मध्यप्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। नए साल 2026 की शुरुआत एक अहम प्रशासनिक फैसले के साथ होगी, जब राज्य सरकार 176 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करेगी। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह कदम लंबे समय से लंबित Departmental Promotion Committee (DPC) प्रक्रिया को पूरा करने के बाद उठाया गया है और इसे राज्य प्रशासनिक और पुलिस ढांचे को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।
कुल 176 अधिकारियों की इस प्रमोशन सूची में 97 IAS और IPS अधिकारी और 79 SAS अधिकारी शामिल हैं। इनमें विभिन्न स्तरों पर बदलाव होंगे, जैसे स्पेशल डीजी, एडीजी, सचिव और कलेक्टर स्तर की पदोन्नति। यह कदम मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करेगा।
IPS कैडर में शीर्ष स्तर पर प्रमोशन
IPS कैडर में वर्ष 1994 बैच के अधिकारी आशुतोष राय को स्पेशल डीजी (Special Director General) के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसी बैच के प्रमोद वर्मा को एडीजी (ADG) बनाया गया है। आशुतोष राय एक जनवरी 2026 से स्पेशल डीजी का कार्यभार संभालेंगे। इनके प्रमोशन के बाद खाली पदों को भरने के लिए राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता का नाम आगे आएगा।
इसके अलावा, अनंत कुमार सिंह और मनमीत सिंह नारंग, जो वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर प्रदेश से बाहर हैं, उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति दी जाएगी। इस प्रमोशन के जरिए पुलिस प्रशासन के उच्च स्तर पर खाली पदों को भरा जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों को उनके अनुभव और काबिलियत के अनुसार उचित स्थान मिलेगा।
IAS अधिकारियों में सचिव स्तर पर बदलाव
IAS कैडर में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव एम. सेलवेंद्रम को प्रमुख सचिव (Principal Secretary) के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, सचिव स्तर पर एक-दो अधिकारियों का तबादला भी संभव है, जबकि अधिकांश अधिकारी मौजूदा पद पर रहते हुए प्रमोशन पाएंगे।
भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह और सीपीआर (CPR) के दीपक सक्सेना सचिव पद पर पदोन्नत होने के बाद भी अपनी वर्तमान जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। वहीं, 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नत किया जाएगा, जिनमें उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल और स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ अधिकारियों को अपर सचिव (Additional Secretary) और सिलेक्शन ग्रेड (Selection Grade) भी मिलेगा। कुल मिलाकर लगभग 71 आईएएस अधिकारियों को इस प्रमोशन सूची में शामिल किया गया है।

IPS में आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर की पदोन्नति
IPS कैडर में कुल 26 अधिकारियों को प्रमोशन मिलेगा। वर्ष 2008 बैच के शियष ए, जयदेवन ए और ललित शाक्यवार को आईजी (IG) पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, 11 अधिकारियों को डीआईजी (DIG) और 10 अधिकारियों को सिलेक्शन ग्रेड के तहत एसएसपी (SSP) बनाया जाएगा। यह प्रमोशन पुलिस प्रशासन के मध्य और वरिष्ठ स्तर पर खाली पदों को भरने और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने में मदद करेगा।
SAS कैडर में 79 अधिकारियों को पदोन्नति
राज्य प्रशासनिक सेवा के 79 अधिकारियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इनमें डिप्टी कलेक्टर (Deputy Collector), ज्वाइंट कलेक्टर (Joint Collector) और एडीशनल कलेक्टर (Additional Collector) स्तर की पदोन्नतियां शामिल हैं। कई अधिकारियों को सीनियर स्केल (Senior Scale) भी प्रदान किया जाएगा। यह प्रमोशन राज्य प्रशासनिक सेवा में अनुभव और काबिलियत के अनुसार अधिकार और जिम्मेदारी बांटे जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
अनफिट पाए गए अधिकारियों को इंतजार करना होगा
डीपीसी में IAS के पांच और SAS के 25 अधिकारियों को अनफिट (Unfit) पाया गया है। इन अधिकारियों को अब एक साल और इंतजार करना होगा, जब वे प्रमोशन के योग्य होंगे। वहीं, इस बार डीपीसी में सभी कैडर के अधिकारियों को क्लियरेंस मिल चुकी है और इसके बाद आदेश जारी किए जा रहे हैं।
विभागीय जांच से बाहर आए अफसरों को भी राहत
इस साल कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच या शासकीय दंड से जुड़े मामले निपट गए हैं। कुल 23 SAS अधिकारियों को 2025 में क्लीन चिट (Clean Chit) मिली है, जिनमें से 13 अधिकारियों को अब प्रमोशन दिया जाएगा। बाकी 10 अधिकारियों को दंड की अवधि समाप्त होने के बाद प्रमोशन मिलेगा। यह पहला मौका है जब इतने अधिक SAS अधिकारियों के लंबित मामलों का एक ही साल में निपटारा हुआ।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे वीरेंद्र मिश्रा
मध्यप्रदेश कैडर के 2012 बैच के IPS अधिकारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा को केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) में उप सचिव (Deputy Secretary) बनाया गया है। वे प्रतिनियुक्ति के तहत केंद्र सरकार में कार्यभार संभालेंगे, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
प्रमोशन का महत्व और प्रशासनिक प्रभाव
यह पदोन्नति सूची मध्यप्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह न केवल उच्च अधिकारियों की क्षमता और अनुभव का सम्मान है, बल्कि राज्य में प्रशासनिक स्थिरता, बेहतर गवर्नेंस और जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी एक अहम कदम है। इन पदोन्नतियों से अधिकारी न सिर्फ अपने विभागीय कर्तव्यों को और प्रभावी ढंग से निभा पाएंगे, बल्कि जनसेवा और सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार संभव होगा।
पदोन्नति से अधिकारियों के मनोबल में वृद्धि होगी और लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए प्रेरणा मिलेगी। विशेष रूप से पुलिस प्रशासन में आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के प्रमोशन से राज्य में कानून और व्यवस्था मजबूत होगी। वहीं, IAS और SAS अधिकारियों के प्रमोशन से विभिन्न विभागों में कुशल नेतृत्व उपलब्ध होगा, जिससे नीति निर्माण और कार्यान्वयन में तेजी आएगी।
इस व्यापक प्रमोशन प्रक्रिया के बाद मध्यप्रदेश सरकार प्रशासनिक और पुलिस ढांचे में सुदृढ़ता और सुचारू संचालन सुनिश्चित कर पाएगी। यह कदम नए साल के अवसर पर अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफा भी माना जा रहा है, जिससे उनका मनोबल और कार्यक्षमता दोनों बढ़ेंगी।
कुल मिलाकर, यह 176 अधिकारियों की पदोन्नति सूची न केवल प्रशासनिक सुधार और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि मध्यप्रदेश के नागरिकों के लिए बेहतर गवर्नेंस और प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश भी देगी। नए साल 2026 की शुरुआत इस ऐतिहासिक प्रशासनिक निर्णय के साथ होगी, जो राज्य में प्रशासनिक स्थिरता और दक्षता सुनिश्चित करेगा।
