दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम: मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी का प्रेरक विहार और संस्कार संदेश|
दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जैन साधु-संतों की उपस्थिति मात्र से समाज में धर्म, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। दौंड नगर में आयोजित विविध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों के पश्चात प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. ने कर्नाटक के रानीबैन्नुर स्थित श्री नागेश्वर पार्श्व मोहनखेड़ा तीर्थधाम के लिए विहार किया।
यह पूरा आयोजन परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा महातीर्थ विकास प्रेरक आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब की पावन आज्ञा एवं प्रेरणा से सम्पन्न हुआ, जिसमें दौंड श्रीसंघ का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम के अंतर्गत दौंड श्रीसंघ में लगातार कई दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, महामांगलिक, गुरु वंदना और संस्कार गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक क्रियाएं नहीं था, बल्कि समाज में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना भी रहा।
मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. की निश्रा में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि जैन शासन की प्रभावना तभी सार्थक है जब वह जन-जन के जीवन से जुड़ सके।
मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी का विहार और आगामी कार्यक्रम
दौंड नगर में शासन प्रभावना कार्यक्रमों के सफल समापन के बाद मुनिश्री ने रानीबैन्नुर के लिए विहार किया। यह विहार पूज्य आचार्यदेव श्रीमद्विजय रवीन्द्रसूरीश्वरजी महाराजा एवं आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी महाराजा साहेब की प्रेरणा से किया गया।
रानीबैन्नुर स्थित नवनिर्मित श्री नागेश्वर पार्श्व मोहनखेड़ा तीर्थधाम में अंजनशलाका प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। इसी क्रम में 13 फरवरी को संत समूह के साथ मुनिश्री का मंगल प्रवेश होगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
महामांगलिक का भव्य आयोजन
मुनिश्री के नगर आगमन के साथ ही दौंड श्रीसंघ में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला प्रारंभ हो गई थी। इसी क्रम में ऋद्धि-सिद्धि-लब्धिवंत महामांगलिक का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
मंगलाचरण एवं गुरुवंदना के पश्चात अतिथियों द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। पार्श्व सासु मंडल एवं विमलनाथ बहु मंडल ने भावपूर्ण स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
संघ अध्यक्ष शा. घिसुलालजी सिरोहिया का जन्मोत्सव
दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम के अंतर्गत यह महामांगलिक विशेष रूप से श्रीसंघ अध्यक्ष शा. घिसुलालजी सिरोहिया के 70वें जन्मोत्सव प्रवेश के निमित्त आयोजित किया गया।
मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी ने महामांगलिक एवं मंत्रों की महिमा पर प्रकाश डालते हुए लगभग चालीस मिनट तक धाराप्रवाह प्राचीन मंत्र एवं स्तोत्र पाठ किया। अनुशासनबद्ध वातावरण में उपस्थित विशाल जनसमूह ने इस महामांगलिक का लाभ लिया और संघ अध्यक्ष को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
श्री विमलनाथ जिनमंदिर की 25वीं वर्षगांठ की विनंती
श्री विमलनाथ जिनमंदिर की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में श्रीसंघ द्वारा मुनिश्री से भक्ति भावभरी विनंती की गई। इस अवसर पर मुनिश्री ने भावुक शब्दों में कहा—
“विमल-पार्श्वनाथ दादा बुलाएंगे, तो आना ही पड़ेगा।”
यह वाक्य उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श कर गया।
संस्कार शिविर एवं गुरु सत्कार समारोह
नवयुग शिक्षण संस्था परिवार द्वारा आयोजित युवा संस्कार शिविर में मुनिश्री का भव्य स्वागत किया गया। वाजते-गाजते आगमन के साथ स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
अपने प्रेरक प्रवचन में मुनिश्री ने मातृ भक्ति, राष्ट्र भक्ति और प्रभु भक्ति—इन तीनों को जीवन का मूल मंत्र बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार ही जीवन को सशक्त बनाते हैं।
युवाओं में व्यसन मुक्ति का संकल्प
मुनिश्री ने अपने प्रवचन में देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि समय पर मिली सही सीख जीवन को महान बना देती है।
इस प्रेरक संदेश से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में युवा विद्यार्थियों ने व्यसन मुक्ति का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को भोजन कराया गया एवं प्रबुद्धजनों को प्रभावना पैकेट वितरित किए गए।
सामाजिक समरसता और संघ की भूमिका
कार्यक्रम में नव निर्वाचित नगर पालिका अध्यक्ष दुर्गादेवी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंच संचालन नयनाबेन सोलंकी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विद्यालय के शिक्षकों एवं स्वागत समिति द्वारा किया गया।
यह आयोजन दौंड श्रीसंघ की एकता, अनुशासन और सामाजिक चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बना।
निष्कर्ष: शासन प्रभावना का जीवंत उदाहरण
दौंड नगर जैन शासन प्रभावना कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, सेवा और सद्भाव का मार्ग दिखाने वाला प्रेरक अभियान रहा। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी का विहार, महामांगलिक, संस्कार शिविर और युवाओं में जागरूकता—ये सभी पहलू इस आयोजन को यादगार बनाते हैं।

