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स्वच्छ चौपाल संवाद 2025: 29 गांवों में स्वच्छता की ऐतिहासिक सफलता, इंदौर बना ग्रामीण स्वच्छता का पावर मॉडल

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Published On: 18 December 2025
स्वच्छ चौपाल संवाद कार्यक्रम अहीरखेड़ी इंदौर
— अहीरखेड़ी ग्राम में आयोजित स्वच्छ चौपाल संवाद कार्यक्रम में महापौर व विधायक

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स्वच्छ चौपाल संवाद के माध्यम से इंदौर नगर निगम ने 29 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता की नई मिसाल कायम की। जानिए अहीरखेड़ी में हुए कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट।

  • स्वच्छ चौपाल संवाद क्या है
  • 29 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ चौपाल संवाद की शुरुआत
  • अहीरखेड़ी में स्वच्छ चौपाल संवाद कार्यक्रम
  • जनभागीदारी से मजबूत हुआ स्वच्छता अभियान
  • डिस्पोजेबल मुक्त ग्राम की मिसाल
  • कचरा पृथक्करण में ग्रामीण महिलाएं आगे
  • महापौर का बयान: ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र से आगे
  • अमृत 2.0 के तहत विकास कार्य
  • इंदौर का स्वच्छता मॉडल क्यों है सफल
  • निष्कर्ष

स्वच्छ चौपाल संवाद: 29 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता जागरूकता की ऐतिहासिक पहल

स्वच्छ चौपाल संवाद इंदौर नगर निगम की वह प्रभावशाली पहल है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि स्वच्छता केवल शहरी नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की भी प्राथमिकता बन चुकी है। इसी अभियान के तहत नगर निगम सीमा में शामिल 29 ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

स्वच्छ चौपाल संवाद की शुरुआत और उद्देश्य

स्वच्छ चौपाल संवाद का उद्देश्य नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना है। यह कार्यक्रम केवल भाषण तक सीमित नहीं, बल्कि जनभागीदारी, अनुभव साझा करने और व्यवहार परिवर्तन पर आधारित है।

स्वच्छ चौपाल संवाद में स्टील बर्तन उपयोग
अहीरखेड़ी धर्मशाला में डिस्पोजेबल के बजाय स्टील बर्तनों का उपयोग

अहीरखेड़ी में स्वच्छ चौपाल संवाद कार्यक्रम

इंदौर | 18 दिसंबर 2025
अहीरखेड़ी ग्राम स्थित धर्मशाला में आयोजित स्वच्छ चौपाल संवाद कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं विधायक श्री मधु वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में:

  • स्वास्थ्य प्रभारी श्री अश्विनी शुक्ल

  • क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि

  • महिला समूह

  • पूर्व सरपंच

  • बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे

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जनभागीदारी से मजबूत हुआ स्वच्छता अभियान

स्वच्छ चौपाल संवाद के दौरान ग्रामीण नागरिकों ने स्वच्छता से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। यह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया कि स्वच्छता अब केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जन आंदोलन बन चुकी है।

स्वच्छ चौपाल संवाद में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी
स्वच्छ चौपाल संवाद के दौरान ग्रामीण महिलाएं कचरा पृथक्करण और स्वच्छता जागरूकता पर अपने अनुभव साझा करती हुईं।

डिस्पोजेबल मुक्त ग्राम की मिसाल

अहीरखेड़ी ग्राम ने डिस्पोजेबल मुक्त गांव बनने की दिशा में अनुकरणीय पहल की है।
यहां:

  • सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक पूर्णतः प्रतिबंधित
  • धर्मशाला में केवल स्टील बर्तनों का उपयोग
  • पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता

कचरा पृथक्करण में ग्रामीण महिलाएं आगे

स्वच्छ चौपाल संवाद के दौरान जब महिलाओं से कचरा पृथक्करण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वे:

  • 4 से 5 प्रकार का कचरा अलग-अलग करती हैं
  • गीला, सूखा, प्लास्टिक और हानिकारक कचरा पृथक देती हैं

यह जागरूकता इंदौर स्वच्छता मॉडल की असली ताकत है।

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महापौर का बयान: ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र से आगे

महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने कहा:

“स्वच्छ चौपाल संवाद के दौरान यह देखकर गर्व होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता शहरी क्षेत्रों से भी अधिक है।”

उन्होंने बताया कि:

  • 29 गांवों में विशेष स्वच्छता वाहन

  • पर्याप्त कर्मचारी

  • आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं

स्वच्छ चौपाल संवाद ग्रामीण स्वच्छता जागरूकता
स्वच्छ चौपाल संवाद के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने किया कचरा पृथक्करण का प्रदर्शन

अमृत 2.0 के तहत विकास कार्य

स्वच्छ चौपाल संवाद केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है।
अमृत प्रोजेक्ट 2.0 के तहत:

  • सड़क
  • पानी
  • सीवरेज
  • ड्रेनेज

जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी काम प्रारंभ हो चुका है।


https://amrut.gov.in

/indore-swachhata-model

इंदौर का स्वच्छता मॉडल क्यों है पावरफुल

इंदौर का मॉडल सफल है क्योंकि:

  • नागरिकों की सक्रिय भागीदारी

  • निरंतर संवाद

  • व्यवहार परिवर्तन

  • प्रशासन और जनता का विश्वास

स्वच्छ चौपाल संवाद इस मॉडल की रीढ़ बन चुका है।

निष्कर्ष

स्वच्छ चौपाल संवाद ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संवाद, सहभागिता और संकल्प एक साथ आते हैं, तो स्वच्छता एक आंदोलन बन जाती है।
इंदौर आज केवल शहर नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता का पावर मॉडल बन चुका है।

स्वच्छ चौपाल संवाद के माध्यम से ग्रामीण स्वच्छता अभियान
स्वच्छ चौपाल संवाद के जरिए 29 ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को मजबूती देती नगर निगम की पहल।
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