णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महामहोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी, 108 फीट समवशरण, 3000+ जिनबिंब प्रतिष्ठा और भव्य पंचकल्याणक नगर—जैन समाज का ऐतिहासिक आयोजन।
राजेश जैन दद्दू
प्रस्तावना: आस्था का नया अध्याय
णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महामहोत्सव—यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन समाज की साधना, संस्कृति और संगठन शक्ति का विराट प्रदर्शन है। नाशिक जिले की पावन भूमि पर स्थित यह तीर्थ देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। सिंहस्थ कुंभ से पूर्व ही यहां आस्था का महासागर उमड़ेगा, जो इस आयोजन को महाकुंभ का स्वरूप प्रदान करेगा।
णमोकार तीर्थ: प्राचीनता और भव्यता
चांदवड तहसील के मालसाने गांव में स्थित Namokar Tirth लगभग 27 एकड़ में फैला हुआ है। रामटेकड़ी की 12 हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक भूमि पर विकसित यह तीर्थ स्थापत्य और अध्यात्म का अनुपम संगम है। वर्षों की तपस्या और दूरदृष्टि से साकार हुआ यह तीर्थ आज वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर है।
आचार्यश्री देवनंदी महाराज का स्वप्न
परम पूज्य आचार्यश्री देवनंदी महाराज ने वर्षों पूर्व जिस भव्य तीर्थ की कल्पना की थी, वह अब पूर्णता की दहलीज पर है। कुंथूगिरी से प्रेरित यह संकल्प जैन दर्शन के पंचकल्याणक आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। यह आयोजन उनके आध्यात्मिक स्वप्न की साकार अभिव्यक्ति है।
पंचकल्याणक महामहोत्सव का स्वरूप
णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महामहोत्सव में तीर्थंकरों के जीवन के पाँच कल्याणकों—गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष—का भव्य अनुष्ठान होगा। वैदिक मंत्रोच्चार, जैन आगमिक विधियां और शास्त्रीय अनुष्ठान इस आयोजन को दिव्यता प्रदान करेंगे।
108 फीट समवशरण और जिनालय
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 108 फीट ऊंचा विशाल समवशरण होगा, जो 5.5 एकड़ में फैला रहेगा। यहां त्रिकाल चौबीसी, सहस्रकूट जिनालय और 24 तीर्थंकर जिनालय स्थापित होंगे। यह समवशरण जैन ब्रह्मांड दर्शन का जीवंत प्रतीक बनेगा।
3000+ जिनबिंब प्रतिष्ठा का महत्व
इस महामहोत्सव में 3000 से अधिक जिनबिंब प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा संपन्न होगी। यह संख्या स्वयं में ऐतिहासिक है और जैन मूर्तिकला, आस्था व परंपरा का विश्वस्तरीय संदेश देती है। प्रत्येक प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए साधना का केंद्र बनेगी।
पंचकल्याणक नगर: व्यवस्थाएं और सुविधाएं
125 एकड़ में फैले पंचकल्याणक नगर में एक लाख वर्गफुट का भव्य मंडप, 108 फीट ऊंचा ‘श्री देवकीर्ति’ ध्वज, 300 सुइट्स, 700 अस्थायी कक्ष और 50 डोरमेट्री की व्यवस्था होगी। 2000 से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने की समुचित योजना तैयार की गई है।
प्रशासनिक तैयारियां और विकास कार्य
श्रद्धालुओं की अनुमानित भारी उपस्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू की हैं। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis द्वारा विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें सड़क, बिजली-पानी, हेलीपैड, विशाल पार्किंग और 450 शौचालयों का निर्माण शामिल है। निर्देश स्पष्ट हैं—कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के हों।
आयोजन समिति और मार्गदर्शक
णमोकार तीर्थ के अध्यक्ष नीलम अजमेरा और बाल ब्रह्मचारी वैशाली दीदी के मार्गदर्शन में यह आयोजन आकार ले रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पेंढारी, कोषाध्यक्ष दिनेश शेठी, सचिव कमल ठोल्या, प्रचार संयोजक पारस लोहाड़े सहित विनोद पाटणी और जमणालाल हपावत जैसे समर्पित कार्यकर्ता आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हैं।
जैन समाज के लिए आध्यात्मिक संदेश
णमोकार तीर्थ पंचकल्याणक महामहोत्सव जैन समाज के लिए आत्मचिंतन, संयम और करुणा का संदेश लेकर आएगा। यह आयोजन नई पीढ़ी को जैन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
निष्कर्ष: महाकुंभ की ओर बढ़ता तीर्थ
यह महामहोत्सव न केवल एक आयोजन, बल्कि जैन समाज की सामूहिक साधना का उत्सव है। णमोकार तीर्थ आने वाले समय में वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर एक सशक्त केंद्र के रूप में उभरेगा।
