MP Train Late: भीषण सर्दी और घने कोहरे का असर, भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली 18 ट्रेनें देरी से संचालित
MP में इन दिनों कड़ाके की ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। सर्द मौसम और कम दृश्यता (Low Visibility) का सीधा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। लगातार तीसरे दिन भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली और यहां पहुंचने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, भोपाल रेल मंडल से होकर गुजरने वाली कुल 18 Train लेट हो गई हैं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड और कोहरे की दोहरी मार से बिगड़ा रेल संचालन
उत्तर भारत सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में इन दिनों कोहरे की चादर छाई हुई है। खासतौर पर सुबह और रात के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो जा रही है। रेल प्रशासन द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लो विजिबिलिटी प्रोटोकॉल लागू किया गया है। इसके तहत ट्रेनों की गति सीमित कर दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। हालांकि, इस सावधानी का असर ट्रेनों की समयबद्धता पर पड़ा है और ट्रेनें घंटों की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं।
लगातार तीसरे दिन Train लेट, यात्री परेशान
जनवरी के इस महीने में यह लगातार तीसरा दिन है जब मौसम की मार के चलते ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है। कई यात्री अपने गंतव्य तक समय पर न पहुंच पाने के कारण नाराज नजर आए, वहीं कुछ यात्रियों ने रेलवे से समय रहते सूचना देने की मांग की है।
भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली ये 18 ट्रेनें हुईं लेट
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, भोपाल से गुजरने वाली या यहां पहुंचने वाली निम्नलिखित ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं:
- अमरकंटक एक्सप्रेस – 1 घंटे 45 मिनट लेट
- छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस – 2 घंटे 10 मिनट लेट
- शताब्दी एक्सप्रेस – 2 घंटे 20 मिनट लेट
- पंजाब मेल – 3 घंटे 30 मिनट लेट
- गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस – 3 घंटे 45 मिनट लेट
- कुशीनगर एक्सप्रेस – 4 घंटे 15 मिनट लेट
- दक्षिण एक्सप्रेस – 4 घंटे 35 मिनट लेट
- अमृतसर एक्सप्रेस – 4 घंटे 35 मिनट लेट
- मालवा एक्सप्रेस – 5 घंटे लेट
- सीतापुर-एलटीटी एक्सप्रेस – 5 घंटे लेट
- कर्नाटक एक्सप्रेस – 5 घंटे 45 मिनट लेट
- भोपाल एक्सप्रेस – 6 घंटे 20 मिनट लेट
- तमिलनाडु एक्सप्रेस – 6 घंटे लेट
- कालका नगर-शिरडी एक्सप्रेस – 6 घंटे लेट
- एपी एक्सप्रेस – 7 घंटे 10 मिनट लेट
- जीडी एक्सप्रेस – 8 घंटे लेट
- केरल एक्सप्रेस – 10 घंटे 45 मिनट लेट
इन ट्रेनों की देरी के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लो विजिबिलिटी प्रोटोकॉल क्या है?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम हो जाती है, तब लो विजिबिलिटी प्रोटोकॉल लागू किया जाता है। इसके तहत:
- ट्रेनों की अधिकतम गति घटा दी जाती है
- सिग्नलिंग सिस्टम पर विशेष निगरानी रखी जाती है
- लोको पायलटों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाते हैं
यह प्रक्रिया यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन इससे ट्रेन संचालन की रफ्तार धीमी हो जाती है।
यात्रियों के लिए रेलवे की अपील
भारतीय रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी Train का लेटेस्ट रनिंग स्टेटस जरूर चेक कर लें। इससे अनावश्यक इंतजार और परेशानी से बचा जा सकता है।
यात्री निम्न माध्यमों से ट्रेन की स्थिति जान सकते हैं:
- रेल वन (RailOne) मोबाइल ऐप
- रेलवे इंक्वायरी नंबर 139
- ऑल इंडिया रेलवे हेल्पलाइन नंबर 1512
रेलवे का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही ट्रेन संचालन को सुचारू करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
आगे भी रह सकता है असर
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में रेल यात्रियों को आगे भी देरी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के मध्य तक कोहरे की समस्या बनी रह सकती है।
निष्कर्ष
भीषण सर्दी और घने कोहरे ने एक बार फिर रेलवे व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली 18 ट्रेनों का लेट होना इसका ताजा उदाहरण है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले पूरी जानकारी लेकर ही स्टेशन पहुंचे और मौसम को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर चलें।

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