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Dhurandhar 2 को नुकसान से बचाने के लिए मेकर्स की प्रधानमंत्री मोदी से बड़ी अपील

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Published On: 8 January 2026
Dhurandhar 2
— ‘Dhurandhar के बैन पर सरकार से मदद की उम्मीद

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Dhurandhar 2 को नुकसान से बचाने के लिए मेकर्स की प्रधानमंत्री मोदी से बड़ी अपील

आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘Dhurandhar ’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है। रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म ने अब तक 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है और यह हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो चुकी है। हालांकि, खाड़ी देशों में फिल्म को रिलीज़ की अनुमति न मिलने के कारण मेकर्स को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

ट्रेड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर ‘Dhurandhar ’ को मिडिल ईस्ट के देशों में रिलीज़ किया जाता, तो फिल्म कम से कम 90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई कर सकती थी। इसी नुकसान को देखते हुए इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

खाड़ी देशों में बैन हटाने की मांग

IMPPA ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में कहा है कि यूएई, बहरीन, कुवैत, क़तर, ओमान और सऊदी अरब में ‘Dhurandhar ’ पर लगाए गए प्रतिबंध को हटवाने के लिए भारत सरकार को संबंधित देशों से बातचीत करनी चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म को भारत के सेंसर बोर्ड से पूरी मंजूरी मिली है, इसके बावजूद इन देशों में इसे बैन कर दिया गया, जो अनुचित है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यह फैसला फिल्म निर्माताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है, जबकि ‘धुरंधर’ भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन चुकी है।

Dhurandhar 2
  Dhurandhar ’ पर खाड़ी देशों में बैन, मेकर्स ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की अपील

IMPPA का तर्क

IMPPA ने खुद को देश का सबसे पुराना और बड़ा प्रोड्यूसर्स संगठन बताते हुए कहा कि भारत और मिडिल ईस्ट देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। ऐसे में भारत सरकार को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप कर फिल्म पर लगा बैन हटाने में मदद करनी चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रतिबंध भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाते हैं। IMPPA का मानना है कि यदि ऐसी फिल्मों को बिना ठोस कारण के रोका जाता रहा, तो इससे विदेशी बाजारों में भारतीय सिनेमा की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। साथ ही, यह निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए भी नकारात्मक संदेश भेजता है, जिससे भविष्य की बड़ी परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है।

एंटी-पाकिस्तान’ कंटेंट बना वजह

बताया जा रहा है कि ‘Dhurandhar ’ में पाकिस्तान के ल्यारी गैंगवॉर की कहानी दिखाए जाने के कारण कुछ खाड़ी देशों ने इसे ‘एंटी-पाकिस्तान’ बताकर बैन कर दिया। जबकि इन देशों का भारतीय फिल्मों की कुल कमाई में बड़ा योगदान रहता है। ऐसे में फिल्म का वहां रिलीज़ न होना मेकर्स के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्माताओं ने पहले भी खाड़ी देशों के अधिकारियों से बातचीत कर बैन हटाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका।

पहले भी बैन का सामना कर चुकी हैं कई फिल्में

यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय फिल्म को खाड़ी देशों में बैन किया गया हो। इससे पहले ऋतिक रोशन और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘फाइटर’, अक्षय कुमार की ‘स्काय फोर्स’, जॉन अब्राहम की ‘द डिप्लोमेट’, आदित्य धर की ‘आर्टिकल 370’, विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ और सलमान खान की ‘टाइगर 3’ को भी कथित एंटी-पाकिस्तान कंटेंट के चलते कई खाड़ी देशों में प्रतिबंध झेलना पड़ा था।

सरकार से उम्मीद

अब फिल्म इंडस्ट्री को उम्मीद है कि भारत सरकार इस मुद्दे पर कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप करेगी, जिससे ‘धुरंधर’ पर लगा बैन हट सके और भविष्य में भारतीय फिल्मों को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। इंडस्ट्री का मानना है कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो इससे न सिर्फ निर्माताओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच भी और मजबूत होगी। साथ ही, यह कदम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रचनात्मक स्वतंत्रता के सम्मान का एक अहम संदेश भी देगा।

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