तीर्थ निर्देशिका आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इंदौर में समाज गौरव हंसमुख गांधी ने नवीन तीर्थ निर्देशिका मुनि श्री पूज्य सागर जी को भेंट की। गुरु पाद प्रक्षालन का परम सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। पूरी जानकारी पढ़ें।
तीर्थ निर्देशिका आशीर्वाद के पावन अवसर पर इंदौर नगर में एक अत्यंत प्रेरक और धार्मिक वातावरण से परिपूर्ण क्षण देखने को मिला, जब नगर में विराजित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज को नवीन तीर्थ निर्देशिका भेंट की गई। इस विशेष अवसर पर समाज गौरव हंसमुख उर्मिला गांधी ने परम पूज्य गुरुदेव के चरणों में उपस्थित होकर नयी प्रकाशित तीर्थ निर्देशिका सौंपते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह क्षण न सिर्फ गांधी परिवार के लिए बल्कि पूरे जैन समाज के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है।
मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज, जो अपनी कठोर साधना, अंतर्मुखी प्रवृत्ति और तपोमय जीवनशैली के कारण समस्त समाज में पूजनीय स्थान रखते हैं, उनके चरणों में तीर्थ निर्देशिका का समर्पण आध्यात्मिक भावना का प्रतीक है। यह निर्देशिका जैन समाज की तीर्थ–परंपरा, तीर्थों का इतिहास, उनकी आध्यात्मिक महत्ता और यात्राओं की विस्तृत जानकारी का दस्तावेज है, जिसका प्रकाशन हर वर्ष समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।
हंसमुख गांधी ने बताया कि नई तीर्थ निर्देशिका को समाज की बढ़ती आवश्यकताओं के अनुसार लेटेस्ट अपडेटेड रूप में तैयार किया गया है जिसमें देशभर के प्रमुख जैन तीर्थों की जानकारी, यात्रा मार्ग, सुविधाएँ तथा धार्मिक महत्व का समावेश किया गया है। इसे मुनि श्री को भेंट करना उनके लिए सौभाग्यपूर्ण एवं जीवन का महत्वपूर्ण आशीर्वाद क्षण रहा।
इस पावन अवसर पर, गांधी परिवार ने न केवल गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया बल्कि उन्हें पाद प्रक्षालन का दुर्लभ एवं दिव्य सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू के अनुसार, “यह सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। मुनि श्री के पाद प्रक्षालन से जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मोत्कर्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।” उन्होंने बताया कि गुरु पाद प्रक्षालन केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि गुरु–भक्ति, विनय और समर्पण का सर्वोच्च प्रतीक है।
इस मौके पर रेखा जैन ने भी परम पूज्य गुरुदेव के चरणों का पाद प्रक्षालन कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को धन्य किया। उन्होंने कहा कि “गुरु चरणों की महिमा अनंत है। यह क्षण जीवन में अनोखे उत्साह, शांति और आत्मबल का संचार करता है।”
राजेश जैन दद्दू ने आगे बताया कि “जैन समाज के लिए तीर्थ निर्देशिका एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ के समान है। इसमें तीर्थों के माध्यम से धर्म–अनुष्ठान, पूजा–पद्धति, यात्राओं और तीर्थ इतिहास का सार मिलता है। ऐसे पवित्र ग्रंथ को गुरुदेव के चरणों में समर्पित करना उसका वास्तविक सम्मान है।”
उन्होंने समाज के सदस्यों से अपील की कि इस वर्ष प्रकाशित लेटेस्ट अपडेटेड तीर्थ निर्देशिका को अधिक से अधिक लोग प्राप्त करें क्योंकि यह न केवल यात्रा मार्गदर्शिका है बल्कि जैन संस्कृति, परंपरा और तीर्थ महत्व को संजोए रखने का एक महत्त्वपूर्ण साधन भी है।
नई निर्देशिका मंगवाने के इच्छुक सभी श्रद्धालुओं के लिए संपर्क–विवरण भी जारी किया गया है।
📞 हंसमुख जैन गांधी, इंदौर – 9302103513
उन्होंने कहा कि “समाज के लोगों तक सही जानकारी पहुँचे, हर तीर्थ का सही विवरण मिले और तीर्थयात्रा पूर्णता एवं श्रद्धा से सम्पन्न हो — यही इस निर्देशिका का उद्देश्य है।”
इंदौर शहर में हुआ यह दिव्य कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरक और आध्यात्मिक अनुभव बनकर सामने आया है। गुरुदेव का आशीर्वाद और तीर्थ निर्देशिका का प्रकाशन, दोनों ही जैन समाज के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण अध्याय हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी धर्म–मार्ग पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करेंगे।

