Bhopal और इंदौर मेट्रो का हाल एक जैसा यात्रियों की कमी से 14 दिन में ही घटाए गए ट्रिप
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में हाल ही में शुरू हुई मेट्रो सेवा को लेकर शुरुआती उत्साह अब तेजी से कम होता नजर आ रहा है। मेट्रो संचालन शुरू होने के महज 14 दिनों के भीतर ही यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस स्थिति को देखते हुए भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने मेट्रो के संचालन समय और ट्रिप की संख्या में कटौती करने का फैसला लिया है। यह नया शेड्यूल 5 जनवरी से लागू कर दिया गया है।
Bhopal मेट्रो की यह स्थिति प्रदेश के दूसरे बड़े शहर इंदौर से काफी मिलती-जुलती दिखाई दे रही है, जहां मेट्रो के शुरुआती चरण में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही थी। अब भोपाल में भी वही तस्वीर सामने आ रही है, जिससे मेट्रो परियोजना की उपयोगिता और भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
14 दिन में बदला गया शेड्यूल
Bhopal मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा किया गया था। उद्घाटन के अगले ही दिन यानी 21 दिसंबर से मेट्रो का कमर्शियल संचालन शुरू कर दिया गया। शुरुआती दिनों में लोगों में मेट्रो को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। पहले दिन कुल 6,568 यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया, जो मेट्रो कॉर्पोरेशन के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा था।
हालांकि, यह उत्साह ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सका। कुछ ही दिनों में यात्रियों की संख्या लगातार घटती चली गई और वर्तमान में यह आंकड़ा घटकर लगभग 1,000 यात्रियों प्रतिदिन तक सिमट गया है। यात्रियों की इस भारी कमी के चलते मेट्रो कॉर्पोरेशन को मजबूरन शेड्यूल और ट्रिप में बदलाव करना पड़ा।
अब दोपहर 12 बजे से चलेगी मेट्रो
नए शेड्यूल के अनुसार Bhopal मेट्रो अब सुबह 9 बजे के बजाय दोपहर 12 बजे से संचालित होगी। पहले मेट्रो सुबह 9 बजे एम्स स्टेशन से शुरू होकर शाम तक चलती थी, लेकिन अब संचालन समय में लगभग तीन घंटे की देरी कर दी गई है। इसके साथ ही मेट्रो की अंतिम ट्रिप भी पहले की तुलना में पहले समाप्त कर दी जाएगी।
अब आखिरी मेट्रो शाम 7:30 बजे एम्स स्टेशन से सुभाष नगर के लिए रवाना होगी, जो लगभग 25 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन पहुंचेगी। इस तरह मेट्रो का संचालन रात 7:55 बजे तक ही सीमित रहेगा।

ट्रिप की संख्या में भी कटौती
यात्रियों की संख्या कम होने का असर मेट्रो की ट्रिप पर भी पड़ा है। पहले दोनों दिशाओं में कुल 17 ट्रिप संचालित की जा रही थीं, लेकिन अब इन्हें घटाकर 13 ट्रिप कर दिया गया है। नए शेड्यूल के अनुसार—
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एम्स से सुभाष नगर की दिशा में 7 ट्रिप
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सुभाष नगर से एम्स की दिशा में 6 ट्रिप
अब मेट्रो 75 मिनट के अंतराल पर चलेगी, यानी एक ट्रेन के जाने के बाद अगली ट्रेन करीब सवा घंटे बाद उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को और असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है।
यात्रियों की संख्या क्यों घटी
Bhopal मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम होने के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण मेट्रो रूट का सीमित होना है। फिलहाल मेट्रो केवल एम्स से सुभाष नगर के बीच ही संचालित हो रही है, जो शहर के बड़े हिस्से को कवर नहीं करती। इसके अलावा मेट्रो स्टेशनों तक कनेक्टिविटी, फीडर बसों की कमी और समय-सारणी को लेकर भी लोगों में असंतोष देखने को मिल रहा है।
कई यात्रियों का कहना है कि मेट्रो का समय उनके ऑफिस या दैनिक यात्रा के समय से मेल नहीं खाता, जिससे वे अन्य साधनों जैसे ऑटो, बस या निजी वाहन का उपयोग करना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।
इंदौर मेट्रो से मिलती-जुलती स्थिति
Bhopal मेट्रो की यह स्थिति इंदौर मेट्रो की शुरुआती हालत की याद दिलाती है। इंदौर में भी मेट्रो के प्रारंभिक चरण में यात्रियों की संख्या उम्मीद से कम रही थी। सीमित रूट और कम कनेक्टिविटी के कारण वहां भी मेट्रो को पर्याप्त रिस्पॉन्स नहीं मिला था। अब भोपाल में भी वही समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की तुलना की जाने लगी है।
मेट्रो कॉर्पोरेशन का पक्ष
मेट्रो कॉर्पोरेशन का कहना है कि यह बदलाव अस्थायी है और यात्रियों की संख्या को देखते हुए लिया गया एक व्यावहारिक फैसला है। अधिकारियों के अनुसार जैसे-जैसे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा और शहर के अन्य हिस्से इससे जुड़ेंगे, यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। फिलहाल कम यात्री संख्या के कारण ऑपरेशनल खर्च को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
शहर के लोगों की प्रतिक्रिया इस फैसले को लेकर मिली-जुली है। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रिप कम होने से मेट्रो का उपयोग और भी कम हो जाएगा, जबकि कुछ लोग इसे मेट्रो कॉर्पोरेशन की मजबूरी मान रहे हैं। कई यात्रियों ने सुझाव दिया है कि मेट्रो के साथ बेहतर फीडर सिस्टम, पार्किंग सुविधा और समय-सारणी में लचीलापन लाया जाना चाहिए।
भविष्य को लेकर सवाल
Bhopal मेट्रो में यात्रियों की घटती संख्या ने मेट्रो परियोजना के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही रूट विस्तार, कनेक्टिविटी और जनजागरूकता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो मेट्रो का उद्देश्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, Bhopal मेट्रो की शुरुआत भले ही बड़े उत्साह के साथ हुई हो, लेकिन यात्रियों की कमी ने मेट्रो कॉर्पोरेशन को शुरुआती दौर में ही बड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। ट्रिप और समय-सारणी में कटौती यह दर्शाती है कि मेट्रो को शहर की जरूरतों के अनुसार और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है। आने वाले समय में मेट्रो का विस्तार और बेहतर योजना ही यह तय करेगी कि भोपाल मेट्रो जनता की पहली पसंद बन पाएगी या नहीं।
