—Advertisement—

‘Lit Chowk’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश: नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

Author Picture
Published On: 22 December 2025
lit chowk

—Advertisement—

‘Lit Chowk’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विचारोत्तेजक संवाद

युवाओं को दिया संदेश: नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल में आयोजित प्रतिष्ठित साहित्यिक कार्यक्रम ‘Lit Chowk’ में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित टॉक शो ‘मोहन का धर्म: राजधर्म’ में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय के साथ संवाद करते हुए राजनीति, समाज, संस्कृति, सिनेमा, पर्यटन, आर्थिक विकास और युवाओं की भूमिका जैसे अनेक विषयों पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, साहित्य प्रेमी, बुद्धिजीवी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सहज, स्पष्ट और बेबाक अंदाज़ में सवालों के उत्तर देते हुए प्रदेश और देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच को सामने रखा।

युवाओं को स्पष्ट संदेश: आत्मनिर्भर बनें, उद्यमी बनें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में केवल नौकरी की तलाश करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की प्रगति तभी संभव है, जब युवा अपनी क्षमता, कौशल और नवाचार के बल पर रोजगार देने वाले बनें।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की नीतियां स्वरोजगार, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे युवा उद्यमी बनकर न केवल अपना भविष्य सुरक्षित करें, बल्कि दूसरों को भी रोजगार प्रदान कर सकें।

राजनीति से युवाओं की दूरी पर जताई चिंता

युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज का युवा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर या कलेक्टर बनना तो चाहता है, लेकिन राजनीति में आने की बात कोई नहीं करता। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए राजनीति में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि युवा राजनीति से दूर रहेंगे, तो निर्णय प्रक्रिया में उनकी सोच और ऊर्जा शामिल नहीं हो पाएगी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण

इतिहास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि नेताजी पहले ऐसे युवा थे जिन्होंने आईसीएस (तत्कालीन आईसीएस/आईएएस) की परीक्षा मेरिट में उत्तीर्ण की थी, लेकिन उन्होंने एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर देश सेवा का कठिन मार्ग चुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। उसी प्रकार आज भी देश को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं के साहस, त्याग और नेतृत्व की आवश्यकता है।

संयुक्त परिवार को बताया भारतीय संस्कृति की आत्मा

‘कुटुम्ब प्रबोधन’ विषय पर पूछे गए सवाल के उत्तर में मुख्यमंत्री ने संयुक्त परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार केवल साथ रहने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह संस्कारों, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों की पाठशाला है।

उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि संयुक्त परिवार में रहने से आपसी प्रेम, सहयोग, सहनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के कारण संयुक्त परिवारों की संख्या भले ही कम हो रही हो, लेकिन इसके महत्व को कभी कम नहीं आंका जा सकता।

उन्होंने प्रकृति की तुलना भी एक कुटुम्ब से करते हुए कहा कि जैसे प्रकृति में पेड़-पौधे, जीव-जंतु और पर्यावरण एक-दूसरे पर निर्भर रहकर जीवन चक्र को संतुलित रखते हैं, वैसे ही मानव समाज भी आपसी सहयोग से आगे बढ़ता है।

मध्य प्रदेश को फिल्म निर्माण का हब बनाने की दिशा में प्रयास

सिनेमा और संस्कृति के विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार फिल्म शूटिंग के दौरान सुरक्षा, प्रशासनिक सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इससे न केवल राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

'Lit Chowk’ में मुख्यमंत्री ने कहा :‘श्रीकृष्ण पाथेय’ से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘श्रीकृष्ण पाथेय’ परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े मध्य प्रदेश के सभी स्थलों को तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे मथुरा और द्वारका का धार्मिक महत्व है, उसी प्रकार मध्य प्रदेश के श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने इसे हर भारतीय के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह उपलब्धि सरकार की नीतियों, आर्थिक सुधारों और देशवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।

देशभक्ति गीत से हुआ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में युवाओं के आग्रह पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘यह देश है वीर जवानों का’ गीत गाकर उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति और उत्साह का संचार कर दिया। गांधी हॉल देशभक्ति के भाव से गूंज उठा और कार्यक्रम का समापन यादगार बन गया।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp