MP में कड़ाके की ठंड का कहर 15 जिलों में स्कूल बंद छात्रों को बड़ी राहत
MP इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। खासकर सुबह और देर रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित राज्य के 15 जिलों में नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
शीतलहर से बढ़ी मुश्किलें
पिछले कुछ दिनों से MP में उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पारा 3 से 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। सुबह के समय घना कोहरा, ठंडी हवाएं और सर्द मौसम ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही थी, जिन्हें सुबह-सवेरे ठंड में स्कूल जाना पड़ रहा था।
जिला प्रशासन का बड़ा फैसला
बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने हालात की समीक्षा की और स्कूलों में अवकाश की घोषणा की। प्रशासन का कहना है कि छोटे बच्चों पर ठंड का असर जल्दी पड़ता है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी वजह से नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को राहत दी गई है। हालांकि, उच्च कक्षाओं के लिए स्थिति के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।

इन जिलों में घोषित हुआ स्कूल अवकाश
राज्य के अलग-अलग जिलों में ठंड की तीव्रता को देखते हुए छुट्टियों की अवधि अलग-अलग तय की गई है।
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जबलपुर: जिले में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 5 और 6 जनवरी को स्कूल बंद रहेंगे।
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राजगढ़: कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
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रतलाम: नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिनों का अवकाश रहेगा।
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नीमच: जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के स्कूल 5 और 6 जनवरी तक बंद रहेंगे।
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टीकमगढ़: नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सभी विद्यालयों में 5 और 6 जनवरी को छुट्टी घोषित की गई है।
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आगर मालवा: पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 5 और 6 जनवरी को अवकाश मिलेगा।
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रायसेन: जिला प्रशासन ने नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए 7 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।
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अशोकनगर: जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल 5 जनवरी को बंद रहेंगे।
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ग्वालियर: भीषण ठंड को देखते हुए नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 5 और 6 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है।
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विदिशा: जिले में पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को 6 जनवरी तक स्कूल नहीं जाना होगा।
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शाजापुर: नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 5 से 6 जनवरी तक अवकाश रहेगा।
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मंदसौर: नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए 5 और 6 जनवरी को स्कूल बंद रहेंगे।
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उज्जैन: पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को 5 और 6 जनवरी को छुट्टी दी गई है।
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इंदौर: जिले में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए तीन दिनों का अवकाश घोषित किया गया है, जिससे हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
भोपाल में बदली गई स्कूलों की टाइमिंग
राजधानी भोपाल में स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन ठंड को देखते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार अब नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे से पहले संचालित नहीं होंगे। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों को अत्यधिक ठंड और कोहरे में घर से जल्दी निकलने की मजबूरी न हो।
पहले ही मिल चुका था विंटर ब्रेक
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इससे पहले ही शीतकालीन अवकाश यानी विंटर ब्रेक की घोषणा की थी। यह अवकाश 31 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी तक रहा था। हालांकि, ठंड की तीव्रता कम न होने के कारण अब कई जिलों में अतिरिक्त छुट्टियां देनी पड़ी हैं। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी छुट्टियों की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
अभिभावकों और छात्रों में खुशी
स्कूलों में अवकाश की घोषणा के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को सुबह ठंड में स्कूल भेजना जोखिम भरा होता है। ऐसे में प्रशासन का यह फैसला सराहनीय है। वहीं, छात्रों को भी ठंड से राहत मिलने के साथ-साथ अतिरिक्त छुट्टियों का फायदा मिला है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। कई जिलों में कोल्ड डे और शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक रूप से सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें और बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, MP में जारी कड़ाके की ठंड के बीच जिला प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय छात्रों के हित में माना जा रहा है। स्कूलों में अवकाश और समय में बदलाव से न केवल बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रशासन और भी अहम फैसले ले सकता है।
