अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ग्वालियर में भव्य Abhyuday MP Growth Summit
ग्वालियर/मनोज चौबे: अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर उनकी कर्मभूमि ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ (Abhyuday Madhya Pradesh Growth Summit) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। यह समिट अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व और औद्योगिक दृष्टि को समर्पित है। ग्वालियर के मेला ग्राउंड में आयोजित इस ऐतिहासिक समिट में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।
समिट का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मध्य प्रदेश में निवेश, औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। अटल जी के आदर्शों और उनके ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने इसे प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने का रोडमैप बताया है।
2 लाख करोड़ का निवेश और रोजगार की गारंटी
समिट का मुख्य आकर्षण 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों का भूमि पूजन, भूमि आवंटन और लेटर ऑफ़ इंटेंट (LOI) का वितरण है। इसके अलावा, 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की नई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
यह निवेश योजना मुख्य रूप से MSME, महिला उद्यमिता और स्टार्टअप्स को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इससे न केवल राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि हजारों नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे। समिट का लक्ष्य मध्य प्रदेश को निवेश और रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।
समिट की प्रमुख हलचलें और कार्यक्रम का क्रम
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:50 बजे केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से होगी। सबसे पहले अतिथियों को अटल जी के जीवन और औद्योगिक नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद मुख्य मंच पर पहुंचकर अटल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
इस अवसर पर ‘कॉफी-टेबल बुक’ का विमोचन भी किया जाएगा, जो प्रदेश की औद्योगिक यात्रा और विकास की कहानी को दर्शाएगी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय और राज्य सरकार के उच्च अधिकारी, उद्योग जगत के प्रमुख नेता और युवा उद्यमी एक मंच पर मौजूद रहेंगे।
देश के उद्योगपतियों का जमावड़ा और निवेश
समिट में देशभर के प्रमुख उद्योगपति और निवेशक भाग लेंगे। इसमें जेके टायर के एमडी अंशुमान सिंघानिया, गोदरेज इंडस्ट्रीज के नादिर गोदरेज, टोरेंट पावर के जिनल मेहता, और हीडलबर्ग सीमेंट के जयदीप मुखर्जी जैसे दिग्गज शामिल होंगे।
ये निवेश मुख्य रूप से ग्रीन एनर्जी, सीमेंट और फूड सेक्टर में होंगे। उद्योगपतियों की भागीदारी से न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। समिट के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य नवीनतम उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में मध्य प्रदेश को प्रतिस्पर्धी बनाना है।
युवाओं से संवाद और प्रशासनिक सुधार
रोजगार सृजन को केंद्र में रखते हुए समिट में उन उद्यमियों का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने उच्च रोजगार पैदा किया है। इसके अलावा, अमित शाह और डॉ. मोहन यादव सीधे युवाओं से संवाद करेंगे, उनके अनुभव और सुझाव जानेंगे।
एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रशासन ने ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR) की शुरुआत की है। यह पहल आम जनता के लिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाएगी, जिससे प्रशासनिक सुधारों में तेजी आएगी।
समिट केवल निवेश और औद्योगिकीकरण के लिए ही नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में नवाचार, युवा सशक्तिकरण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक मंच भी है।
Abhyuday Summit : विकास का रोडमैप
‘Abhyuday Madhya pradesh Growth Summit’ न केवल एक औपचारिक आयोजन है, बल्कि यह मध्य प्रदेश के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है। अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप, प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
2 लाख करोड़ रुपये के निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मध्य प्रदेश को देश के औद्योगिक नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेंगे। ग्वालियर से उठने वाला यह विकास संदेश पूरे देश में गूंजेगा और यह समिट प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय नेतृत्व के संयुक्त प्रयास से, यह समिट राज्य के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में नई दिशा का निर्धारण करेगा।

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