Dhar में स्वास्थ्य सेवाओं की नई शुरुआत: जेपी नड्डा ने मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन
मध्यप्रदेश के Dhar जिले के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पीपीपी (Public-Private Partnership) मॉडल पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन किया। यह मेडिकल कॉलेज जिले में इलाज, पढ़ाई और रोजगार तीनों के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, स्थानीय विधायक, अधिकारी और आम लोग भी मौजूद रहे। पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित समारोह में मंच से यह स्पष्ट किया गया कि अब धार के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज धार के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में नई क्रांति लेकर आएगा और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।
Dhar मेडिकल कॉलेज से मरीजों और युवाओं को मिलेगा लाभ
Dhar मेडिकल कॉलेज का निर्माण पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा, जिसमें सरकारी निगरानी के साथ निजी संस्थान की आधुनिक तकनीक और सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कॉलेज धार जिले के लिए गेमचेंजर साबित होगा। इस कॉलेज से न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। जिला अस्पतालों की सीमित क्षमताओं के कारण मरीजों को अब तक इंदौर या भोपाल की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए डॉक्टर बनने, नर्सिंग और अन्य मेडिकल स्टाफ के रूप में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा, यह कॉलेज मेडिकल रिसर्च और नई स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए भी बड़ा केंद्र बनेगा।
स्वस्थ जीवन और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर पर जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि अब स्वास्थ्य नीति का मुख्य फोकस बीमारी से बचाव और स्वस्थ जीवन है। पहले सरकारी सोच यह थी कि लोग बीमारी होने पर इलाज कराएं, लेकिन अब सरकार प्रिवेंटिव हेल्थ केयर पर जोर दे रही है। इसमें रोगों से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण, समय पर जांच और टीकाकरण जैसे उपाय शामिल हैं। नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह नीति देशभर में तेजी से लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीमार होने से पहले स्वस्थ रहने पर ध्यान देने से इलाज की लागत भी कम होती है और लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनता है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और U-WIN पोर्टल से ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार
जेपी नड्डा ने बताया कि देशभर में अब तक 1 लाख 81 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की पूरी देखभाल की जाती है। गर्भावस्था के दौरान जांच, जन्म के समय सहायता, टीकाकरण और बच्चे की देखभाल अब गांव स्तर तक पहुंच गई है। इसके अलावा, सरकार ने U-WIN पोर्टल शुरू किया है, जिसमें लगभग 5 करोड़ मां और बच्चे जुड़े हुए हैं। यह पोर्टल बच्चों के टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच और समय पर इलाज की निगरानी करता है। अगर किसी बच्चे का टीका देर से लगता है, तो आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तुरंत सूचना मिलती है, जिससे किसी भी बच्चे का टीकाकरण छूटता नहीं है।
समय पर जांच और इलाज से लाखों जिंदगियां बचाई गईं
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि अब देश में लगभग 89 प्रतिशत डिलीवरी अस्पतालों में हो रही है, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण कमी आई है। इसके अलावा, सरकार ने 4 करोड़ लोगों की ब्लड प्रेशर जांच करवाई है, जिनमें 68 लाख लोग हाई ब्लड प्रेशर पाए गए और उनका इलाज शुरू हो गया। डायबिटीज की जांच में 46 लाख लोग मरीज पाए गए, जिससे समय पर इलाज संभव हुआ। कैंसर जांच में भी बड़ी पहल की गई, जिसमें मुंह, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की जांच करोड़ों महिलाओं में की गई। समय पर जांच और इलाज से हजारों महिलाओं और बच्चों की जान बचाई जा रही है। धार में बनने वाला मेडिकल कॉलेज इन पहलों को और मजबूत करेगा, जिससे जिले में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
