MP में बदला मौसम का मिजाज, 16 जिलों में घना कोहरा, 3 जनवरी से फिर बढ़ेगी ठंड
MP में नए साल की शुरुआत मौसम के बदले हुए तेवरों के साथ हुई है। लंबे समय से पड़ रही कड़ाके की ठंड से प्रदेशवासियों को फिलहाल कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। उत्तर भारत से आ रहे मौसम सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा और बादलों की आवाजाही देखने को मिली है। खासतौर पर प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सुबह के समय घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया।
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति अस्थायी है और 3 जनवरी के बाद प्रदेश में एक बार फिर ठंड अपना तीखा रूप दिखा सकती है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।
16 जिलों में घना कोहरा, दृश्यता बेहद कम
नए साल के पहले दिन सुबह से ही प्रदेश के 16 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही और कई जगहों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। दतिया जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जहां दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक सिमट गई। ऐसे हालात में वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहरे से प्रभावित जिलों में खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना भी शामिल रहे। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को खासा सतर्क रहना पड़ा।

5 जिलों में दिनभर छाए रहे बादल
कोहरे के साथ-साथ प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में पूरे दिन बादल छाए रहे, जिससे धूप नहीं निकल सकी। बादलों की वजह से दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि रात के तापमान में फिलहाल ज्यादा कमी नहीं आई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से फिलहाल ठंड की तीव्रता कम हुई है, लेकिन उत्तर भारत में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम के कारण तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिल सकती है।
पचमढ़ी और कल्याणपुर रहे सबसे ठंडे
MP में तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद शहडोल जिले का कल्याणपुर और मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडे स्थानों में शामिल रहे। यहां न्यूनतम तापमान अन्य जिलों की तुलना में काफी कम दर्ज किया गया। पहाड़ी इलाकों में ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी हुई है।
पचमढ़ी में सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया, वहीं कल्याणपुर में भी तापमान गिरने से लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
3 जनवरी से फिर बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि प्रदेश में ठंड का यह नरम दौर ज्यादा लंबा नहीं रहेगा। 3 जनवरी से उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही रातें ज्यादा ठंडी होने लगेंगी और सुबह के समय कोहरा और ज्यादा घना हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार जनवरी के पहले सप्ताह में प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति भी बन सकती है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग और बुंदेलखंड क्षेत्र में ठंड का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
जनजीवन पर असर
कोहरे और ठंड के बदलते मिजाज का असर आम जनजीवन पर साफ नजर आ रहा है। सुबह के समय ट्रेन और बस सेवाएं प्रभावित हुईं, वहीं हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। किसान भी मौसम को लेकर सतर्क नजर आए, क्योंकि कोहरा फसलों पर असर डाल सकता है।
शहरी इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते दिखे, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हुई।
स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह
डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत है। सुबह और रात के समय बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि कोहरा और बादलों की स्थिति बनी रह सकती है। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। जहां एक ओर कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली है, वहीं घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। अब सभी की निगाहें 3 जनवरी पर टिकी हैं, जब एक बार फिर प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ने की संभावना है।
