भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस का पाँचवाँ समारोह एवं मानव अधिकार दिवस नागदा में भव्य रूप से सम्पन्न
नागदा (मध्यप्रदेश), 10 दिसंबर 2025:
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस एवं अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस का पाँचवाँ वार्षिक समारोह नागदा में अभूतपूर्व उत्साह और गरिमामय माहौल के साथ आयोजित किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए अध्यक्षों, जिला प्रमुखों एवं कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक उपस्थिति ने इस आयोजन को अत्यंत विशेष और अविस्मरणीय बना दिया।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस का शुभारंभ
विशेष दिवस का प्रारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।
- संचालन: प्रवीण शर्मा (धार जिला विधि प्रभारी)
- कार्यक्रम रूपरेखा: महेश कुमार वर्मा (इंदौर संभाग सचिव)
इन दोनों अनुभवी पदाधिकारियों ने आयोजन को अनुशासन, संगठनात्मक शक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदेश से समृद्ध किया।
मुख्य अतिथि का प्रेरक उद्बोधन – भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान न्यायाधीश श्री एम. एस. चंद्रावत ने अपने प्रभावशाली संबोधन में कहा—
“मानव अधिकार सरकार की देन नहीं, यह जन्म से प्राप्त अधिकार हैं। इन्हें सुरक्षित रखना समाज और नागरिक दोनों की समान जिम्मेदारी है।”
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा—
“हर नागरिक तक मानव अधिकारों की जानकारी पहुँचाना और पीड़ितों को न्याय दिलाना हमारे ट्रस्ट का मूल मिशन है। आने वाले वर्षों में जागरूकता अभियान को देशभर में और गति दी जाएगी।”
पदाधिकारियों की उपस्थिति ने बढ़ाया भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस का महत्व
मंच पर उपस्थित प्रमुख हस्तियों में शामिल रहे—
प्रेमकुमार वैध, संतोष सिंह पवार, मधु शर्मा, कृष्णा यादव, शिवम तिवारी, डॉ. हरीश शर्मा, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन, युवराज सिंह राठौर, समरथ पुरी गोस्वामी, अज्जू जैन, विवेक तंवर, शोम्पा चटर्जी, अनीता दुबे, साधना जैन तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी।
इसके अतिरिक्त, नागदा प्रेस क्लब एवं जर्नलिस्ट क्लब के प्रतिनिधियों—
दीपक चौहान, नीलेश मेहता, राजेश सकलेचा, मांगीलाल पोरवाल, गगन बोहरा, दिनेश सोलंकी, सुनील सकलेचा, अनुज नाहर, दीपक जैन, जया बघेल—
को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ – मानव अधिकार दिवस एवं ट्रस्ट स्थापना दिवस का अनोखा संगम
- देशभर से रिकॉर्ड संख्या में सदस्यों की उपस्थिति
- मानव अधिकार सुरक्षा पर विशेषज्ञों का विशेष संबोधन
- सामाजिक न्याय, समानता और संविधानजन्य अधिकारों पर विचार-विमर्श
- पीड़ितों के लिए राहत एवं सहायता केंद्र की घोषणा
- युवाओं को मानव अधिकार संरक्षण अभियान से जोड़ने की योजना
इन सभी बिंदुओं ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस को और अधिक सार्थक बनाया।
मानव अधिकार दिवस का उद्देश्य
- हर नागरिक को समानता, न्याय और सम्मान का अधिकार
- भेदभाव, हिंसा और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना
- महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा
- संविधान में निहित मूल अधिकारों का प्रचार
- समाज में मानवता एवं सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देना

वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित पुरस्कार
सामुदायिक चैंपियन पुरस्कार
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श्रीमती उमा जी सोनी
वर्ष की प्रेरणादायक व्यक्तित्व
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श्रीमती शोम्पा चटर्जी
सदस्यता चैंपियन पुरस्कार
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श्रीमती मधु शर्मा
उत्कृष्ट सदस्यता उपलब्धि
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श्री ज्ञानप्रकाश शर्मा
वर्ष के ऊर्जावान व्यक्तित्व
प्रेमकुमार वैध, मोहनलाल गुर्जर, सुधारानी शर्मा, साधना सेठी, मधु शर्मा
मीडिया उत्कृष्टता पुरस्कार
जीवनलाल जैन, भावेश नाहर
सर्वोत्तम प्रयास समर्पण पुरस्कार
संतोष सिंह पंवार, अनीता दुबे
वर्ष का प्रमोटर
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महेश कुमार वर्मा
टीमवर्क उत्कृष्टता पुरस्कार
धार, जबलपुर, देवास, ग्वालियर, इंदौर, प्रयागराज की टीमों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की आवाज़ (वक्ता) पुरस्कार
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श्री प्रवीण शर्मा
योगदान गौरव पुरस्कार
श्रीमती शोभा गोस्वामी, अरुणा त्रिपाठी, उषा दुबे, सुरेश चंद्र साहू, डॉ. सुनील जलंद्रे, ब्रजेश शर्मा, अभिषेक नाहर, मुकेश चौधरी, राकेश विश्वकर्मा, राजकुमार नाहर, नरेंद्र सिंह राठौर, स्वाति जैन, तरुण शर्मा, रामनारायण मिश्रा, महेश भोंडेले, भंवरलाल मेनारिया एवं कई अन्य सक्रिय सदस्य।
समापन – राष्ट्रगान के साथ भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट स्थापना दिवस का गरिमापूर्ण अंत
समारोह राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुआ। उपस्थित सभी सदस्यों ने मानवता, न्याय, समानता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की शपथ ली।
ट्रस्ट ने संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में गरीब, पीड़ित एवं असहाय वर्गों के लिए और अधिक प्रभावी कार्य किए जाएंगे।
संवाददाता – जीवनलाल जैन, नागदा


