महावीर ट्रस्ट दिव्यांग सेवा के अंतर्गत इंदौर में कृत्रिम पैर वितरण कर जैन समाज ने मानव सेवा का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। पढ़ें पूरी खबर।
महावीर ट्रस्ट दिव्यांग सेवा | इंदौर से मानवता की बड़ी मिसाल
महावीर ट्रस्ट दिव्यांग सेवा के अंतर्गत इंदौर में एक प्रेरक सामाजिक कार्य संपन्न हुआ। महावीर ट्रस्ट बाल कल्याण एवं शोध संस्थान केंद्र (कीर्ति स्तंभ), इंदौर में मानव सेवा की भावना को साकार करते हुए एक दिव्यांग बंधु को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया। यह पहल समाज में समावेशिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का सशक्त उदाहरण है।
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
इंदौर में आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनोहर जी झांझरी, रीजन सचिव श्री संजय जी पापडीवाल तथा प्रबंधक श्री ललित राठौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके सहयोग से दिव्यांग बंधु को कृत्रिम पैर प्रदान किया गया, जिससे उनके जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
जैन समाज की निरंतर सेवा परंपरा
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि महावीर ट्रस्ट वर्षों से शैक्षणिक, पारमार्थिक, रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचा रहा है।
महावीर ट्रस्ट दिव्यांग सेवा केवल सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और स्वावलंबन का संदेश देती है।
क्यों प्रेरक है यह पहल?
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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम
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समाज में संवेदनशीलता और सेवा भाव का प्रसार
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युवाओं और संगठनों के लिए अनुकरणीय उदाहरण
निष्कर्ष
महावीर ट्रस्ट दिव्यांग सेवा ने इंदौर में यह सिद्ध कर दिया कि संगठित प्रयास और मानवीय संवेदना से जीवन बदले जा सकते हैं। कृत्रिम पैर वितरण जैसे कार्य समाज को नई दिशा देते हैं और “सेवा ही धर्म है” की भावना को मजबूत करते हैं।
