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Delhi Blast मामले में 9 वी गिरफ्तारी: NIA ने शोपियां से यासिर अहमद डार को किया गिरफ्तार

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Published On: 18 December 2025
Delhi Blast NIA Arrests
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Delhi Blast मामले में नौवीं गिरफ्तारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने दिल्ली में हाल ही में हुए लाल किले के पास बम धमाके मामले में नौवीं गिरफ्तारी को अंजाम दिया है। इस बार गिरफ्तार आरोपी यासिर अहमद डार है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है। एनआईए के अनुसार, यासिर इस हमले के मुख्य योजनाकारों के संपर्क में था और धमाके की साजिश में सक्रिय भागीदार के रूप में शामिल था।

यह गिरफ्तारी NIA की लगातार जांच और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का परिणाम है। इस धमाके में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। एनआईए के सूत्रों के मुताबिक, यासिर ने फिदायीन हमले के लिए शपथ ली थी और अपने कृत्यों में पूरी निष्ठा का आश्वासन दिया था।

आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी प्रावधान

यासिर अहमद डार को मामला संख्या आरसी-21/2025/एनआईए/डीएलआई के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान NIA ने कहा कि यह कार्रवाई शहरी अतिक्रमण अधिनियम 1967 और बीएनएस 2023 की संबंधित धाराओं के तहत की गई है। एजेंसी का दावा है कि यासिर ने धमाके की योजना में सक्रिय भागीदारी निभाई और हमले की योजना बनाने वाले अन्य आरोपियों के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए रखा।

NIA की जांच में यह भी सामने आया कि यासिर ने अन्य आरोपियों, जिनमें उमर उन नबी और मुफ्ती इरफान शामिल हैं, के साथ लगातार संपर्क रखा। यह साजिश केवल दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे व्यापक नेटवर्क सक्रिय था, जिसे एनआईए और अन्य केंद्रीय एवं राज्य एजेंसियों ने मिलकर ट्रैक किया।

धमाके की योजना और फिदायीन शपथ

NIA के बयान के अनुसार, यासिर ने धमाके के लिए फिदायीन हमले की शपथ ली थी। एजेंसी ने बताया कि 10 नवंबर 2025 को राजधानी में हुए कार बम धमाके की साजिश में यासिर ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। यह धमाका दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के आसपास हुआ था और इसका मकसद जन सुरक्षा को चुनौती देना था।

आतंकवाद रोधी एजेंसी की जांच से यह भी स्पष्ट हुआ कि यासिर केवल फिजिकल हमला करने में शामिल नहीं था, बल्कि वह अन्य आरोपियों के बीच रणनीति तय करने, संसाधनों का प्रबंधन और हमले की समयसीमा निर्धारित करने में भी सक्रिय था। उसकी गतिविधियों का ट्रैक डिजिटल और फिजिकल माध्यमों से लगाया गया।

अन्य आरोपियों और व्यापक जांच

यासिर की गिरफ्तारी के साथ ही यह मामला और अधिक स्पष्ट हुआ है। एनआईए पहले भी इस मामले में आठ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मुख्य रूप से बम धमाके के मुख्य योजनाकार और फिदायीन हमलों के लिए तैयार किए गए लोग शामिल हैं।

इस महीने की शुरुआत में एनआईए ने जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इन छापेमारियों के दौरान विभिन्न डिजिटल उपकरण, संदिग्ध दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई थी। इससे पता चला कि आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।

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पूर्व में, हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर और अन्य ठिकानों पर भी एनआईए ने तलाशी अभियान चलाया। मुख्य आरोपियों डॉ. मुज़म्मिल शकील गनी और डॉ. शाहीन सईद के ठिकानों से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए। इन सभी सबूतों का विश्लेषण एनआईए द्वारा किया जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

NIA की रणनीति और कार्रवाई

NIA की कार्रवाई इस मामले में काफी रणनीतिक रही है। डिजिटल और फिजिकल सबूतों के आधार पर अपराधियों की पहचान और उनके संपर्कों का पता लगाया गया। एजेंसी ने बताया कि यासिर और अन्य आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी पिछले कई महीनों से जारी थी।

NIA ने स्थानीय पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाने वालों के नेटवर्क का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया, बैंकिंग लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, आतंकवादी सामग्री और विस्फोटक पदार्थों के भंडारण का पता लगाने के लिए छापामारी की गई।

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दिल्ली धमाका: गंभीर परिणाम

10 नवंबर को हुए धमाके में लाल किले के पास 11 लोगों की मौत हुई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। यह धमाका दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाकों में हुआ, जिससे राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हुआ। एनआईए के मुताबिक, यह हमला केवल शहरी सुरक्षा को चुनौती नहीं देता, बल्कि इसका उद्देश्य सामाजिक तनाव और भय का माहौल पैदा करना था।

यासिर की गिरफ्तारी और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में पूरी साजिश का खुलासा जल्द होगा। एनआईए ने कहा कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

🔗 NIA Press Releases – National Investigation Agency official site
https://nia.gov.in/press-releases nia.gov.in

आगे की जांच और संभावित कार्यवाही

NIA की जांच अभी जारी है। एजेंसी ने कहा है कि यासिर अहमद डार से पूछताछ में अन्य संदिग्धों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वे किस हद तक धमाके की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल थे।

NIA ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पूरे मामले में डिजिटल सबूतों की जांच, फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपल और अन्य फॉरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके माध्यम से धमाके की पूरी साजिश का रहस्य उजागर होगा और दोषियों को कानूनी कार्रवाई के तहत सजा दिलाई जाएगी।

निष्कर्ष

दिल्ली के लाल किले धमाके मामले में यासिर अहमद डार की गिरफ्तारी ने एनआईए की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ ला दिया है। यह घटना देश में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत को दर्शाती है। NIA और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की सतत निगरानी और कार्रवाई से उम्मीद है कि अपराधियों का पूरा नेटवर्क उजागर होगा और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने में मदद मिलेगी।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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