Khajrana गणेश मंदिर में सवा लाख लड्डुओं का महाभोग तिल चतुर्थी मेले का भव्य शुभारंभ
Khajrana गणेश मंदिर में माघ मास की पावन तिल चतुर्थी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब भक्त मंडल की ओर से भगवान गणपति को सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ध्वजा पूजन संपन्न हुआ, जिसके साथ ही मंदिर परिसर में तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेले का भव्य शुभारंभ भी हुआ।
वैदिक मंत्रों के बीच अर्पित हुआ महाभोग
तिल चतुर्थी के पावन पर्व पर मंदिर के वरिष्ठ पुजारियों पं. अशोक भट्ट, पं. जयपाल भट्ट, पं. आधार भट्ट और पं. धर्मेन्द्र भट्ट ने विधिवत वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ भगवान खजराना गणेश को सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया। इस अवसर पर भगवान गणेश और उनके परिवार को विशेष स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत किया गया, जिससे मंदिर की शोभा और अधिक बढ़ गई। भक्तों के लिए यह दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर कर देने वाला रहा।
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। देश-प्रदेश से आए भक्तों ने गणपति बप्पा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति प्रसाद वितरण का शुभारंभ
महाभोग अर्पण के पश्चात प्रसाद वितरण की विधिवत शुरुआत की गई। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त एवं मंदिर समिति के प्रशासक क्षितिज सिंघल और मंदिर के महाप्रबंधक राकेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने भगवान खजराना गणेश के चरणों में भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण का शुभारंभ किया।
प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए। भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुचारू दर्शन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
72 घंटे की कड़ी मेहनत से तैयार हुआ महाभोग
भगवान गणेश को अर्पित किए गए सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं को तैयार करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में ही प्रसिद्ध खेमजी महाराज हलवाई के नेतृत्व में 40 कुशल रसोइयों की टीम ने लगातार 72 घंटे तक अथक मेहनत कर इस विशाल महाभोग को तैयार किया।
लड्डुओं की शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया। महाभोग निर्माण में 1250 किलो तिल्ली, 550 किलो सिंकी हुई मूंगफली और 1050 किलो शुद्ध देसी गुड़ का उपयोग किया गया। सभी सामग्री पूरी तरह शुद्ध और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप रखी गई। भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी, कैलाश पंच और पार्षद पुष्पेन्द्र पाटीदार ने बताया कि महाभोग अर्पण से पूर्व ध्वजा पूजन और भव्य महाआरती का आयोजन भी किया गया था।

तीन दिवसीय विशेष भोग का आयोजन
तिल चतुर्थी उत्सव के अंतर्गत भगवान Khajrana गणेश को तीन दिनों तक अलग-अलग प्रकार के विशेष लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा।
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पहले दिन तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया गया।
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7 जनवरी को भगवान को गोंद के लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा।
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8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा।
इन तीनों दिनों में प्रसाद वितरण की व्यवस्था बड़े स्तर पर की गई है। मंदिर प्रबंधक घनश्याम शुक्ला और गौरीशंकर मिश्रा के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में वालंटियर्स और श्रद्धालु सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं।
पारंपरिक मेले में उमड़ा जनसैलाब
ध्वजा पूजन के साथ ही मंदिर परिसर में तीन दिवसीय तिल चतुर्थी मेला भी आरंभ हो गया। मेले में धार्मिक वस्तुओं, पूजा सामग्री, खिलौनों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की दुकानों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए यह मेला आस्था और आनंद का संगम बन गया।
मेले के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
चंद्रोदय और तिल चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
तिल चतुर्थी का व्रत चंद्र दर्शन और पूजन के बाद ही पूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज रात्रि 9 बजकर 4 मिनट पर चंद्रोदय होगा। चतुर्थी तिथि आज सुबह 8:20 बजे आरंभ हुई थी, जो 7 जनवरी सुबह 6:53 बजे तक रहेगी।
इस दिन विशेष रूप से सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग भी बना हुआ है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया जाता है।
श्रद्धा, परंपरा और भक्ति का अनुपम संगम
Khajrana गणेश मंदिर में मनाई जा रही तिल चतुर्थी न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक बन गई है। सवा लाख लड्डुओं का महाभोग, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति और तीन दिवसीय मेला इस बात का प्रमाण है कि खजराना गणेश मंदिर आज भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
भक्तों का विश्वास है कि इस पावन अवसर पर गणपति बप्पा के दर्शन और प्रसाद से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता प्राप्त होती है। पूरे आयोजन ने इंदौर शहर को भक्ति और उत्सव के रंग में रंग दिया है।
