MP मंत्रियों के बंगले खर्च – 4 साल में 22 करोड़ का खर्च, विपक्ष का बड़ा हमला
MP मंत्रियों के बंगले खर्च को लेकर बड़ा विवाद। 4 साल में 22 करोड़ रुपये सरकारी बंगलों पर खर्च, कांग्रेस का फिजूलखर्ची का आरोप। जानें किस मंत्री पर कितना खर्च हुआ और सरकार ने क्या सफाई दी।
MP मंत्रियों के बंगले खर्च को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा तूफ़ान खड़ा हो गया है। बीते चार सालों (2021–2025) में सरकार ने मंत्रियों के सरकारी आवासों पर 22 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसमें साज-सज्जा, अतिरिक्त निर्माण, विद्युत कार्य और मुलाकात कक्ष जैसे कई निर्माण शामिल हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि जब राज्य पर 4 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज है, तब मंत्रियों के बंगले सजाने-संवारने पर करोड़ों रुपये खर्च करना जनता की कमाई की बर्बादी है। वहीं सरकार की सफाई है कि “जरूरत के मुताबिक काम किया गया है।”
MP मंत्रियों के बंगले खर्च क्यों बना बड़ा मुद्दा?
विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि पिछले चार वर्षों में मंत्री आवास पर खर्च होने वाली राशि लाखों में नहीं, बल्कि सीधे करोड़ों में पहुंच गई। लोक निर्माण विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार:
- अतिरिक्त निर्माण पर: ₹13,87,84,000
- साज-सज्जा पर: ₹3,79,92,000
- विद्युत कार्य पर: ₹1,27,20,000
- कुल खर्च: ₹22,19,00,000
किस मंत्री के बंगले पर कितना खर्च हुआ? (MP मंत्रियों के बंगले खर्च
नीचे सांसद, मंत्री और पूर्व मंत्रियों के सरकारी आवासों पर हुए खर्च का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- अतिरिक्त निर्माण: ₹19,44,000
- साज-सज्जा: ₹28,64,000
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
- अतिरिक्त निर्माण: ₹50,56,000
- साज-सज्जा: ₹5,51,000
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (C-2 बंगला)
- अतिरिक्त निर्माण: ₹28,92,000
- साज-सज्जा: ₹3,15,000
पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया
- अतिरिक्त निर्माण: ₹6,87,000
- साज-सज्जा: ₹2,43,000
पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव
- अतिरिक्त निर्माण: ₹15,78,000
- साज-सज्जा: ₹2,94,000
उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (C-18 शिवाजी नगर)
- अतिरिक्त निर्माण: ₹21,80,000
- साज-सज्जा: ₹1,85,000
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा
- अतिरिक्त निर्माण: ₹33,81,000
- साज-सज्जा: ₹1,06,000
अन्य मंत्रियों के बंगले जिन पर लाखों खर्च हुए
- ओपीएस भदौरिया (B-11)
- रामकिशोर कांवरे (B-12)
- प्रेम सिंह पटेल (B-19)
- प्रभुराम चौधरी (B-25)
- मीना सिंह (B-27)
- विश्वास सारंग (C-12)
- यशोधरा राजे सिंधिया (E-38 पैतालिस बंगला)
- राहुल लोधी, रामखेलावन पटेल, महेंद्र सिंह (चार इमली क्षेत्र)
इन सभी के आवासों में साज-सज्जा पर लाखों रुपये खर्च किए गए।
कांग्रेस का हमला – “जनता के पैसों से ऐश!”
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि:
- यह फिजूलखर्ची है
- राज्य में बेरोजगारी और आर्थिक संकट के बीच मंत्रियों के बंगले सजाना गैरज़रूरी है
- “चार लाख करोड़ कर्ज वाले राज्य में 22 करोड़ का बंगलों पर खर्च किसके हित में?”
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस money को जनता की बुनियादी सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए था।
सरकार की सफाई – “जरूरत के मुताबिक खर्च”
मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का बयान:
“मंत्रियों के आवास पर वही कार्य किए गए जो आवश्यक थे। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए इन सुविधाओं की जरूरत होती है।”
सरकार ने कहा कि:
- सभी कार्य PWD के नियमों के अनुसार हुए
- कोई भी खर्च मनमर्जी से नहीं किया गया
MP मंत्रियों के बंगले खर्च पर जनता का बड़ा सवाल
जनता सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठा रही है:
- क्या मंत्रियों पर खर्च की सीमा तय नहीं होनी चाहिए?
- जब प्रदेश पर भारी कर्ज है, तो ऐसे खर्च उचित हैं?
- क्या इन पैसों से स्कूल, सड़कें, अस्पताल बेहतर नहीं बन सकते थे?

