पत्रकारिता: संस्कार, संस्कृति और सामाजिक उत्थान का सशक्त माध्यम
इंदौर में “Jain Ratna 2026” तथा पत्रकार, खेल और समाज की प्रतिभाओं के संस्कार, सत्य और सामाजिक उत्तरदायित्व सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन अत्यंत भव्य और प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल पत्रकारिता और समाजसेवा के मूल्यों को रेखांकित करता है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक दायित्व के प्रति सामूहिक चेतना को भी मजबूत करता है। कार्यक्रम का आयोजन दैनिक समाचार पत्र के संस्थापक हेमंत जैन द्वारा किया गया, जिन्होंने पत्रकारिता को केवल सूचना का माध्यम नहीं बल्कि समाज निर्माण का साधन माना है।
गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ समारोह
इस विशेष आयोजन में संस्कृति मंत्रालय के सदस्य डॉ. भरत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इनके साथ मंच पर संदीप जैन (मोइरा सरिया) और अशोक बडजात्या जैसे विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे। जाल ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में समाज, शिक्षा, उद्योग, पत्रकारिता और खेल जगत से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की।
पत्रकारिता का दर्शन: सत्य, निर्भीकता और नैतिक दायित्व
मुख्य अतिथि डॉ. भरत शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि
“पत्रकारिता केवल समाचार संकलन या प्रस्तुति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, संस्कृति, दायित्व और सामाजिक उत्थान की दिशा का एक सशक्त प्रकल्प है।”
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से प्रेरित पत्रकारिता का मूल आधार निष्पक्षता, निर्भीकता, नैतिकता और कर्तव्यबोध है। “सत्यमेव जयते” के सिद्धांत पर आधारित पत्रकारिता समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारिता में आलोचना आवश्यक है, लेकिन वह मर्यादित और तथ्यपरक होनी चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सके।
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संस्कार और समरसता से जुड़ी पत्रकारिता
डॉ. शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों—संस्कार, समरसता और राष्ट्र चेतना—को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में पत्रकारिता का दायित्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि समाज तेजी से बदल रहा है और सूचना के साथ-साथ दिशा भी अपेक्षित है।
उन्होंने “Jain Ratna 2026” से सम्मानित सभी समाजसेवियों, पत्रकारों और खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रेरणा का कार्य करते हैं।
जैन धर्म के इतिहास और विरासत के संरक्षण की पहल
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय के सहयोग से पूरे भारत में केवल देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को जैन धर्म के इतिहास, संरक्षण और संवर्धन का राष्ट्रीय दायित्व सौंपा गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकल्प के माध्यम से जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा, उसका इतिहास, दर्शन और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर विश्व पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा। यह पहल न केवल जैन समाज बल्कि सम्पूर्ण भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य अतिथियों का सम्मान
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. भरत शर्मा, अध्यक्ष डॉ. राकेश सिंघई, संदीप जैन (मोइरा सरिया) और अशोक बडजात्या को पुष्पमाला, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक था।
‘Jain Ratna 2026’ से सम्मानित प्रतिभाएं
इस अवसर पर समाज, पत्रकारिता और खेल जगत की विशिष्ट प्रतिभाओं को “जैन रत्न 2026” सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मानित व्यक्तियों में—
वरिष्ठ समाजसेवी वर्ग
- संजय लुहाड़िया
- गजेंद्र जैन
पत्रकारिता क्षेत्र
- वरिष्ठ पत्रकार रामकृष्ण मुले
- भूपेंद्र सिंह
- प्रियंका पांडे
- अभिषेक पांडे
खेल जगत
- विक्रम शेखावत (आर्म रेसलिंग)
- यश ठाकुर (शरीर सौष्ठव)
- व्यंकटेश अय्यर (क्रिकेट)
- अवनी तागड़े (महिला क्रिकेट)
इन सभी को पुष्पमाला और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
हेमंत जैन का विशेष सम्मान
कार्यक्रम के सूत्रधार और दैनिक समाचार पत्र के संस्थापक हेमंत जैन को भी समाज के वरिष्ठ समाजसेवियों द्वारा पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हेमंत जैन ने पत्रकारिता को व्यवसाय नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया है और उनके प्रयासों से समाज को सकारात्मक दिशा मिल रही है।
सफल संचालन और प्रभावी समापन
कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद अनुपम जैन ने कुशलता और गरिमा के साथ किया। वहीं आयोजन के अंत में हेमंत जैन ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया।
सभागार में वरिष्ठ उद्योगपति महेंद्र बडजात्या, पार्षद राजीव जैन, अनिल बंडी, अशोक शर्मा, निर्भय खंडेलवाल सहित शहर के अनेक वरिष्ठ नागरिक, बुद्धिजीवी और कलाप्रेमी उपस्थित रहे।
समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश
यह समारोह केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि पत्रकारिता, समाजसेवा और खेल—तीनों ही क्षेत्र समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने के सशक्त माध्यम हैं। संस्कार, सत्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ किया गया कार्य ही स्थायी परिवर्तन ला सकता है।
Jain Ratna 2026 सम्मान समारोह इस दृष्टि से एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा, जिसने समाज को सकारात्मक सोच, नैतिकता और समरसता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

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