बाड़मेर के लाल ने किया कमाल: DEEPAK SHARDA ने विकसित किया देश का पहला स्वदेशी डिजिटल एड्रेस सिस्टम ‘भारत पिन’
बाड़मेर के युवा DEEPAK ने सात साल की लगातार मेहनत और लगन के बाद देश का पहला स्वदेशी डिजिटल एड्रेस सिस्टम ‘भारत पिन’ और इसके साथ भारत मैप्स तैयार किया है। इस तकनीक के जरिए अब हर घर, दुकान, ऑफिस और फैक्ट्री को एक यूनिक 7 डिजिट का डिजिटल पिन मिलेगा, जिससे किसी भी लोकेशन तक केवल 1 मीटर की सटीक पहचान संभव हो सकेगी। दीपक शारदा का कहना है कि यह पहल भारत में ‘वन नेशन, वन एड्रेस’ की दिशा में सबसे बड़ा डिजिटल कदम है। उन्होंने 2018 से 2025 तक प्रतिदिन लगभग 16 घंटे काम करके इस डिजिटल मैप को तैयार किया। उनके साथ इस परियोजना में 40 से अधिक युवाओं की टीम भी जुड़ी हुई थी। इस एप्लिकेशन की खासियत यह है कि यूजर अपने पते को डिजिटल रूप में जोड़ सकता है। इसके जरिए ऑनलाइन डिलीवरी, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं की ट्रैकिंग, चुनाव आयोग, आपातकालीन सेवाओं और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कोरोना काल में आया विचार
DEEPAK के मुताबिक, इस विचार की शुरुआत कोरोनाकाल के दौरान हुई। जब देश लॉकडाउन में था और डिजिटल भुगतान और पहचान प्रणाली तेजी से अपनाई जा रही थी, तब दीपक ने यह सवाल उठाया कि यदि भुगतान और पहचान डिजिटल हो सकती है, तो एड्रेस क्यों नहीं। इसी सोच से भारत पिन और भारत मैप्स की नींव पड़ी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान को आसानी से पहचान सकता है। चाहे वह किसी शहर का भीड़-भाड़ वाला इलाका हो या छोटे गाँव का घर, पिन के जरिए सटीक लोकेशन तक पहुँचना आसान होगा।
भारत पिन क्या है और कैसे करता है काम?
भारत पिन किसी व्यक्ति की पहचान नहीं बल्कि स्थान की पहचान करता है। यह 7 अंकों का यूनिक डिजिटल कोड होता है, जो हर गली, मोड़, चौराहे या कुछ घरों के बाद तय किया गया है। उदाहरण के लिए, पिन कोड BMM4338 के रूप में दिखाया जा सकता है, जिसमें पहला अक्षर जिले को दर्शाता है। हर चार घरों के बाद नया पिन तय किया गया है, जिससे पूरे देश को कवर किया गया है। यूजर बस भारत मैप्स एप पर जाकर पिन सर्च करता है और बिना भटके सटीक लोकेशन पर पहुँच सकता है। DEEPAK ने बताया कि इस एप्लिकेशन के जरिए यूजर अपने पते को डिजिटल रूप में जोड़ सकता है। इससे न केवल सामान्य नागरिक बल्कि व्यवसाय, सरकारी विभाग और आपातकालीन सेवाएँ भी लाभान्वित होंगी।
डिजिटल एड्रेस का फायदा
इस एप्लिकेशन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब ऑनलाइन डिलीवरी और लॉजिस्टिक सेवाएँ सटीक पते पर पहुँच सकती हैं। उदाहरण के लिए, ई-कॉमर्स कंपनियों और खाद्य डिलीवरी सेवाओं के लिए यह प्रणाली अत्यंत लाभकारी साबित होगी। साथ ही, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रत्येक घर के डिजिटल पिन के जरिए योजना लाभार्थियों तक सीधे और तेज़ी से पहुँच बनाई जा सकती है। चुनाव आयोग और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी यह तकनीक क्रांतिकारी साबित होगी।
तकनीकी पहल और टीमवर्क
DEEPAK ने इस परियोजना को केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं बनाया। उनके साथ 40 से अधिक युवाओं की टीम जुड़ी, जिन्होंने विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में योगदान दिया। टीम ने डेटा संग्रह, मैपिंग और डिजिटल पिन को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। DEEPAK ने बताया कि टीम ने 7 साल के कठिन परिश्रम और लगातार काम के बाद यह सिस्टम तैयार किया। उन्होंने प्रतिदिन 16 घंटे काम कर तकनीक को पूर्ण रूप दिया।
लॉन्च और सम्मान
इस एप्लिकेशन को 30 नवंबर, 2025 को लॉन्च किया गया और यह गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में इस नवाचार को मोबिलिटी कैटेगरी में विजेता घोषित किया गया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने भी इस परियोजना के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करके दीपक शारदा और उनकी टीम का सम्मान किया।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत पिन प्रणाली देश में डिजिटल पहचान और लोकेशन सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल व्यवसाय और सरकारी सेवाओं के लिए लाभकारी है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी। एक डिजिटल नवाचार विशेषज्ञ ने कहा, “भारत पिन और भारत मैप्स प्रणाली से अब हर स्थान का सटीक डेटा उपलब्ध होगा। इससे योजना वितरण, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सुविधाओं में तेजी आएगी।”
भविष्य में संभावनाएँ
DEEPAK का कहना है कि भविष्य में भारत पिन प्रणाली को और अधिक उन्नत किया जाएगा। यह प्रणाली धीरे-धीरे देश के सभी घरों और व्यवसायों तक पहुंच जाएगी। भविष्य में इसे विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं के साथ एकीकृत किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, डिलीवरी सेवाओं, टैक्सी या कैब सेवाओं, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन सेवाओं में इसे जोड़कर नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
नागरिकों के लिए आसान उपयोग
इस एप्लिकेशन को आम नागरिकों के लिए आसान बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति अपने पते को एप में जोड़ सकता है और इसे डिजिटल पिन के रूप में सुरक्षित कर सकता है। इससे ऑनलाइन लेन-देन और सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे घर तक पहुँच सकेगा। कोरोनाकाल में जन्मी इस सोच ने अब पूरे देश में डिजिटल एड्रेस प्रणाली की दिशा में एक नई क्रांति शुरू की है। दीपक शारदा और उनकी टीम ने यह साबित कर दिया है कि सही सोच, मेहनत और तकनीकी कौशल से किसी भी जटिल समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
निष्कर्ष
भारत पिन और भारत मैप्स प्रणाली ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक नया कदम बढ़ाया है। यह तकनीक केवल स्थान की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऑनलाइन डिलीवरी, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं की ट्रैकिंग, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सुविधा जैसे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। DEEPAK और उनकी टीम ने सात साल की मेहनत, तकनीकी विशेषज्ञता और नवाचार के जरिए देश को एक नई दिशा दी है। उनके इस प्रयास से भारत में डिजिटल एड्रेस और लोकेशन सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत और भरोसेमंद प्रणाली तैयार हुई है।
