बूंदी में जिला सरावगी समाज द्वारा आयोजित वृद्धजन सम्मान समारोह में 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया गया। समाज ने ज्ञान, संस्कार और अनुभव को नमन किया।
जिला सरावगी समाज वृद्धजन सम्मान समारोह बूंदी: वरिष्ठजन ज्ञान और अनुभव का जीवंत भंडार
बूंदी (राजस्थान)।
हाड़ी रानी कवि सूर्यमिश्रण की पावन भूमि, छोटी काशी के नाम से सुविख्यात और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण बूंदी नगर में जिला दिगम्बर जैन खंडेलवाल सरावगी समाज सेवा समिति द्वारा एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी वृद्धजन एवं वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
यह आयोजन चौगान जैन मंदिर आश्रम हॉल में सम्पन्न हुआ, जहाँ समाज के 75 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरुष वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनके अनुभव, त्याग और समाज निर्माण में योगदान को नमन किया गया।
वरिष्ठजन: समाज की नींव
कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि
“हर बात को तुम भूलो भले, माँ-बाप को मत भूलना।”
वरिष्ठजन केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी संस्कारों और मूल्यों की जीवित पाठशाला हैं। उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक दीपक के समान हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं मंचासीन अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पाटनी ने की।
विशिष्ट अतिथि एवं मंचासीन गणमान्यजन रहे—
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बिरधीचंद छाबड़ा
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संतोष पाटनी (अध्यक्ष, सरावगी समाज)
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रमेश गंगवाल
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विमल कटारिया
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विनोद पाटोदी
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प्रदीप पांड्या
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ओमप्रकाश बड़जात्या (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
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महावीर सरावगी (उपाध्यक्ष)
साधारण सभा में महत्वपूर्ण निर्णय
सम्मान समारोह से पूर्व साधारण सभा आयोजित की गई।
कोषाध्यक्ष रमेश बड़जात्या ने आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
सभा में यह निर्णय लिए गए—
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नई पीढ़ी को धर्म व समाज से जोड़ना
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स्वतंत्रता पूर्व भामाशाहों के योगदान पर पुस्तिका प्रकाशन
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सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार

सम्मान की प्रक्रिया
समाज के वरिष्ठ महिला-पुरुषों को—
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माला पहनाकर
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शॉल ओढ़ाकर
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सम्मान प्रतीक भेंट कर
गरिमापूर्ण वातावरण में सम्मानित किया गया।
कुल 70 वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया।
राजेन्द्र पाटनी का संदेश
जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पाटनी ने कहा—
“वरिष्ठजन समाज की वह पूंजी हैं, जिनके अनुभव से युवा पीढ़ी सही दिशा पाती है। उनके बिना परिवार और समाज की नींव अधूरी है।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम के दौरान—
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यशवी सोगानी
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एवी
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नेहल शाह
द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने समारोह में सांस्कृतिक रंग भर दिए।
संचालन एवं आभार
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संचालन: लोकेश गोधा
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आभार: मंत्री राजेन्द्र छाबड़ा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की सफलता और गरिमा बढ़ी।
समाज के लिए महत्व
यह समारोह केवल सम्मान नहीं, बल्कि—
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संस्कारों की पुनर्स्थापना
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पीढ़ियों के बीच संवाद
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सामाजिक एकता का संदेश
था।
निष्कर्ष
जिला सरावगी समाज वृद्धजन सम्मान समारोह बूंदी न केवल एक आयोजन था, बल्कि समाज की आत्मा को छूने वाला क्षण था।
ऐसे कार्यक्रम समाज को संस्कार, संवेदना और सम्मान की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
