ED प्रवर्तन निदेशालय ने शुरू की जांच
भोपाल: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भोपाल में एक बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामले में त्वरित कार्रवाई की है। ED ने नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर कैलाश चंद्र गर्ग के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दर्ज की है। इस मामले में 110 करोड़ रुपये के फर्जी लोन घोटाले की जांच की जा रही है, जिसमें यूको बैंक के नेतृत्व में कंसोर्टियम को ठगा गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, इंदौर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत ने 5 दिसंबर को इस मामले पर संज्ञान लिया है।
फर्जी निर्यात के नाम पर घोटाला
ED की जांच में यह खुलासा हुआ कि नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने यूको बैंक और अन्य बैंकों के समूह से करीब 110.50 करोड़ रुपये का लोन लिया था। लोन को ‘लेटर्स ऑफ क्रेडिट’ (LC) और ‘एक्सपोर्ट पैकिंग क्रेडिट’ (EPC) जैसी सुविधाओं के तहत हासिल किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि इस रकम का उपयोग व्यापार और निर्यात गतिविधियों के लिए किया जाएगा। हालांकि, जांच के दौरान यह दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ। कंपनी ने न तो कोई सामान खरीदा और न ही किसी प्रकार का निर्यात किया। यह घोटाला कागजों पर ही रचा गया था, जिसमें बैंकों को धोखा दिया गया।

बैंकों का पैसा कैसे घुमाया गया?
जांच एजेंसी के मुताबिक, लोन की रकम को अंबिका सॉल्वेक्स लिमिटेड की विभिन्न ग्रुप कंपनियों के जरिए एक खाते से दूसरे खाते में घुमाया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी व्यावसायिक गतिविधियां दिखाना था, ताकि बैंक और जांच एजेंसियां भ्रमित रहें। असल में, लोन का पैसा व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट लाभ के लिए डायवर्ट किया गया। आरोपियों ने इस रकम को रियल एस्टेट में निवेश किया और बड़ी मात्रा में नकद निकासी की। इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देने के लिए कंपनियों का एक जटिल नेटवर्क इस्तेमाल किया गया।
संपत्तियों की जब्ती और जांच जारी
इस मामले में ED ने पहले ही कड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 27.67 करोड़ रुपये मूल्य की 37 अचल संपत्तियों को जब्त किया है। यह कार्रवाई अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) की वसूली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ED ने अपनी जांच सीबीआई (CBI) और एसी-IV, व्यापम, भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। सीबीआई ने पहले ही संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं
ED अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अब भी जारी है और आने वाले समय में इस लोन घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं, और इस पूरे मामले में जांच की दिशा और परिणामों को लेकर कई और अपडेट्स आ सकते हैं।
