अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान: सहकारिता से सशक्त भारत की ओर
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान के तहत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) आणंद से प्रारंभ हुआ जागरूकता कारवां इंदौर सहकारी दुग्ध संघ अंतर्गत धार जिले में संचालित दुग्ध समिति साजोद पहुंचा। इस अवसर पर सहकारिता की भावना, दुग्ध उत्पादकों की भूमिका और सामूहिक विकास के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना, दुग्ध उत्पादकों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों से अवगत कराना तथा युवाओं और विद्यार्थियों में सहकारी सोच का विकास करना है।
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान का भव्य स्वागत
धार जिले की दुग्ध समिति साजोद पहुंचने पर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान के दल का इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के अधिकारियों, समिति के संचालक मंडल सदस्यों, दुग्ध उत्पादक सदस्यों एवं कर्मचारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को सहकारिता के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
सहकारिता के उद्देश्य, महत्व और लाभ पर विस्तार से चर्चा
कारवां दल के सदस्यों द्वारा सहकारिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- सहकारिता का सामाजिक और आर्थिक महत्व
- दुग्ध समिति सदस्यों के अधिकार और कर्तव्य
- प्रबंधकारिणी समिति की भूमिका
- कर्मचारियों की जिम्मेदारियां
- पारदर्शी और सफल समिति संचालन के उपाय
इस संवाद सत्र में दुग्ध उत्पादक सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए और समिति संचालन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।
NDDB की उप महाप्रबंधक ने किया नेतृत्व
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान का नेतृत्व राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की उप महाप्रबंधक श्रीमती अनन्दिता बैद्य ने किया। उनके साथ इस अभियान में:
- श्री सुनीत गौतम
- सुश्री प्रेरणा कश्यप
- श्री अर्चन ठाकर
भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। दल ने सहकारिता को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताते हुए इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों से संवाद: सहकारिता की सोच को नई पीढ़ी तक पहुंचाया
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ परिसर में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान के अंतर्गत एक्सिलेंस बाल विनय मंदिर स्कूल एवं सरदार पटेल इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कारवां दल द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि:
- सहकारिता क्या है
- यह कैसे समाज और अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है
- युवाओं की इसमें क्या भूमिका हो सकती है
विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सहकारी मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान
कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम रही।
स्कूल ऑफ सोशल वर्क इंदौर में भी हुआ संवाद
इसके पश्चात अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान का दल स्कूल ऑफ सोशल वर्क, इंदौर पहुंचा, जहां समाज कार्य के विद्यार्थियों के साथ गहन संवाद किया गया। यहां सहकारिता को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके व्यावहारिक उदाहरण साझा किए गए।
फ्लैग ऑफ के साथ कार्यक्रम का समापन
अंत में कारवां दल को फ्लैग ऑफ कर कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 कारवां अभियान न केवल दुग्ध उत्पादकों और समितियों को जागरूक करने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं को भी सहकारिता की मूल भावना से जोड़ने में सफल रहा। यह अभियान स्पष्ट करता है कि सहकारिता ही समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला है।



