुल 6.17 करोड़ लीटर शराब बेची गई, जिसकी कुल बाजार कीमत लगभग 3,731 करोड़ रुपए रही। इस भारी बिक्री से न केवल मदिरा प्रेमियों ने नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि राज्य सरकार के राजस्व खजाने में भी बड़ी रकम जमा हुई।
चार साल में बिक्री में जबरदस्त उछाल
भले ही पिछले एक साल में वृद्धि का प्रतिशत केवल 0.41% रहा हो, लेकिन पिछले चार वर्षों के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं।
- वर्ष 2021 में शहर में शराब की कुल बिक्री लगभग 3.55 लाख लीटर थी।
- वर्ष 2025 तक यह बढ़कर 6.17 करोड़ लीटर तक पहुँच गई।
इस चार वर्षों के अंतराल में शराब की मांग में लगभग 73.5% की जबरदस्त वृद्धि देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वृद्धि शहर की बदलती जीवनशैली, बढ़ती आबादी और शहरीकरण की ओर इशारा करती है।
विशेष रूप से युवाओं और शहरी परिवारों में शराब के प्रति बढ़ती रुचि और आधुनिक जीवनशैली के कारण शराब की खपत लगातार बढ़ रही है।
आबकारी विभाग की रिपोर्ट
आबकारी विभाग की ताजा सांख्यिकीय रिपोर्ट में बताया गया कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच इंदौर जिले में कुल 6 करोड़ 17 लाख 22 हजार 561 लीटर मदिरा की खपत दर्ज की गई।
- वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 6 करोड़ 14 लाख 67 हजार 738 लीटर था।
- इस प्रकार बीते एक वर्ष में शराब की कुल बिक्री में 2 लाख 54 हजार 823 लीटर की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट में देसी मदिरा, विदेशी शराब और बियर की सभी श्रेणियां शामिल की गई हैं।
विदेशी शराब और बियर की मांग में तेज वृद्धि
Indore में उपभोक्ताओं का रुझान अब देसी मदिरा से विदेशी शराब और बियर की ओर बढ़ रहा है।
- वर्ष 2025 में विदेशी शराब की खपत 1.39 करोड़ लीटर रही।
- सबसे अधिक खपत बियर की 3.30 करोड़ लीटर दर्ज की गई।
पिछले वर्ष की तुलना में, विदेशी शराब की बिक्री में 8% और बियर की बिक्री में 19% की बढ़ोतरी हुई। बियर की मांग में 52.25 लाख लीटर का उल्लेखनीय उछाल आया, जो युवाओं और शहरी आबादी के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बियर की बढ़ती खपत शहर की युवा पीढ़ी की बदलती पसंद और जीवनशैली का संकेत है।
देसी शराब बिक्री में भारी गिरावट
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि इंदौर में देसी शराब की खपत घट रही है।
- वर्ष 2025 में देसी शराब की बिक्री 1.48 करोड़ लीटर रही।
- वर्ष 2024 में यह 2.08 करोड़ लीटर थी।
सिर्फ एक वर्ष में बिक्री में 60 लाख लीटर की कमी आई, जो लगभग 29% की गिरावट दर्शाती है। यह पिछले चार वर्षों में सबसे न्यूनतम स्तर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं का रुझान अब देसी शराब से हटकर विदेशी शराब और बियर की ओर बढ़ा है।
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Indore की बदलती शराब संस्कृति
शहर की शराब खपत में हुए इस बदलाव से यह स्पष्ट होता है कि इंदौरवासियों की शराब पीने की आदत में बदलाव और शहरीकरण का असर दिख रहा है।
- विदेशी शराब और बियर की बढ़ती खपत शहर की युवा आबादी की बदलती जीवनशैली को दर्शाती है।
- देसी शराब की घटती खपत यह संकेत देती है कि लोग अब अधिक ब्रांडेड और आधुनिक शराब विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
आबकारी विभाग का कहना है कि शराब की बढ़ती बिक्री से राजस्व में भी बड़ी वृद्धि हुई है। 2025 में इंदौर से राज्य सरकार के राजस्व खजाने में लगभग 3,700 करोड़ रुपए जमा हुए, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में भी सरकारी खर्च को बढ़ावा मिला।
स्वास्थ्य और जागरूकता
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि शराब की बढ़ती खपत के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
- मध्यम मात्रा में शराब का सेवन भी लिवर, हृदय और पाचन तंत्र पर असर डाल सकता है।
- युवाओं को सलाह दी जाती है कि शराब पीने से पहले विटामिन और शुगर लेवल की जांच कर लें।
- मधुमेह और हृदय रोगी शराब का सेवन निषेध करें।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, ताकि शराब की खपत के दुष्प्रभावों से लोगों को बचाया जा सके।
निष्कर्ष
Indore न केवल स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में देशभर में मिसाल कायम कर रहा है, बल्कि शराब की खपत के मामले में भी राज्य में नंबर वन बन गया है।
- कुल 6.17 करोड़ लीटर शराब की खपत और 3,700 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व इंदौर की शराब संस्कृति और आर्थिक योगदान को दर्शाता है।
- शहर में विदेशी शराब और बियर की बढ़ती मांग, देसी शराब की घटती खपत और युवाओं के बदलते पसंदीदा विकल्प शहर की बदलती जीवनशैली और शहरीकरण की ओर इशारा करते हैं।
विशेषज्ञों और आबकारी विभाग के आंकड़े यह भी बताते हैं कि शराब की बढ़ती खपत के साथ स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी का पालन करना जरूरी है।
इंदौर की यह रिपोर्ट साबित करती है कि यह शहर स्वच्छता, आधुनिक जीवनशैली और आर्थिक योगदान के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड बना रहा है।
