भारत में कैंसर के मामलों में उछाल: दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंचा देश, इस राज्य में सबसे ज्यादा केस | India Cancer Cases Rise | Cancer in India 2025
भारत में कैंसर तेजी से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी ग्लोबल कैंसर ऑब्ज़र्वेटरी (IARC) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि कैंसर मामलों की संख्या में भारत अब दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले चीन और अमेरिका क्रमशः पहले और दूसरे नंबर पर हैं।
भारत दुनिया में कैंसर मामलों में तीसरे स्थान पर — 14 लाख से अधिक मरीज
IARC के अनुसार, भारत में कैंसर के अनुमानित 14,13,316 मरीज हैं, जिनकी दर 98.5 प्रति 1,00,000 जनसंख्या है। इससे ऊपर चीन में 48 लाख से अधिक और अमेरिका में 23 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं।
हाल के वर्षों में भारत में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए नवीनतम आंकड़े इस वृद्धि को बेहद चिंताजनक बताते हैं।
2020 से 2024 के बीच कैंसर मामलों में 10% से अधिक की बढ़ोतरी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कैंसर मरीजों की संख्या में पिछले पाँच वर्षों में भारी उछाल देखा गया है।
वर्ष–दर–वर्ष कैंसर मामलों की संख्या:
- 2020: 13,92,179
- 2021: 14,26,447
- 2022: 14,61,427
- 2023: 14,96,972
- 2024: 15,33,055
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हर साल लाखों नए मरीज जुड़ रहे हैं, और कैंसर अब देश की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बन चुका है।
कौन से राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित? — उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बंगाल शीर्ष पर
जनसंख्या के अनुपात में कैंसर के सबसे अधिक मरीज जिन राज्यों में पाए गए, उनमें उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। इसके बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार का स्थान आता है।
- उत्तर प्रदेश: 2.21 लाख मरीज
- महाराष्ट्र: 1.27 लाख
- पश्चिम बंगाल: 1.18 लाख
- बिहार: 1.15 लाख
इन राज्यों में प्रतिशत वृद्धि अपेक्षाकृत कम दिखती है, लेकिन कुल संख्या काफी अधिक है। इससे देश के बड़े राज्यों पर बढ़ते स्वास्थ्य भार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किन राज्यों में सबसे अधिक उछाल? — छोटे प्रदेशों में तेज़ वृद्धि
जहां बड़ी आबादी वाले राज्यों में मरीजों की कुल संख्या अधिक है, वहीं छोटे केंद्र शासित प्रदेशों में कैंसर की वृद्धि दर बेहद तेज पाई गई है।
सबसे अधिक प्रतिशत बढ़ोतरी वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश:
- दमन: 39.51%
- दादरा और नगर हवेली: 30.09%
- सिक्किम: 26.06%
- लक्षद्वीप: 18.52%
- मणिपुर: 18.48%
इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में भी 10% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
कैंसर बढ़ने की मुख्य वजहें — ICMR ने बताई बड़ी चिंताएँ
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार कैंसर मामलों में बढ़ोतरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
1. जीवनशैली में बदलाव
फास्ट फूड, असंतुलित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि के कारण जोखिम बढ़ रहा है।
2. तंबाकू और शराब का बढ़ता सेवन
भारत में कैंसर से होने वाली मौतों में तंबाकू की भूमिका सबसे अधिक है।
फोकस कीवर्ड: Tobacco Cancer India
3. बढ़ती उम्र और जनसंख्या
उम्रदराज जनसंख्या बढ़ने से कैंसर की घटनाएं स्वाभाविक रूप से बढ़ती हैं।
4. प्रदूषण
विशेषकर बड़े शहरों में वायु प्रदूषण कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल है।
फोकस कीवर्ड: Pollution Cancer Risk India
5. बेहतर स्क्रीनिंग और रिपोर्टिंग
पिछले दशक में कैंसर परीक्षणों में बढ़ोतरी के कारण भी अधिक मरीज सामने आ रहे हैं।
भारत के लिए बढ़ती चुनौती — कैंसर रोकथाम की जरूरत और समाधान
भारत में कैंसर अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक व्यापक स्वास्थ्य आपदा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बड़े कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में इसके मामलों में और तेज़ वृद्धि देखी जा सकती है।
ज़रूरी कदम:
- देशभर में कैंसर स्क्रीनिंग अभियान बढ़ाना
- तंबाकू नियंत्रण कानूनों को सख्ती से लागू करना
- ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार
- लोगों में जागरूकता बढ़ाना
- स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भारत ने समय रहते रणनीतिक कदम उठाए, तो कैंसर मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
निष्कर्ष
भारत में कैंसर के मामलों में लगातार और तेज़ बढ़ोतरी बेहद चिंताजनक है। चाहे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य हों या छोटे केंद्र शासित प्रदेश — लगभग पूरे देश में मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
तंबाकू सेवन, प्रदूषण, बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र आबादी इसके मुख्य कारण हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में यह समय भारत के लिए निर्णायक है — यही वह वक्त है जब जागरूकता, रोकथाम और बेहतर स्वास्थ्य ढांचे में निवेश करके इस महामारी जैसी बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
