जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा के अंतर्गत सांवरिया जी, नाकोड़ा जी, जीरावला पार्श्वनाथ, पावापुरी सहित जेसलमेर भ्रमण का भव्य आयोजन 25 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 तक किया जा रहा है।
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा का उद्देश्य
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जोड़ना है। यह यात्रा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपसी भाईचारे, सेवा भावना और सामूहिक आनंद का सशक्त माध्यम भी है।
यात्रा का संक्षिप्त विवरण
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा 25 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 29 दिसंबर 2025 तक चलेगी। यह यात्रा अत्याधुनिक लक्जरी बस द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।
प्रमुख तीर्थ स्थल दर्शन
इस पावन यात्रा के दौरान श्रद्धालु निम्न प्रसिद्ध जैन एवं धार्मिक तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे:
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सांवरिया जी मंदिर
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नाकोड़ा जी तीर्थ
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जीरावला पार्श्वनाथ
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पावापुरी
इन तीर्थों का धार्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा से परिपूर्ण है।
जेसलमेर रेगिस्तान यात्रा का आकर्षण
धार्मिक दर्शन के साथ-साथ जेसलमेर के सुनहरे रेगिस्तान की यात्रा इस आयोजन को और भी खास बनाती है। ऊंट सफारी, लोक-संस्कृति, और मरुस्थलीय सौंदर्य यात्रियों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।
लक्जरी बस और सुविधाएं
यात्रा के लिए चयनित लक्जरी बस में निम्न सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी:
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आरामदायक सीटें
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एसी सुविधा
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अनुभवी ड्राइवर
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यात्रा समन्वयक
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समय-समय पर जलपान व्यवस्था

आयोजन में सक्रिय भूमिका
इस जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा को सफल बनाने में दिलीप कांठेड़, श्रेणिक बम, यशवंत धूपिया, सुनील जैन (कंचन गैस), सुरेन्द्र संचेती, शैलेन्द्र छोरिया, अमित बम, रवि संघवी सहित अनेक समाजसेवियों का विशेष योगदान है।
पूर्व में आयोजित सफल यात्राएं
ग्रुप अध्यक्ष धर्मेन्द्र बम के कुशल नेतृत्व में पूर्व में बाल संघ यात्रा तथा कमजोर वर्ग के साधार्मिक बंधुओं के लिए निःशुल्क पंच तीर्थ यात्रा का सफल आयोजन किया जा चुका है। यह यात्रा उसी सेवा परंपरा का विस्तार है।
समाज के लिए इस यात्रा का महत्व
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा समाज को जोड़ने, नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कार देने और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
यात्रा को लेकर नागदा सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। सीमित सीटों के कारण पंजीयन को लेकर भी तेजी बनी हुई है।
निष्कर्ष
जैन सोश्यल ग्रुप नागदा तीर्थ यात्रा न केवल एक धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह आध्यात्मिक शांति, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक आनंद का संगम है। यह आयोजन निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
