Indore: भागीरथपुरा में पानी से मौतों का सिलसिला जारी, 70 साल की महिला की दर्दनाक मृत्यु
Indore के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला जारी है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और परिजनों की जानकारी के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 को 70 साल से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिला हरकू बाई कुंवर की मौत हो गई, जिससे इस क्षेत्र में पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया।
गंभीर हालात, जनता में डर का माहौल
Indore के भागीरथपुरा निवासी लोगों ने बताया कि दूषित पानी पीने के बाद बुजुर्ग महिला की सेहत अचानक बिगड़ गई। उनकी बेटी ने बताया कि 30 दिसंबर की रात मां को तेज उल्टी और दस्त शुरू हो गए थे। शुरुआत में परिजन ने स्थानीय उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर 1 जनवरी को बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन ने प्रशासन पर समय पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया। परिवार के सदस्य यह बताते हैं कि घर में तीसरे का कार्यक्रम चलने की वजह से वे तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित नहीं कर पाए।
मौतों का आंकड़ा बढ़कर 18
Indore के भागीरथपुरा इलाके में पिछले कुछ दिनों से दूषित पानी के कारण होने वाली बीमारियों और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह 18वीं मौत है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई लोग बीते सप्ताह से पानी के सेवन के बाद उल्टी, दस्त और तेज बुखार जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। कई लोगों ने अस्पतालों में उपचार लिया, लेकिन बुजुर्ग और कमजोर तबीयत वाले लोग समय रहते उपचार न मिलने के कारण असमय जीवन गंवा रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
Indore नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कहा है कि स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में पानी के टैंकर और शुद्ध जल की आपूर्ति बढ़ा दी गई है। नगर निगम आयुक्त ने मीडिया से बातचीत में बताया हमने तुरंत प्रभावित इलाकों में पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। दूषित पानी के स्रोत को बंद करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही आयुक्त ने जनता से अपील की कि वे सिर्फ सरकारी मंजूरी वाले पानी का सेवन करें और संदिग्ध पानी का उपयोग न करें।
स्वास्थ्य अधिकारियों की चेतावनी
Indore में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि दूषित पानी के सेवन से डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और अन्य संक्रमण फैल सकते हैं। बुजुर्ग और बच्चों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कलेक्टर ने कहा हमें स्थिति गंभीर लगी है, इसलिए प्रभावित इलाकों में तत्काल पानी की आपूर्ति और स्थानीय स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। लोगों को चाहिए कि वे किसी भी संदिग्ध जल स्रोत का उपयोग न करें।
स्थानीय जनता का रोष
Indore के भागीरथपुरा निवासी प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया पर नाराज हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवारों को लगातार दूषित पानी पीने के कारण स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक स्थानीय निवासी ने बताया: हमने कई बार शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान देर से हुआ। बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
पिछली घटनाओं का संदर्भ
Indore के भागीरथपुरा इलाके में पानी से जुड़ी बीमारियों और मौतों की यह लगातार दूसरी बड़ी घटना है। दिसंबर 2025 के अंत में भी कई बुजुर्ग और बच्चे दूषित पानी के कारण अस्पताल पहुंचे थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया और उन्हें आईवी फ्लूइड्स और अन्य उपचार दिया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का दावा किया था कि पानी की गुणवत्ता सुधार ली गई है, लेकिन हाल की मौतों ने लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक दबाव
भागीरथपुरा और Indore के अन्य प्रभावित इलाकों में अब स्थानीय राजनीति और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। विपक्षी नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन की नाकामी गंभीर है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पानी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण स्थानीय प्रशासन की छवि प्रभावित हो सकती है।
राहत और भविष्य की कार्रवाई
Indore नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाके में आपातकालीन टीमें और मेडिकल कैंप लगाकर पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। बुजुर्ग और बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। साथ ही, Indore प्रशासन ने कहा है कि इलाके में पानी के नियमित परीक्षण और निगरानी के लिए मोबाइल लैब्स और तकनीकी टीमों को तैनात किया जाएगा।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी के कारण फैलने वाले संक्रमणों को रोकने के लिए जल शोधक, उबाल कर पानी पीना और सैनिटेशन का पालन अनिवार्य है। डॉ. अनिल वर्मा ने बताया: भागीरथपुरा में लगातार दूषित पानी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सबसे जरूरी कदम है पानी की स्रोत जांच और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना।
जनता से प्रशासन की अपील
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध जल स्रोत का उपयोग न करें और किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। साथ ही, प्रशासन ने कहा है कि प्रभावित इलाकों में जल्द ही नए वाटर फिल्टर सिस्टम और साफ पानी के टैंकर की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
