श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन पर आधारित बोरीवली, मुंबई में 15 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचनमाला का आयोजन। जानिए समय, स्थान, विषय और धर्मलाभ की पूरी जानकारी।
श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन का आध्यात्मिक महत्व
श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन जैन धर्म की उस अमूल्य परंपरा का प्रतीक हैं, जो आत्मशुद्धि, वैराग्य और सम्यक दर्शन की ओर अग्रसर करती है। प्रथम देशना के माध्यम से परमात्मा ने संसार की नश्वरता और आत्मा की शाश्वत शक्ति का बोध कराया था। आज के भौतिक युग में ऐसे प्रवचन आत्मचिंतन का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
बोरीवली में प्रवचनमाला का शुभारंभ
मुंबई के बोरीवली (पश्चिम) क्षेत्र में स्थित अमान सॉलिटर बिल्डिंग, चंदावरकर रोड की पावन धरा पर श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन पर आधारित 15 दिवसीय प्रवचनमाला का शुभारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन 22 दिसंबर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 09:15 से 10:30 बजे तक आयोजित होगा।
“मनडूं किमही न बाजे” विषय का भावार्थ
इस प्रवचनमाला का केंद्रीय विषय “मनडूं किमही न बाजे” रखा गया है, जिसका अर्थ है – जब तक मन भीतर से जागृत नहीं होता, तब तक आत्मा की वाणी नहीं बजती।
यह विषय श्रोताओं को आत्मनिरीक्षण, संयम, क्षमा और वैराग्य की दिशा में प्रेरित करता है।
मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी म.सा. का आध्यात्मिक संदेश
इस प्रवचन श्रृंखला में पुण्यसम्राट गुरुदेव श्री के शिष्य, समतागुणरसिक मुनिराज श्री निपुणरत्न विजयजी म.सा. एवं अन्य मुनिभगवंतों की निर्मल निश्रा प्राप्त होगी। उनके प्रवचन सरल भाषा में गूढ़ जैन सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
आयोजन स्थल व समय की जानकारी
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स्थान: अमान सॉलिटर बिल्डिंग, चंदावरकर रोड, बोरीवली (पश्चिम), मुंबई
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समय: प्रातः 09:15 से 10:30 बजे
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अवधि: 22 दिसंबर 2025 – 05 जनवरी 2026
इस श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन आयोजन का संचालन
श्री थराद त्रिस्तुतिक जैन संघ, मुंबई (बोरीवली) द्वारा किया जा रहा है।
जैन समाज की सहभागिता और उद्देश्य
संघ के पदाधिकारियों ने समस्त धर्मप्रेमी श्रावक-श्राविकाओं से आग्रह किया है कि वे इस श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन में सहभागी बनकर आत्मिक शांति और धर्मलाभ प्राप्त करें। यह आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने का प्रयास है।
युवाओं व परिवारों के लिए विशेष संदेश
आज के तनावपूर्ण जीवन में ऐसे Jain Pravachan Borivali जैसे आयोजन युवाओं और परिवारों को मानसिक शांति, संस्कार और जीवन दिशा प्रदान करते हैं। बच्चों में संस्कार और बड़ों में वैराग्य का बीज रोपित करने का यह उत्तम अवसर है।
धर्मलाभ का सुनहरा अवसर
श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने की साधना है। 15 दिनों तक निरंतर प्रवचन श्रवण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
बोरीवली, मुंबई में आयोजित यह 15 दिवसीय श्री कुंथुनाथ परमात्मा प्रवचन जैन समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। यदि आप आत्मिक शांति, संयम और सच्चे धर्म का अनुभव करना चाहते हैं, तो इस प्रवचनमाला में अवश्य सहभागी बनें।
