चांदखेड़ी जैन तीर्थ में महावैराग्य की महागाथा ‘भरतस्य भारतम’ का भव्य मंचन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति, शांतिधारा, सांस्कृतिक वैभव और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम।
चांदखेड़ी जैन तीर्थ: आस्था का दिव्य केंद्र
राजस्थान के झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्थित चन्द्रोदय अतिशय क्षेत्र चांदखेड़ी देशभर में जैन आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ विराजमान आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर चांदखेड़ी में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुँचते हैं। विशेष रूप से यहाँ होने वाली शांतिधारा देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर ऐतिहासिक आयोजन
नववर्ष की पूर्व संध्या पर चांदखेड़ी तीर्थ परिसर में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत समागम देखने को मिला। इस अवसर पर महावैराग्य की महागाथा – ‘भरतस्य भारतम, भरत का भारत’ का भव्य और भावपूर्ण मंचन किया गया।
‘भरतस्य भारतम’ – वैराग्य और राष्ट्रबोध की गाथा
प्रसिद्ध रंगमंच संस्था रंगशाला इंदौर द्वारा निर्देशित यह महानाट्य जैन इतिहास, चक्रवर्ती भरत की दिग्विजय और वैराग्य की भावना को अत्यंत प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करता है। निर्देशन किया सुप्रसिद्ध रंग निर्देशिका साधना मादावत जैन ने, जिनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि विजय चौधरी एवं विशिष्ट अतिथियों में रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका, विजय बहादुर, अजय बाकलीवाल, नरेश जैन वेद, महावीर माडसाब तथा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन पार्श्वमणि सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
शांतिधारा और दर्शन का अनुपम सौभाग्य
प्रातःकाल शांतिधारा का सौभाग्य रांकेश गंगवाल, सुमेर रांवका एवं विजय बहादुर को प्राप्त हुआ। एक ही दिन में लगभग 6000 श्रद्धालुओं ने आदिनाथ भगवान के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।
सांस्कृतिक सम्मान एवं नारी शक्ति
रंगशाला की निर्देशिका साधना मादावत जैन का पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी, तिलक एवं माला से सम्मान किया गया। इस अवसर पर दिगम्बर जैन महिला मंडल चांदखेड़ी की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।

दिग्विजय यात्रा और भक्ति उल्लास
रात्रि में भरत चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा ढोल-नगाड़ों, बग्गियों और भक्ति नृत्य के साथ निकाली गई। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
विकास कार्य और व्यवस्थाओं की मिसाल
महामंत्री नरेश जैन वेद ने बताया कि क्षेत्र में 250 से अधिक कमरों की आवासीय व्यवस्था, धर्मशालाएं, विद्यालय, गौशाला, मल्टीस्पेशलिटी हॉल और विद्यासागर हॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रशासनिक सहभागिता
इस अवसर पर अमित बुडानिया एवं गरिमा जिंदल सहित प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
वात्सल्य भोज और सेवा भाव
हजारों श्रद्धालुओं हेतु वात्सल्य भोज की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिसमें शिखरचंद जैन (नौगांवा), डॉ. अनुरेश जैन, डॉ. नेहा जैन, कांतिलाल जैन परिवार एवं अन्य पुण्यार्थियों का योगदान रहा।
आध्यात्मिक अनुभूति
रात्रि में भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर स्वतः देवों द्वारा अभिषेक की दिव्य अनुभूति ने श्रद्धालुओं को अभिभूत कर दिया। मंदिर परिसर “जय हो चांदखेड़ी वाले बाबा” के जयकारों से गूंज उठा।
निष्कर्ष
चांदखेड़ी जैन तीर्थ का यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन गया।
