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Bhopal में शुरू होगा अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण

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Published On: 31 December 2025
Bhopal Underground Metro
— Bhopal Underground Metro updates

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Bhopal में अंडरग्राउंड मेट्रो टनल: पुराने शहर में तकनीक और आधुनिकता का संगम

Bhopal अब विकास के नए अध्याय में कदम रख रही है। मध्य प्रदेश की राजधानी में मेट्रो सेवा पहले ही पिलरों पर चल रही है, लेकिन अब पुराने शहर में मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर का निर्माण शुरू होने जा रहा है। यह परियोजना केवल आधुनिक यातायात समाधान नहीं बल्कि तकनीक, इंजीनियरिंग और शहर की ऐतिहासिक विरासत का अद्भुत संगम साबित होगी।

पुराने शहर में अंडरग्राउंड कॉरिडोर की योजना

भविष्य की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, ऑरेंज लाइन का यह विशेष खंड पुल पातारा से बड़ा बाग सिंधी कॉलोनी तक लगभग 3.39 किलोमीटर लंबा होगा। इसे जमीन से लगभग 19 से 20 मीटर की गहराई पर बनाया जाएगा। पुराने भोपाल की तंग गलियों, ऐतिहासिक इमारतों और घनी आबादी के बीच इसे सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित करने की योजना है।

इस सुरंग के निर्माण से शहर के ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। अंडरग्राउंड तकनीक का यह मॉडल सतह पर शोर या कंपन के बिना शहर में विकसित किया जाएगा, जिससे दैनिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

तकनीकी चुनौतियां और समाधान

पुराने शहर की घनी आबादी और ऐतिहासिक संरचनाओं के पास सुरंग का निर्माण करना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनें (TBM) लाई गई हैं, जो भू-तकनीकी और इंजीनियरिंग परीक्षणों के बाद मार्च 2026 से खुदाई का मुख्य अभियान शुरू करेंगी।

Bhopal  में दो विशालकाय टनल बोरिंग मशीनें बेंगलुरु से पहुंच चुकी हैं। इनकी लागत लगभग 100 करोड़ रुपये प्रति मशीन है और यह मशीनें 5.8 मीटर व्यास की गोलाई में जुड़वां सुरंगें तैयार करेंगी। हर दिन ये मशीनें औसतन 15 मीटर की गति से मार्ग तैयार करेंगी, साथ ही टनल की दीवारों को मजबूत करने का काम भी करती रहेंगी।

Bhopal मेट्रो का यह खंड भविष्य की मेट्रो लाइनों के लिए मॉडल बनेगा

भारी मशीनरी और निर्माण प्रक्रिया

टनल बोरिंग मशीनें तकनीकी दृष्टि से अत्यंत जटिल और विशाल हैं। इनका संचालन अत्यधिक कुशल इंजीनियरिंग टीम के तहत किया जाएगा। मशीनों के पुर्जों को जोड़ने, तकनीकी परीक्षण और खुदाई की तैयारी के बाद ही मार्च 2026 से वास्तविक निर्माण शुरू होगा। यह प्रक्रिया पुराने शहर की संरचनाओं और सतह पर गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव डालते हुए पूरी की जाएगी।

अंडरग्राउंड स्टेशन और कनेक्टिविटी

इस अंडरग्राउंड रूट पर भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल होंगे। वर्तमान में इन स्थानों पर प्रारंभिक खुदाई और तैयारी का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को भोपाल रेलवे स्टेशन से सीधे मेट्रो सुविधा उपलब्ध होगी।

यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर केवल मौजूदा यातायात की समस्या को हल नहीं करेगा, बल्कि भविष्य की मेट्रो लाइनों के लिए मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में काम करेगा। इससे भोपाल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहर को ग्लोबल सिटी की कतार में खड़ा करने में मदद मिलेगी।

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पुराने शहर और विरासत की सुरक्षा

भले ही यह एक अत्याधुनिक तकनीकी प्रोजेक्ट है, लेकिन इसके साथ पुराने शहर की ऐतिहासिक इमारतों, गलियों और विरासत की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। भू-तकनीकी सर्वे और संरचनात्मक अध्ययन के आधार पर सुरंग का मार्ग तय किया गया है। सतह पर किसी प्रकार की असुविधा या नुकसान नहीं होगा।

भविष्य की तैयारी और शहर का विकास

भोपाल मेट्रो का यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर शहर में स्मार्ट और टिकाऊ यातायात व्यवस्था का प्रतीक होगा। इससे न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि शहर के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

भविष्य में अन्य मेट्रो लाइनें भी इसी मॉडल का पालन करते हुए विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से तकनीक, इंजीनियरिंग और योजना के क्षेत्र में भोपाल का नाम वैश्विक स्तर पर उजागर होगा।

निष्कर्ष

Bhopal के पुराने शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण न केवल यातायात सुधार का साधन है, बल्कि यह तकनीक, आधुनिकता और शहर की विरासत का संगम भी है। बेंगलुरु से लाई गई विशालकाय टनल बोरिंग मशीनें, अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और संरचनात्मक सुरक्षा के साथ यह परियोजना मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है।

यह खंड पुल पातारा से बड़ा बाग सिंधी कॉलोनी तक 3.39 किलोमीटर लंबा होगा और पुराने शहर की घनी आबादी के बीच आधुनिक मेट्रो सुविधा प्रदान करेगा। रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्रों में अंडरग्राउंड स्टेशनों के निर्माण से यात्रियों को सुविधा और समय की बचत होगी।

भोपाल मेट्रो का यह प्रोजेक्ट न केवल शहर की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा, बल्कि शहर को ग्लोबल सिटी के रूप में विकसित करने में भी मदद करेगा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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