Indore में प्रशासन बनाम राजनीति, कलेक्टर का संघ कार्यालय जाना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ: कांग्रेस
मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर विवाद गहरा गया है। Indore कलेक्टर शिवम वर्मा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय जाने को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए न सिर्फ प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए, बल्कि इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। शुक्रवार, 9 जनवरी, को Indore में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटवारी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों से राजनीतिक और वैचारिक निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, लेकिन हालिया घटनाक्रम इस सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासनिक अधिकारी राजनीतिक संगठनों से दूरी रखें
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि एक कलेक्टर जैसे संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी भी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के कार्यालय में जाने से परहेज करे। उन्होंने आरोप लगाया कि Indore कलेक्टर ने निजी कार्य का हवाला देते हुए न केवल भाजपा के राजनीतिक कार्यालय बल्कि संघ कार्यालय का भी दौरा किया। पटवारी ने कहा, प्रशासनिक निष्पक्षता लोकतंत्र की आत्मा होती है। जब कलेक्टर जैसे अधिकारी किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के कार्यालय में जाते हैं, तो आम जनता के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले को हल्के में नहीं लेगी और प्रशासनिक स्तर से लेकर संवैधानिक मंचों तक इस मुद्दे पर शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लेकर सख्त संदेश
अपने बयान में पटवारी ने संयमित लेकिन सख्त लहजे में यह भी कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी राजनीतिक गतिविधियों में इस तरह शामिल होते रहे, तो कांग्रेस का कार्यकर्ता सब कुछ देख रहा है और चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती है, लेकिन जब समय आएगा, तब पार्टी प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का एहसास भी कराएगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस किसी प्रकार की अराजकता या कानून व्यवस्था बिगाड़ने के पक्ष में नहीं है।
भागीरथपुरा विवाद से जुड़ी बैठक बनी मुद्दे की जड़
इस पूरे विवाद की जड़ 7 जनवरी को Indore के भागीरथपुरा क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति से जुड़ी बताई जा रही है। इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाने के उद्देश्य से आरएसएस कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन, Indore कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे। प्रशासन की ओर से इसे एक अनौपचारिक बैठक बताया गया, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की बैठकों से प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यदि बैठक प्रशासनिक थी, तो उसका आयोजन किसी सरकारी भवन या कार्यालय में होना चाहिए था, न कि किसी वैचारिक संगठन के कार्यालय में।
11 जनवरी की न्याय यात्रा का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने 11 जनवरी को प्रस्तावित न्याय यात्रा को लेकर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर निकाली जा रही है।
पटवारी ने इंदौरवासियों से इस यात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील करते हुए कहा, यह Indore की गरिमा और इंदौरियत का सवाल है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक इस यात्रा में शामिल होकर न्याय की आवाज बुलंद करे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
Indore नगर निगम के खर्चों पर गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने Indore नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में नगर निगम का कुल बजट लगभग 56 हजार करोड़ रुपये रहा है। पटवारी के अनुसार, इसमें से करीब 3700 करोड़ रुपये केवल जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था पर खर्च किए गए, इसके बावजूद शहर में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के महापौर बनने के बाद अब तक लगभग एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पटवारी ने दावा किया कि यदि इन पैसों का सही उपयोग होता, तो Indore में एक नया शहर बसाया जा सकता था।
भ्रष्टाचार के आरोप और महापौर पर हमला
महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर सीधा हमला बोलते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि Indore को एक पढ़ा-लिखा और सक्षम महापौर मिला था, लेकिन वे देश के सबसे असफल महापौर साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) के कई सदस्य ठेकेदारी में उलझे हुए हैं और इससे शहर में भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही इन मामलों को लेकर विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक करेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी उषा नायडू, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी नेताओं ने एक सुर में प्रशासनिक निष्पक्षता की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रशासन की भूमिका निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
