—Advertisement—

महाकाल की शरण में Nusrat Bhabucha, भस्म आरती में शामिल होकर लिया आशीर्वाद

Author Picture
Published On: 30 December 2025
Nusrat Bhabucha IN Mahakaleshwar
— Nusrat Bhabucha IN Mahakaleshwar

—Advertisement—

महाकाल की शरण में Nusrat Bhabucha, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद

उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में मंगलवार सुबह आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर बॉलीवुड अभिनेत्री Nusrat Bhabucha बाबा महाकाल के दरबार पहुंचीं और अलसुबह आयोजित होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच नुसरत पूरी तरह शिव भक्ति में लीन नजर आईं। उनके इस धार्मिक दौरे ने उज्जैन में श्रद्धा का माहौल और भी खास बना दिया।

तड़के ब्रह्म मुहूर्त में पहुंचीं मंदिर, नंदी हॉल से किए दर्शन

मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, Nusrat Bhabucha तड़के सुबह महाकाल मंदिर पहुंचीं और निर्धारित नियमों के अनुसार भस्म आरती में शामिल हुईं। उन्हें नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती के दर्शन कराए गए। इस दौरान वे शांत, संयमित और पूरी तरह ध्यानमग्न दिखाई दीं। आरती के समय उनके चेहरे पर श्रद्धा और भावुकता साफ झलक रही थी, जिसे देखकर वहां मौजूद कई श्रद्धालु भी भावविभोर हो गए।

दूसरा उज्जैन दौरा, पहले से भी ज्यादा खास अनुभव

Nusrat Bhabucha की यह महाकाल यात्रा उनका दूसरा उज्जैन दौरा था, लेकिन इस बार का अनुभव उनके लिए और भी खास रहा। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के दरबार में आकर उन्हें गहरी शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि भस्म आरती में शामिल होना अपने आप में एक दिव्य अनुभव है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।

पुत्रदा एकादशी का धार्मिक महत्व

पुत्रदा एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करने से संतान सुख, पारिवारिक समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। इसी धार्मिक आस्था के चलते Nusrat Bhabucha ने इस शुभ तिथि पर बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस अवसर पर महाकाल मंदिर में देशभर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरे परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा।

Read Also : New Year पर MP बना सैलानियों का हॉटस्पॉट, पंचमढ़ी-उज्जैन-ओंकारेश्वर में रिकॉर्ड भीड़

विशेष प्रसाद पाकर भावुक हुईं नुसरत

दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पुजारियों ने Nusrat Bhabucha को विशेष प्रसाद स्वरूप महाकाल अंकित दुपट्टा भेंट किया। यह दुपट्टा महाकालेश्वर मंदिर की एक विशिष्ट पहचान माना जाता है और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक होता है। इसे पाकर नुसरत बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने श्रद्धा के साथ दुपट्टे को स्वीकार करते हुए कहा कि यह उनके लिए सिर्फ प्रसाद नहीं, बल्कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद है, जिसे वे हमेशा अपने पास संजोकर रखेंगी।

मंदिर व्यवस्था की खुलकर की सराहना

महाकाल दर्शन के बाद Nusrat Bhabucha ने मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्थाओं की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी अधिक भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था बेहद सुचारू और व्यवस्थित है। खास तौर पर उन्होंने जल अर्पण व्यवस्था की प्रशंसा की। नुसरत ने बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से सीधे ज्योतिर्लिंग पर जल चढ़ाने की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए बहुत ही सुविधाजनक है, जिससे लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी नहीं होती और सभी को समान रूप से जल अर्पण का अवसर मिलता है।

भस्म आरती का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व

श्री महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती का पौराणिक और धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। मान्यता के अनुसार, इस आरती में भगवान शिव का श्रृंगार श्मशान से लाई गई चिता की भस्म से किया जाता है। इसके साथ ही गोहरी, पीपल, पलाश, शमी और बेल वृक्ष की लकड़ियों की राख को भी भस्म में मिलाया जाता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार, भस्म आरती के समय भगवान शिव निराकार स्वरूप में होते हैं। इसी कारण महिलाएं परंपरागत रूप से सिर पर ओढ़नी या घूंघट डालकर आरती में शामिल होती हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुईं नुसरत की तस्वीरें

Nusrat Bhabucha की महाकाल यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस उनके इस आध्यात्मिक और सादगी भरे रूप की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि सच्ची श्रद्धा इंसान के व्यक्तित्व को और भी निखार देती है। तस्वीरों में नुसरत बिना किसी दिखावे के, बेहद साधारण और भक्तिभाव से भरी नजर आ रही हैं, जो लोगों को खासा प्रभावित कर रहा है।

बॉलीवुड से आध्यात्मिकता की ओर एक शांत कदम

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया से अलग, नुसरत भरूचा का यह आध्यात्मिक रूप उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणादायक बन गया है। उनका यह दौरा यह संदेश देता है कि आस्था और भक्ति किसी भी पेशे, पहचान या प्रसिद्धि से परे होती है। बाबा महाकाल के दरबार में नतमस्तक होकर नुसरत ने यह दिखा दिया कि आध्यात्मिक शांति जीवन का सबसे बड़ा आधार हो सकती है।

श्रद्धा, सादगी और विश्वास की मिसाल

कुल मिलाकर, पुत्रदा एकादशी के अवसर पर Nusrat Bhabucha का महाकाल दर्शन न सिर्फ एक धार्मिक यात्रा रहा, बल्कि यह श्रद्धा, सादगी और विश्वास की मिसाल भी बन गया। बाबा महाकाल के आशीर्वाद के साथ नुसरत का यह दौरा निश्चित रूप से उनके जीवन का एक यादगार और आत्मिक अनुभव साबित हुआ है, जिसकी झलक उनके चेहरे पर साफ दिखाई दी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp