गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा की भव्य विहार यात्रा प्रारंभ: जैन समाज में उमंग, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का संचार
संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा | रिपोर्ट जारी: ब्रजेश बोहरा, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी – अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद्
जैन समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का क्षण तब निर्मित हुआ जब प.पू. पुण्यसम्राट गुरुदेव श्रीमद्विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर एवं गच्छाधिपति हृदयसम्राट श्रीमद्विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा की दिव्य एवं मंगलमय विहार यात्रा की औपचारिक घोषणा की गई। यह पावन यात्रा आने वाले दिनों में अनेक नगरों, तीर्थस्थलों और जैन समाज के केंद्रों को अपनी शुभ उपस्थिति से पवित्र करेगी।
पूज्य आचार्यश्री के दर्शन, प्रवचन और सत्संग की इस श्रृंखला को लेकर जैन समाज में अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और उमंग दिखाई दे रही है। प्रत्येक स्थान पर स्थानीय जैन संघों एवं श्रद्धालुओं द्वारा तैयारियाँ बड़े धूमधाम से की जा रही हैं, ताकि विहार यात्रा के दौरान धर्म, संयम और आत्मकल्याण का वातावरण साकार हो सके।
गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा की विहार यात्रा कार्यक्रम (Vihar Yatra Schedule 2025)
9 दिसम्बर 2025 – गंजड
पूज्य आचार्यश्री की पावन विहार यात्रा का शुभारंभ गंजड से होगा, जहाँ समाज द्वारा भव्य स्वागत की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं।
10 दिसम्बर 2025 – डहाणू गांव
धर्मप्रेमी जैन समाज के लिए यह दिन विशेष रहेगा। डहाणू गांव में प्रवचनसभा और मंगल आरती का आयोजन होगा।
11 दिसम्बर 2025 – मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, डहाणू
जैन तीर्थों में अत्यंत श्रेष्ठ माने जाने वाले मोहनखेड़ा गुरुधाम में पूज्य गच्छाधिपति श्री की सुगंधित उपस्थिति भक्तजन के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगी।
12 दिसम्बर 2025 – उमरगांव
समुद्रतटीय क्षेत्र उमरगांव में आचार्यश्री का आगमन जैन समाज के लिए अद्वितीय उत्सव का वातावरण निर्मित करेगा।
21 दिसम्बर 2025 – सूरत नगरी में भव्य मंगल प्रवेश
हीरों की नगरी सूरत इस दिन ऐतिहासिक आध्यात्मिक क्षण की साक्षी बनेगी। गच्छाधिपति श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा का भव्य मंगल प्रवेश नगर में शोभायात्रा, धार्मिक ध्वज, स्तुति-भक्ति और स्वागत समारोहों के बीच संपन्न होगा।
27 दिसम्बर 2025 – सूरत में दादा गुरुदेव गुरु सप्तमी महोत्सव
सूरत में आयोजित होने वाला यह महोत्सव भक्तों के लिए दिव्य आध्यात्मिक पर्व का स्वरूप लेगा। गुरु सप्तमी महोत्सव में प्रवचन, स्वाध्याय, तप-अनुष्ठान तथा गुरु-भक्ति के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पूज्य आचार्यश्री की उपस्थिति से मिलेगा आध्यात्मिक लाभ
पूज्य गच्छाधिपति हृदयसम्राट श्रीमद्विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराजा अपने प्रभावशाली प्रवचनों, संयममय जीवनशैली तथा धर्म के प्रति समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी विहार यात्रा से—
- धर्ममय वातावरण का प्रसार होगा
- जैन समाज में सद्भाव, अनुशासन और आध्यात्मिकता की लहर उठेगी
- युवा पीढ़ी को संयम, करुणा और अहिंसा के संदेशों से प्रेरणा मिलेगी
- समाज में आध्यात्मिक संगठन और जागृति का संचार होगा
जहाँ भी आचार्यश्री की मंगल उपस्थिति होती है, वहाँ आत्मशांति, सकारात्मक ऊर्जा और परस्पर सौहार्द का अद्भुत वातावरण स्वाभाविक रूप से निर्मित हो जाता है।
जैन समाज में उत्साह—स्थानीय संघों ने शुरू की तैयारियाँ
सभी स्थानों पर—
- शोभायात्रा
- प्रवचनसभा
- भक्ति कार्यक्रम
- तप-आराधना
- गुरु वंदना
- स्वागत समारोह
जैसे कार्यक्रमों की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
श्रद्धालुओं में यह अनुभूति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है कि यह विहार यात्रा केवल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मजागृति का अवसर है।
आधिकारिक सूचना
यह पूरी आध्यात्मिक एवं समाचार जानकारी अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद् के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा द्वारा जारी की गई।
रिपोर्टिंग: जीवन लाल जैन, नागदा

