इंदौर में अटल बिहारी वाजपेयी की 100 वीं जन्म जयंती पर “शून्य से शतक” कार्यक्रम का भव्य आयोजन
इंदौर, 13 दिसंबर 2025 – देश के पूर्व प्रधानमंत्री और राजनीति में सुचिता, सम्मान और प्रेरणा के प्रतीक स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के 100वें जन्म जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में इंदौर में एक भव्य कार्यक्रम “शून्य से शतक” आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 21 दिसंबर 2025 को डेली कॉलेज के धीरूभाई अंबानी सभागृह में आयोजित होगा। इस विशेष आयोजन में देश के उपराष्ट्रपति, मध्यप्रदेश के राज्यपाल और प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति सुनिश्चित है।
उल्लेखनीय अतिथि और सम्मानित विद्वान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में चार विद्वानों को “अटल अलंकरण” से सम्मानित किया जाना है। इस अवसर पर कवि सत्यनारायण सत्तन, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व चयनकर्ता संजय जगदाले और सागर के पारंग शुक्ला को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उनके क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में किए गए योगदान के लिए दिया जाएगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा और आकर्षण
21 दिसंबर को दोपहर 3:00 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में बीएसएफ के बैंड द्वारा “वंदे मातरम” की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा अटल जी के जीवन और उनके विचारों पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। यह फिल्म उनके सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक यात्रा और उनके विचारों के प्रभाव को दर्शाएगी, जिससे उपस्थित लोगों को अटल जी के व्यक्तित्व और उनके योगदान की व्यापक समझ प्राप्त होगी।
अटल फाउंडेशन की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में सांसद शंकर लालवानी और फाउंडेशन की अध्यक्ष माला वाजपेयी तिवारी ने बताया कि अटल जी की 100 वीं जन्म जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। “शून्य से शतक” कार्यक्रम इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वर्ष के अंत में इसे आयोजित कर अटल जी की स्मृति को सम्मानित किया जा रहा है।
अटलजी से जुड़ी पुस्तक और संस्मरण
कार्यक्रम के दौरान अटल जी से जुड़े संस्मरणों पर आधारित पुस्तक के तीसरे संस्करण “सदा अटल महा ग्रंथ” के कवर पेज का लोकार्पण भी किया जाएगा। यह ग्रंथ अटल जी के जीवन, उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान और उनके द्वारा स्थापित आदर्शों का विस्तृत संकलन प्रस्तुत करता है। पुस्तक का तीसरा संस्करण अटल जी की शिक्षा, उनके विचार और उनके मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले गणमान्य अतिथि
इस भव्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इसके अलावा लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन सहित कई राज्यों के मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। उनकी उपस्थिति इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय महत्व का बनाती है।
शून्य से शतक – एक प्रेरक संदेश
कार्यक्रम का शीर्षक “शून्य से शतक” अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और उनके द्वारा प्रदर्शित नेतृत्व शैली का प्रतीक है। अटल जी ने कठिन परिस्थितियों में भी संयम, धैर्य और दूरदर्शिता का परिचय दिया। उनका जीवन संघर्षों और चुनौतियों के बावजूद हमेशा सकारात्मक सोच और समाधान पर केंद्रित रहा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल अटल जी की स्मृति को सम्मानित करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरित करना भी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनियां
कार्यक्रम के दौरान अटल जी के जीवन पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। इसमें उनके राजनीतिक जीवन, भाषण कला और जनता के प्रति उनके संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाया जाएगा। बीएसएफ बैंड की प्रस्तुति और लघु फिल्म के अलावा विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि अटल जी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
अटल फाउंडेशन की भूमिका
अटल फाउंडेशन ने इस कार्यक्रम के आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाई है। फाउंडेशन का उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति और उनके जीवन दर्शन को संरक्षित करना और उन्हें युवाओं तक पहुंचाना है। सांसद शंकर लालवानी और माला वाजपेयी तिवारी ने कहा कि इस वर्ष पूरे देश में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से अटल जी की उपलब्धियों और उनके व्यक्तित्व की व्यापक झलक सामने आई है।
भविष्य की पीढ़ी के लिए संदेश
“शून्य से शतक” कार्यक्रम केवल अतीत की स्मृति नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए एक प्रेरक संदेश भी है। अटल जी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद दृढ़ संकल्प और नैतिक मूल्यों के साथ सफलता प्राप्त की जा सकती है। युवा पीढ़ी को उनके नेतृत्व, सहनशीलता और देशभक्ति से सीखने की प्रेरणा दी जाएगी।
समापन और महत्व
अंततः यह कार्यक्रम न केवल अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और उनके योगदान का सम्मान करेगा, बल्कि यह पूरे समाज और राजनीति में उनके द्वारा स्थापित आदर्शों को नए संदर्भ में पेश करने का अवसर भी है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले गणमान्य अतिथि, सम्मानित विद्वान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अटल जी के विचार और उनके जीवन दर्शन को व्यापक स्तर पर साझा किया जाएगा।
इस प्रकार, इंदौर में आयोजित “शून्य से शतक” कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी के 100वें जन्म जयंती वर्ष को विशेष बनाने और उनके विचारों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित होगा। यह कार्यक्रम उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और नैतिक मूल्यों को सम्मानित करते हुए पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
