Gold Silver Update की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका-वेनेजुएला तनाव से बढ़ी सेफ-हेवन डिमांड
Gold-Silver की कीमतों में इस हफ्ते तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोमवार, 5 जनवरी 2026 से निवेशक अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे, जो बुलियन बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। इसमें ISM मैन्युफैक्चरिंग डेटा, दिसंबर का ADP रोजगार आंकड़ा, और बेरोजगारी दर शामिल हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयान भी निवेशकों के लिए अहम रहेंगे, क्योंकि ये मौद्रिक नीति और संभावित ब्याज दर के निर्णयों के संकेत दे सकते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर असर
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया, जिससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चिंता बढ़ गई। इस घटनाक्रम के चलते निवेशक सेफ-हेवन संपत्तियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कदम से कमोडिटी बाजारों में तेज़ी और उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिल सकते हैं। सोने और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, क्योंकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है और सप्लाई में किसी भी रुकावट की आशंका कीमतों को ऊपर धकेल सकती है।
MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
दिसंबर 2025 में सोने ने 10 ग्राम पर रिकॉर्ड 1,40,444 रुपये छूए, लेकिन पिछले हफ्ते करेक्शन के चलते यह कीमत 1,35,761 रुपये पर बंद हुई। इस दौरान सोने की कीमतों में 4,112 रुपये या 2.94% की गिरावट आई।
चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। चांदी ने पहले 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसके बाद यह 2,36,316 रुपये पर बंद हुई, यानी लगभग 17,858 रुपये या 7.02% की गिरावट हुई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, COMEX पर सोने के फ्यूचर्स 4,329.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए, जबकि चांदी 71.01 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। छुट्टियों और कम लिक्विडिटी के कारण बाजार में ये उतार-चढ़ाव देखा गया।
विशेषज्ञों का नजरिया और निवेश का आउटलुक
एंजल वन के डीवीपी-रिसर्च प्रतमेश मलिया के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उनका कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी और गिरावट के दोनों फैक्टर्स मौजूद हैं।
स्मॉलकेस मैनेजर और स्मार्ट वेल्थ AI के फाउंडर पंकज सिंह के अनुसार, सोने की कीमतों में 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास मजबूती यह दिखाती है कि अमेरिकी महंगाई में नरमी के बावजूद निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सेफ-हेवन डिमांड कायम है। उन्होंने बताया कि CME ग्रुप द्वारा गोल्ड फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने के बाद लीवरेज्ड पोजीशंस घटानी पड़ीं, जिससे रणनीतिक बिकवाली देखने को मिली। इसका असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ा।
2026 के लिए Gold-Silver का आउटलुक
पंकज सिंह के मुताबिक, 2026 में सोने की कीमतें 10-60% तक बढ़ सकती हैं, लेकिन इस दौरान 20% तक के करेक्शन की संभावना भी बनी रहेगी। चांदी में 5-30% तक के डाउनसाइड रिस्क की बात कही गई है।
हालांकि, तेज होती औद्योगिक मांग और सप्लाई टाइट होने पर चांदी की कीमतें मौजूदा स्तर से 40% तक उछाल सकती हैं। निवेशकों के लिए यह साल संभावित अवसर और जोखिम दोनों लेकर आएगा।
निष्कर्ष
इस हफ्ते Gold-Silver की कीमतों में उतार-चढ़ाव अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण देखने को मिल सकता है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ी अस्थिरता से सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेफ-हेवन डिमांड और निवेशक सतर्कता के चलते सोने और चांदी में लम्बे समय तक निवेश करने के अवसर बने रहेंगे। हालांकि, कीमतों में अस्थिरता और करेक्शन की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निवेशक और ट्रेडर इस हफ्ते MCX और अंतरराष्ट्रीय COMEX बाजार पर ध्यान देंगे, ताकि कीमतों के उतार-चढ़ाव के सही संकेत मिल सकें। 2026 का साल सोने-चांदी निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण और अवसरों से भरा रह सकता है।
