स्वच्छता चौपाल संवाद: वार्ड 76 कनाडिया ग्राम में आयोजित स्वच्छ संवाद कार्यक्रम में नागरिकों ने रखीं समस्याएँ, महापौर ने दिए समाधान के निर्देश | Swachhta Chaupal Indore | Ward 76 Kanada Village Cleanliness Drive
इंदौर, 7 दिसंबर 2025।
इंदौर नगर निगम द्वारा स्वच्छता को मजबूत करने और नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की दिशा में एक और प्रभावी कदम उठाया गया। झोन क्रमांक 19, वार्ड क्रमांक 76 कनाडिया ग्राम में आयोजित स्वच्छ चौपाल – स्वच्छ संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं और सुझावों पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम में महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, स्वास्थ्य प्रभारी श्री अश्विनी शुक्ल, क्षेत्रीय पार्षद एवं अपर आयुक्त श्री रोहित सिसोनिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्वच्छता चौपाल का उद्देश्य – नागरिकों की सहभागिता से बेहतर स्वच्छता व्यवस्था
इंदौर देश में लगातार स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान बनाए हुए है, और इसी जनभागीदारी को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम समय–समय पर “स्वच्छ चौपाल” जैसे संवाद कार्यक्रम आयोजित करता है।
इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य था—
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नागरिकों के बीच स्वच्छता जागरूकता बढ़ाना
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वार्ड में मौजूद स्वच्छता समस्याओं को सीधे जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखना
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समाधान हेतु व्यावहारिक एवं त्वरित कदमों पर चर्चा करना
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गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना
स्वास्थ्य प्रभारी श्री अश्विनी शुक्ल ने बताया कि स्वच्छ इंदौर की दिशा में निगम का लक्ष्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों में स्थायी स्वच्छता संस्कृति विकसित करना है।
नागरिकों ने रखीं ये प्रमुख स्वच्छता समस्याएँ
चौपाल के दौरान कनाडिया ग्राम के नागरिकों ने अपने क्षेत्र की वास्तविक समस्याएँ साझा कीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थीं—
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कुछ हिस्सों में कचरा संग्रहण की अनियमितता
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नालियों की समय पर सफाई न होने से जलभराव
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सड़क किनारे फैली गंदगी और खुले में कचरा फेंके जाने की समस्या
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कचरा पात्रों की कमी
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कुछ क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा गाड़ी के देर से आने की शिकायत
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प्लास्टिक कचरे के निस्तारण से जुड़ी चुनौतियाँ
नागरिकों ने यह भी कहा कि त्योहारों और सप्ताहांत पर कचरे की मात्रा बढ़ जाती है, ऐसे में अतिरिक्त सफाई वाहनों की जरूरत पड़ती है।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने दिया संदेश—“स्वच्छ इंदौर नागरिकों के सहयोग से ही संभव”
कार्यक्रम में उपस्थित महापौर ने नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर को स्वच्छ बनाए रखने का असल श्रेय नागरिकों की सजगता और सहयोग को जाता है। उन्होंने कहा—
“नागरिक नगर निगम के साथ मिलकर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग दें, प्लास्टिक को कम करें, और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। तभी स्वच्छ इंदौर का संकल्प और सुदृढ़ होगा।”
महापौर ने आगे कहा कि इंदौर का मॉडल इसलिए सफल हुआ है क्योंकि यहां हर आयु वर्ग—बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक—सबने स्वच्छता को अपनी आदत बनाया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि—
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जहाँ भी नागरिक समस्याएँ बता रहे हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी
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सफाई व्यवस्था को और स्मार्ट और तेज़ किया जाएगा
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जनभागीदारी पर आधारित ऐसे कार्यक्रम हर वार्ड में नियमित होंगे
स्वास्थ्य प्रभारी का आश्वासन—सभी शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई
स्वास्थ्य प्रभारी श्री अश्विनी शुक्ल ने कहा कि नागरिकों द्वारा बताए गए सभी बिंदुओं पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने विशेष रूप से इन मुद्दों पर जल्द समाधान का वादा किया—
- कचरा संग्रहण को समयबद्ध बनाना
- नालियों की मशीनरी से नियमित सफाई
- सड़क किनारे कचरा फेंकने पर सख्त निगरानी
- आवश्यक स्थानों पर नए कचरा पात्र स्थापित करना
- सफाई कर्मचारियों की तैनाती और मॉनिटरिंग बढ़ाना
उन्होंने कहा कि निगम नागरिकों के सुझावों को हमेशा गंभीरता से लेता है और जहां भी कमियाँ रहती हैं, वहां सुधार तुरंत किया जाता है।
स्वच्छ इंदौर अभियान—देश में एक रोल मॉडल
इंदौर पिछले कई वर्षों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा है। यह उपलब्धि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि हर नागरिक के सहयोग से संभव हुई है।
स्वच्छ चौपाल जैसे कार्यक्रम की खासियत यह है कि—
- नागरिक अपनी बात सीधे महापौर और अधिकारियों से कह पाते हैं
- समस्याएँ मौके पर ही दर्ज होकर समाधान की प्रक्रिया शुरू हो जाती है
- स्वच्छता से जुड़े नए नवाचार और सुझाव सामने आते हैं
- वार्ड-स्तर की समस्याओं की वास्तविक स्थिति ज्ञात होती है
इसी मॉडल को अब पूरे शहर में लागू किया जा रहा है।
नागरिकों ने निगम की पहल को सराहा, स्वच्छता अभियान को मजबूत करने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में नागरिकों ने नगर निगम की इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पारदर्शिता बढ़ती है तथा स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होती है।
कई नागरिकों ने यह भी कहा कि—
- गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण वे अधिक गंभीरता से करेंगे
- आसपास गंदगी फैलाने वालों को जागरूक करेंगे
- स्वच्छता मित्रों के सम्मान और सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदारी निभाएंगे
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय रहवासियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ इंदौर—अपना इंदौर के संकल्प को आगे बढ़ाने का वचन दिया।
निष्कर्ष
वार्ड 76 कनाडिया ग्राम का स्वच्छता चौपाल संवाद न केवल समस्याओं को पहचानने का माध्यम रहा, बल्कि नागरिकों और नगर निगम के बीच एक मजबूत साझेदारी का प्रतीक भी बना।
इस चौपाल ने यह साबित कर दिया कि—
- स्वच्छता तभी टिकाऊ बन सकती है जब नागरिक और प्रशासन साथ मिलकर काम करें
- संवाद से समाधान का मार्ग तेजी से खुलता है
- स्वच्छ भारत और स्वच्छ इंदौर जैसे अभियानों की सफलता सार्वजनिक सहयोग पर निर्भर है
इंदौर नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार होगा और हर वार्ड में नागरिकों को स्वच्छता नीति का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।



