MP News: CM मोहन यादव की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक, बोले– विकास को गति देने के लिए मिशन मोड में काम जरूरी
MP News: मध्यप्रदेश के CM डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार के बीते दो वर्ष उपलब्धियों से भरे रहे हैं और राज्य की प्रगति को केंद्र सरकार द्वारा भी सराहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में विकास और जनकल्याण की रफ्तार को और तेज करने के लिए सभी विभागों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ये विचार मंत्रालय में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त कर रहे थे। बैठक का उद्देश्य वर्ष 2026 में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण परियोजनाओं और विकास कार्यक्रमों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर रणनीति तय करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, पुलिस विभाग एवं भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
‘विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य’
CM डॉ. यादव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मजबूत व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी, लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास गतिविधियों का तेजी से क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी योजनाओं का सुचारु संचालन तभी संभव है, जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
वर्ष 2025 औद्योगिक विकास की दृष्टि से रहा सफल
CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2025 औद्योगिक विकास की दृष्टि से अत्यंत सफल रहा है। प्रदेश में निवेश, उद्योगों की स्थापना और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योग क्षेत्र में किए गए प्रयासों से मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत औद्योगिक राज्य के रूप में उभरा है।
वर्ष 2026 को बनाया जाएगा “किसान कल्याण वर्ष”
CM ने घोषणा की कि वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “समृद्ध किसान – समृद्ध प्रदेश” है। यह अभियान किसी एक या दो विभागों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 15 से अधिक प्रमुख विभागों का संयुक्त प्रयास होगा।
इस अभियान में कृषि एवं किसान कल्याण के साथ-साथ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नवकरणीय ऊर्जा, मत्स्य पालन, नर्मदा घाटी विकास, ऊर्जा, राजस्व, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम, औद्योगिक नीति निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इसके साथ ही मंडी बोर्ड, बीज निगम, एमपी एग्रो, दुग्ध संघ, मार्कफेड, वेयरहाउसिंग और आजीविका मिशन भी इस अभियान का हिस्सा होंगे।
Read Also :MP News: CM मोहन यादव गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में होंगे शामिल
5 दिवसीय सप्ताह में अनुशासन पर जोर
CM डॉ. यादव ने कहा कि कोविड काल से प्रदेश में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि कार्यालयीन समय का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शासकीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे कार्य प्रारंभ होना अनिवार्य किया जाए।
उन्होंने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और अन्य तकनीकी साधनों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि कार्य निष्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
12 जनवरी से शुरू होगा “संकल्प से समाधान अभियान”
CM डॉ. मोहन यादव ने बताया कि 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक “संकल्प से समाधान अभियान – वन” चलाया जाएगा। यह अभियान प्रदेश की 106 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं पर केंद्रित रहेगा।
- प्रथम चरण (12 जनवरी – 15 फरवरी 2026): घर-घर जाकर आवेदन संग्रह
- द्वितीय चरण (16 फरवरी – 16 मार्च 2026): क्लस्टर स्तर पर शिविर
- तृतीय चरण (16 मार्च – 26 मार्च 2026): ब्लॉक स्तर पर लंबित प्रकरणों का निराकरण
- चतुर्थ चरण (26 मार्च – 31 मार्च 2026): जिला स्तर पर शिविरों के माध्यम से सभी शेष आवेदनों का समाधान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से अंतिम निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना पर भी मंथन
CM ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए आगामी 5 वर्षों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, साथ ही 3 वर्षों के बजट अनुमान पर भी काम किया जा रहा है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजनाओं और सार्वजनिक भवनों की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिए गए।
उपलब्धियों और नवाचारों की सराहना
CM डॉ. यादव ने वर्ष 2025 में जल संसाधन विभाग द्वारा नदी जोड़ो परियोजना और सिंचाई योजनाओं में किए गए कार्यों की सराहना की। आईटी सेक्टर में हुए नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
कृषि क्षेत्र में किसान कल्याण, खाद्यान्न उत्पादन, जल गंगा संवर्धन अभियान, उद्योग क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए भी मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों की प्रशंसा की।
नक्सल समस्या और वन विभाग की भूमिका की सराहना
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सल समस्या के प्रभावी निराकरण में मध्यप्रदेश पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाए।
वन विभाग की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि वन संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
सामाजिक सुधारों पर भी दिया जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में मृत्यु भोज, विवाह समारोहों में अपव्यय रोकने जैसे सामाजिक सुधारों के लिए भी सकारात्मक वातावरण बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही नवाचार करने वाले किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर युवाओं को प्रेरित करने की आवश्यकता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश सरकार विकास, किसान कल्याण और सुशासन को लेकर पूरी तरह मिशन मोड में काम करने जा रही है। समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन ही शासन की प्राथमिक रणनीति होगी।

Comments are closed.