रांझी तहसील में IHRCT जबलपुर टीम की प्रशासनिक अधिकारियों से सौजन्य भेंट, जनहित और मानवाधिकार विषयों पर हुई सकारात्मक चर्चा
जबलपुर |
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ( IHRCT ) की Jabalpur टीम द्वारा शुक्रवार को रांझी तहसील कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों से सौजन्य भेंट कर जनहित और मानवाधिकार से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। यह बैठक संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
IHRCT के प्रतिनिधिमंडल ने रांझी तहसील कार्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व एवं दंडाधिकारी) श्रीमती मोनिका वाघमारे एवं तहसीलदार व कार्यपालिका दंडाधिकारी सुश्री जानकी उइके से भेंट की। इस अवसर पर आम नागरिकों से संबंधित समस्याओं, मानवाधिकार संरक्षण, प्रशासनिक सहयोग और जनसेवा के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक एवं सकारात्मक संवाद हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला अध्यक्ष श्री धनराज सोनकर ने किया। उनके साथ रांझी तहसील अध्यक्ष श्रीमती नीलम गोटिया, जिला कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती रेखा पटेल, कार्यकारिणी सदस्य श्री डोमन (डोवन) सिंह सेन, पाटन तहसील अध्यक्ष श्री निशांत कुर्मी एवं श्री शुभम द्विवेदी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने संगठन के कार्यों की सराहना की
भेंट के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक, मानवाधिकार एवं जनसेवा कार्यों की सराहना की। अधिकारियों ने संगठन को आश्वस्त किया कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी जनहित और मानवाधिकार से जुड़े मामलों में प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ सहयोग करेगा।
अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती मोनिका वाघमारे एवं तहसीलदार सुश्री जानकी उइके ने कहा कि,
“आपका कोई भी कार्य हो, निःसंकोच बताइए। मैं अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करूँगी।”
उनके इस सकारात्मक आश्वासन से संगठन के पदाधिकारियों में उत्साह और विश्वास का संचार हुआ।
IHRCT संगठन–प्रशासन समन्वय की दिशा में अहम कदम
इस मुलाकात को संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जनहित के मुद्दों पर प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है और नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने को तैयार है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने जबलपुर टीम की इस पहल की सराहना करते हुए अपने संदेश में कहा,
“Jabalpur टीम द्वारा प्रशासन के साथ स्थापित किया गया यह संवाद अत्यंत सराहनीय है। मानवाधिकार संरक्षण और जनसेवा के कार्य तभी प्रभावी होते हैं, जब संगठन और प्रशासन मिलकर कार्य करें। पूरी टीम को इस सकारात्मक पहल के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”
पदाधिकारियों ने बताया मील का पत्थर
संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, शोम्पा चटर्जी, अनिता दुबे, युवराज सिंह राठौर, जीवनलाल जैन चायवाले, भावेश नाहर, अंकित जैन, सोना जैन एवं अन्य सदस्यों ने भी इस भेंट को संगठन के उद्देश्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने अपने संयुक्त संदेश में कहा कि,
“आज की यह भेंट संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी। प्रशासन का सहयोग हमारे लिए प्रेरणादायक है। प्रशासन का सहयोगात्मक दृष्टिकोण संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा। मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के लिए ऐसे संवाद अत्यंत आवश्यक हैं।”
आम नागरिकों को होगा लाभ
बैठक के दौरान हुई विस्तृत चर्चा से यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि संगठन और प्रशासन के बीच स्थापित हुआ यह संवाद आने वाले समय में आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग से समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा।
इस पहल से यह उम्मीद जगी है कि नागरिकों की शिकायतों और अधिकारों से जुड़े मामलों को अब अधिक संवेदनशीलता और गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से न केवल समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि पीड़ितों को न्याय भी शीघ्र मिलेगा। संगठन द्वारा उठाए जाने वाले जनहित के मामलों में प्रशासन का सहयोग पारदर्शिता और विश्वास को और मजबूत करेगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि भविष्य में ऐसे संवाद निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर आम जनता की समस्याओं को समझा जा सके और उनके समाधान की ठोस दिशा तय की जा सके। मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह संयुक्त प्रयास एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ आम नागरिकों तक पहुंचेगा।
