MP Weather Update: मध्यप्रदेश में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप, कई जिलों में तापमान 5 डिग्री से नीचे
MP Weather Update: जनवरी की शुरुआत के साथ ही MP में ठंड ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में कड़ाके की सर्दी, शीतलहर और घने कोहरे के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब केवल रात के समय ही नहीं, बल्कि दिन में भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। सुबह और शाम सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है और सड़क, रेल व हवाई यातायात पर भी असर पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं।
कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री के बीच
MP के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। शहडोल जिले के कल्याणपुर क्षेत्र में सबसे कम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। वहीं उमरिया में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री और खजुराहो में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, सागर, मंडला, डिंडौरी और कटनी जैसे जिलों में भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ठंड के कारण सुबह-सुबह लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं और बाजारों में भी रौनक कम दिखाई दे रही है।
दिन के तापमान में भी गिरावट, मुरैना सबसे ठंडा जिला
रात के साथ-साथ अब दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिल रही है। जहां एक ओर कुछ जिलों में दिन में हल्की धूप निकल रही है, वहीं ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का एहसास बना हुआ है। छिंदवाड़ा 27 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि मुरैना में अधिकतम तापमान केवल 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कम अधिकतम तापमान के चलते लोग दिन में भी गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं। कई इलाकों में धूप निकलने के बावजूद सर्दी का असर कम नहीं हो पा रहा है, जिससे ठिठुरन बनी हुई है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत बड़े शहरों में बढ़ी ठंड
राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे बड़े शहरों में भी शीतलहर का असर साफ नजर आ रहा है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता कई स्थानों पर 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
भोपाल और ग्वालियर संभाग में कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते नजर आ रहे हैं। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
स्कूलों के समय में बदलाव, प्रशासन अलर्ट
कड़ाके की ठंड को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। छोटे बच्चों को सुबह की ठंड से बचाने के लिए प्रशासन द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। वहीं जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
जनजीवन पर व्यापक असर
शीतलहर और कोहरे के चलते आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव के पास बैठकर ठंड से बचाव करते नजर आ रहे हैं, वहीं शहरी इलाकों में हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
ठंड के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कोहरे से यातायात प्रभावित
घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। सुबह के समय कई हाईवे पर दृश्यता बेहद कम रहने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।
कुछ स्थानों पर ट्रेनों के समय में भी बदलाव देखा गया है, जबकि हवाई सेवाओं पर भी आंशिक प्रभाव पड़ा है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक मध्यप्रदेश में शीतलहर और कोहरे का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर होने के बाद भी ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बना रहेगा।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और कोहरे के समय वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर जनवरी की शुरुआत में ही मध्यप्रदेश में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाना शुरू कर दिया है। शीतलहर, घना कोहरा और गिरता तापमान फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं दिख रहा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी सलाहों का पालन करने की जरूरत है।
